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डेढ़ साल की मासूम के इलाज के लिए भटकता रहा समाजसेवी

Fri, 29 Jul 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला Updated Fri, 29 Jul 2016 12:32 AM IST
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social worker, runs for child cure, ambala
बच्‍ची का इलाज ‌करते डॉक्टर - फोटो : amar ujala
रेलवे स्टेशन अंबाला कैंट पर अभिभावकों के साथ मिली करीब डेढ़ साल की बच्ची के इलाज के लिए एक समाजसेवी दो दिनों तक सिविल अस्पताल में भटकता रहा। बताया जा रहा है कि अभिभावकों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जबकि वीरवार को इस बच्ची को एडमिट किया गया। लेकिन इसके बाद भी इस समाजसेवी की परेशानियां खत्म नहीं हुईं।  
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यह है मामला 
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से एक दंपति अपनी डेढ़ साल की बच्ची के साथ पड़े थे। एक दो दिनों से बच्ची लगातार रोती रही, जिसपर एक समाजसेवी की नजर पड़ी। इस समाजसेवी बबलू ने देखा कि बच्ची के कईं अंगों में संक्रमण हो गया है और उसकी हालत खराब है। उसने अभिभावकों से बातचीत की, लेकिन वे कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद वह अभिभावकों के साथ बच्ची को लेकर अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में बुधवार सायं करीब छह बजे पहुंचा। इसके बाद से वह लगातार बच्ची के इलाज के लिए भटकता रहा, लेकिन इलाज करवाने में ही उसने परेशानियों को झेला। 
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इलाज के लिए भटकता रहा, पर कोई आगे नहीं आया
समाजसेवी बबलू ने बताया कि बुधवार सायं जब वह सिविल अस्पताल कैंट में बच्ची व उसके अभिभावकों को लेकर पहुंचा। यहां पर पहले तो किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। जब मिन्नतें करने के बाद बच्ची को चेक किया तो कुछ दवाएं दी और उसके बाद बाहर बैठने को कह दिया। काफी देर तक बाहर बैठने के बाद जब कोई नहीं आया तो फिर उसने स्टाफ से बात की, लेकिन उसकी समस्या का हल फिर नहीं हुआ। इसके बाद जब काफी मिन्नतें की तो एक बैड दे दिया। समाजसेवी के अनुसार वीरवार सुबह को डाक्टर तो आया, लेकिन बच्ची को चेक नहीं किया। इसके बाद उसने फिर से बच्ची के इलाज के लिए पूछताछ शुरू की, लेकिन किसी ने भी कुछ नहीं बताया। इसके बाद कुछ अन्य को फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद इस बच्ची को बाल रोग विशेषज्ञ के पास चेक कराया, जिन्होंने बच्ची की हालत को देखते हुए सुबह करीब ग्यारह बजे उसे एडमिट किया। इसी दौरान दोपहर को चिकित्सक ने बच्ची को रेफर करने की बात कही। समाज सेवी का कहना है कि बच्ची के अभिभावक इस हालत में नहीं हैं कि वे उसकी देखभाल कर सकें। अब बच्ची व अभिभावकों के खानपान की जिम्मेदारी भी वही निभा रहा है। फिलहाल बच्ची कैंट सिविल अस्पताल में है और उसका इलाज किया जा रहा है। 
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यह कहते हैं एसएमओ
इस बारे में एसएमओ डॉ. सतीश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बच्ची का इलाज किया जा रहा है और यदि उसे रेफर करने की बात कही है तो कोई कारण होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की परेशानी हुई है तो वे उसे चेक करवाते हैं, जबकि सिविल अस्पताल के चिकित्सकों को निर्देश हैं कि वे मरीज को हर हाल में अटैंड करें। 
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