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Ambala News: नशा मुक्ति केंद्र के लिए नहीं मिला स्टाफ
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अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र बनने का रास्ता अभी साफ नहीं हो पाया है। विभाग की ओर से एम्स की टीम को खाता भी भेजा गया है। 70 लाख रुपये का बजट भी मंजूर हो गया है लेकिन अभी तक विभाग को केंद्र चलाने के लिए स्टाफ नहीं मिला है। केंद्र को चलाने के लिए चिकित्सकों सहित 20 कर्मचारियों की आवश्यकता है। ये कर्मचारी एम्स की ओर से ही मिलने थे।
अब ऐसे में अगर केंद्र बनकर तैयार भी हो जाए तो उसे चलाने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। बीते वर्ष एम्स की टीम ने सिटी नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए टीबी वार्ड को चुना था। लेकिन इसके बाद इसमें बदलाव किया गया। देरी के चलते अब शुरू में यह केंद्र 10 बिस्तर का बनाया जाएगा। बाद में इसे 16 बिस्तर तक बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया था। अब चुनावों के बाद ही नशा मुक्ति केंद्र की गाड़ी पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
हजारों रुपये लेते हैं निजी केंद्र
जिले में कुल पंजीकृत केंद्रों की संख्या 15 है। इन केंद्रों में परिजनों से मरीज को भर्ती करने के लिए हजारों रुपए वसूले जाते हैं लेकिन केंद्रों को कई बार नियमों की अवहेलना करने पर नोटिस जारी हाे चुके हैं। ऐसे में अगर सरकारी केंद्र बनेगा तो लोगों आर्थिक राहत मिलेगी।
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अभी तक जगह भी नहीं चुनी केंद्र बनाने के लिए ओपीडी का कमरा तो अस्पताल में बना हुआ है। यहां पर रोजाना करीब 100 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं लेकिन केंद्र बनाने के लिए अस्पताल में अभी तक जगह तय नहीं हुई है।
केंद्र खोलने के लिए एम्स ने खाता खोलने के निर्देश दिए थे। जिसे खोल दिया है। अभी तक केंद्र को चलाने के लिए कर्मचारी भी नहीं मिले है। इसलिए केंद्र का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। विभाग निदेशालय की निर्देशों पर ही कार्रवाई कर रहा है।
डॉ़ राकेश सहल, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
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अब ऐसे में अगर केंद्र बनकर तैयार भी हो जाए तो उसे चलाने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। बीते वर्ष एम्स की टीम ने सिटी नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए टीबी वार्ड को चुना था। लेकिन इसके बाद इसमें बदलाव किया गया। देरी के चलते अब शुरू में यह केंद्र 10 बिस्तर का बनाया जाएगा। बाद में इसे 16 बिस्तर तक बढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया था। अब चुनावों के बाद ही नशा मुक्ति केंद्र की गाड़ी पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
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हजारों रुपये लेते हैं निजी केंद्र
जिले में कुल पंजीकृत केंद्रों की संख्या 15 है। इन केंद्रों में परिजनों से मरीज को भर्ती करने के लिए हजारों रुपए वसूले जाते हैं लेकिन केंद्रों को कई बार नियमों की अवहेलना करने पर नोटिस जारी हाे चुके हैं। ऐसे में अगर सरकारी केंद्र बनेगा तो लोगों आर्थिक राहत मिलेगी।
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अभी तक जगह भी नहीं चुनी केंद्र बनाने के लिए ओपीडी का कमरा तो अस्पताल में बना हुआ है। यहां पर रोजाना करीब 100 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं लेकिन केंद्र बनाने के लिए अस्पताल में अभी तक जगह तय नहीं हुई है।
केंद्र खोलने के लिए एम्स ने खाता खोलने के निर्देश दिए थे। जिसे खोल दिया है। अभी तक केंद्र को चलाने के लिए कर्मचारी भी नहीं मिले है। इसलिए केंद्र का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। विभाग निदेशालय की निर्देशों पर ही कार्रवाई कर रहा है।
डॉ़ राकेश सहल, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।