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बजट से कहीं आशा, किसी को मिली निराशा
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अंबाला छावनी में टेलिविजन पर बजट देखते लोग।
- फोटो : Ambala
अंबाला। सत्ता पक्ष ने केंद्र सरकार के बजट की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया। दूसरी ओर, विपक्ष ने बजट को जनता से छलावा करार दिया है। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि बजट में गति शक्ति समावेशी विकास, उत्पादकता में वृद्धि व निवेश, उदीयमान अवसर, ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु कार्य योजना, निवेशों का वित्तपोषण इन प्राथमिकताओं के पूरा होने पर भारत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रों में से एक होगा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रोहित जैन का कहना कि बजट-2022 में कुछ नहीं है, इसमें सिर्फ मोदी सरकार की गलत नीति की झलक है।
बजट पेश होने के साथ ही मध्यम वर्ग व वेतन भोगियों को निराशा हाथ लगी है। वहीं कृषि सुधार क्षेत्र के लिए लागू की गई योजनाओं का किसानों को काफी लाभ मिलने वाला है। इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए टीवी पर चैनलों की संख्या बढ़ाने वाली योजना की शिक्षा से जुड़े लोगों ने सराहना की है। इनकम टैक्स स्लैब में राहत न मिलने से अधिकतर लोग इस बजट से खुश दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं आधारभूत ढांचा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आदि की खूब सराहना की गई है।
पीएम ई-विद्या से वन क्लास, वन टीवी चैनल कार्यक्रम के तहत टीवी चैनल बढ़ाने का बच्चों को बहुत फायदा होगा। इससे बच्चों का जहां मनोरंजन होगा, वहीं बच्चे मनोरंजन के साथ पढ़ाई भी कर सकेंगे।
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- आरसी शर्मा, प्राचार्य, राजकीय स्कूल प्रेमनगर।
सभी राज्यों को कक्षा एक से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करना बेहतरीन कदम है। इससे बच्चे अच्छे से और अपनी भाषा में शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। यह बच्चों के भविष्य में बहुत काम आएगी।
- पूनम, अध्यापक, राजकीय स्कूल।
महंगाई अधिक बढ़ रही है, ऐसे में इनकम टैक्स स्लैब में कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। सरकार को इनकम टैक्स स्लैब में कुछ तो राहत देनी चाहिए थी।
- सुरेंद्र मोहन शर्मा, पूर्व बीईओ, शिक्षा विभाग।
इस बार बजट में केवल इतना है कि अगर किसी की आईटी रिटर्न गलत भर गई है तो जुर्माना देकर ठीक करवा सकते हैं। इसके अलावा बजट में कुछ भी खास नहीं है।
- वागिश शर्मा, सीए।
दुकानदारों के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। कोरोना के कारण दुकानदारों की स्थिति पहले ही पूरी तरह से बिगड़ी हुई है, वहीं इस बजट से उम्मीद थी कि दुकानदारों को कुछ राहत मिलेगी, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
- मनदीप सिंह, दुकानदार।
कपड़ा व जुते चप्पल सस्ते कर दिए हैं। यह काफी हद तक ठीक है, मगर सरकार को कोरोना के कारण बिगड़ी मिक्सी इंडस्ट्री के उत्थान को लेकर भी योजना लागू करनी चाहिए थी।
- सुखदेव कश्यप, मिक्सी व्यापारी।
एमएसपी पर ही फसल की खरीद करने के लिए बजट अलॉट किया है। किसानों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को लागू किया है जोकि किसानों के हित में हैं। ड्रोन प्रणाली का भी लाभ मिलेगा।
- अनिल राणा, किसान।
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बजट पेश होने के साथ ही मध्यम वर्ग व वेतन भोगियों को निराशा हाथ लगी है। वहीं कृषि सुधार क्षेत्र के लिए लागू की गई योजनाओं का किसानों को काफी लाभ मिलने वाला है। इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए टीवी पर चैनलों की संख्या बढ़ाने वाली योजना की शिक्षा से जुड़े लोगों ने सराहना की है। इनकम टैक्स स्लैब में राहत न मिलने से अधिकतर लोग इस बजट से खुश दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं आधारभूत ढांचा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आदि की खूब सराहना की गई है।
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पीएम ई-विद्या से वन क्लास, वन टीवी चैनल कार्यक्रम के तहत टीवी चैनल बढ़ाने का बच्चों को बहुत फायदा होगा। इससे बच्चों का जहां मनोरंजन होगा, वहीं बच्चे मनोरंजन के साथ पढ़ाई भी कर सकेंगे।
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- आरसी शर्मा, प्राचार्य, राजकीय स्कूल प्रेमनगर।
सभी राज्यों को कक्षा एक से 12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में सप्लीमेंट्री शिक्षा प्रदान करना बेहतरीन कदम है। इससे बच्चे अच्छे से और अपनी भाषा में शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। यह बच्चों के भविष्य में बहुत काम आएगी।
- पूनम, अध्यापक, राजकीय स्कूल।
महंगाई अधिक बढ़ रही है, ऐसे में इनकम टैक्स स्लैब में कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। सरकार को इनकम टैक्स स्लैब में कुछ तो राहत देनी चाहिए थी।
- सुरेंद्र मोहन शर्मा, पूर्व बीईओ, शिक्षा विभाग।
इस बार बजट में केवल इतना है कि अगर किसी की आईटी रिटर्न गलत भर गई है तो जुर्माना देकर ठीक करवा सकते हैं। इसके अलावा बजट में कुछ भी खास नहीं है।
- वागिश शर्मा, सीए।
दुकानदारों के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। कोरोना के कारण दुकानदारों की स्थिति पहले ही पूरी तरह से बिगड़ी हुई है, वहीं इस बजट से उम्मीद थी कि दुकानदारों को कुछ राहत मिलेगी, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
- मनदीप सिंह, दुकानदार।
कपड़ा व जुते चप्पल सस्ते कर दिए हैं। यह काफी हद तक ठीक है, मगर सरकार को कोरोना के कारण बिगड़ी मिक्सी इंडस्ट्री के उत्थान को लेकर भी योजना लागू करनी चाहिए थी।
- सुखदेव कश्यप, मिक्सी व्यापारी।
एमएसपी पर ही फसल की खरीद करने के लिए बजट अलॉट किया है। किसानों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं को लागू किया है जोकि किसानों के हित में हैं। ड्रोन प्रणाली का भी लाभ मिलेगा।
- अनिल राणा, किसान।