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शिक्षा के साथ सामाजिक सशक्तीकरण जरूरी
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अंबाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबाग स्कूल में वीरवार को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत नारी सशक्तीकरण विषय पर संवाद हुआ। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ना होगा। उन्हें अपने हक और अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए समाज में अपना स्थान तय करना होगा। इस अभियान के तहत बटरफ्लाई सोशल आर्गेनाइजेशन सोसायटी की महिलाएं शामिल रही। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की जब भी बात की जाती है तब सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक सशक्तीकरण पर चर्चा होती है पर सामाजिक सशक्तीकरण की बात नहीं होती।
महिलाओं को दूसरे दर्जे का नागरिक माना जाता रहा है। उन्हें सिर्फ पुरुषों से ही नहीं, बल्कि जातीय संरचना में भी सबसे पीछे रखा गया है। इन परिस्थितियों में उन्हें राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने की बात बेमानी लगती है, भले ही उन्हें कई कानूनी अधिकार मिल चुके हैं। महिलाओं का जब तक सामाजिक सशक्तीकरण नहीं होगा तब तक वह अपने कानूनी अधिकारों का समुचित उपयोग नहीं कर सकेंगी।
चर्चा के लिए साझा मंच मिलेगा
अपराजिता अभियान के तहत नारी सशक्तीकरण की जो मुहिम शुरू की है उससे समाज में महिलाओं की स्थिति को उजागर किया जा सकेगा। उन्हें पूरी उम्मीद है कि नारी गरिमा का साझा संकल्प लेकर अमर उजाला का यह अभियान नई जागृति लेकर आएगा।
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ममता गोयल, समाजसेवी
शिक्षा कारगर हथियार
शिक्षा एक ऐसा कारगर हथियार है जो सामाजिक विकास की गति को तेज करता है। समानता, स्वतंत्रता के साथ-साथ शिक्षित व्यक्ति अपने कानूनी अधिकारों का बेहतर उपयोग भी करता है और राजनीतिक व आर्थिक रूप से सशक्त भी होता है।
गीता धानी, समाजसेवी
सोच बदलनी होगी
समाज को अपनी नकारात्मक सोच में बदलाव करते हुए महिलाओं के प्रति अपनी सोच को सकारात्मक करते हुए उनकी शिक्षा पर ध्यान देना होगा, क्योंकि शिक्षित समाज ही अपना लक्ष्य निर्धारण कर सकता है और लक्ष्य निर्धारण से ही सशक्तीकरण संभव है।
नीलम जैन, समाजसेवी
लिंगानुपात संतुलन बिगड़ा
अभी भी समाज में लड़कियों के प्रति धारणा सही नहीं है। पेट में ही लड़कियों को मार दिया जाता है। यही कारण है कि लिंगानुपात का संतुलन बिगड़ रहा है। कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों में भी महिलाओं की भूमिका है। हमें कुरीतियों पर नकेल कसनी होगी।
अंजना गोयल, समाजसेवी
शिक्षा पर ध्यान जरूरी
समाज में जो भी कुरीतियां हैं उनको समाप्त करने के लिए बालिका शिक्षा पर अत्यधिक ध्यान देना जरूरी है। समाज में फैली कुरीतियों को नष्ट करने के लिए नारी शिक्षा से अधिक महत्वपूर्ण कोई दूसरी बात नहीं हो सकती। महिलाओं को जागरूक होना होगा।
सरोज गोयल, समाजसेवी
रास्ता दिखाने में समर्थ
महिलाएं अब किसी से कमजोर नहीं हैं। बस उन्हें अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। नारी शिक्षित होती है तो पूरे समाज को नेक रास्ता दिखाने में समर्थ वान होती है। इसलिए बेटियों को शिक्षित बनाना होगा ताकि वे समाज को जागरूक कर सकें।
अंजू गांधी, समाजसेवी
नारी का सम्मान जरूरी
जिस घर में नारी का सम्मान होता है उस घर में देवताओं का वास होता है। यह वेद पुराणों में भी कहा गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने भी कहा है कि यदि नारी शिक्षित हो जाए तो निश्चित ही समाज में कुरीतियों को समाप्त कर सकती है।
पूनम, समाजसेवी
समाज होगा विकसित
बेटियों को जितना ज्यादा शिक्षित किया जाएगा समाज उतना ही ज्यादा विकसित होगा। युवा संस्कार युक्त होंगे। इससे सामाजिक समरसता बढ़ेगी। समाज में बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए जिससे समाज आगे बढ़ सके।
रितू शंकर, समाजसेवी
प्रत्यक्ष लाभ दिखेगा
नारी को शिक्षा दिलाने से दो परिवार ही नहीं, अपितु सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देता है। रूढ़िवादिता में न फंसते हुए समाज के हर व्यक्ति को नारी शिक्षा और नारी सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बेटी शिक्षित होगी तो स्वच्छ समाज का निर्माण होगा।
योगिता गुप्ता, समाजसेवी
अभिभावक जागरूक हों
नारी शिक्षा पर किसी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए। सरकार ने भी निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रखी है। अभिभावकों को जागरूक होना चाहिए, क्योंकि जब नारी शिक्षित हो जाएगी तो निश्चित ही परिवार के सारे संकट हरने में सहायक होगी।
सीमा गुप्ता, समाजसेवी
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महिलाओं को दूसरे दर्जे का नागरिक माना जाता रहा है। उन्हें सिर्फ पुरुषों से ही नहीं, बल्कि जातीय संरचना में भी सबसे पीछे रखा गया है। इन परिस्थितियों में उन्हें राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने की बात बेमानी लगती है, भले ही उन्हें कई कानूनी अधिकार मिल चुके हैं। महिलाओं का जब तक सामाजिक सशक्तीकरण नहीं होगा तब तक वह अपने कानूनी अधिकारों का समुचित उपयोग नहीं कर सकेंगी।
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चर्चा के लिए साझा मंच मिलेगा
अपराजिता अभियान के तहत नारी सशक्तीकरण की जो मुहिम शुरू की है उससे समाज में महिलाओं की स्थिति को उजागर किया जा सकेगा। उन्हें पूरी उम्मीद है कि नारी गरिमा का साझा संकल्प लेकर अमर उजाला का यह अभियान नई जागृति लेकर आएगा।
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ममता गोयल, समाजसेवी
शिक्षा कारगर हथियार
शिक्षा एक ऐसा कारगर हथियार है जो सामाजिक विकास की गति को तेज करता है। समानता, स्वतंत्रता के साथ-साथ शिक्षित व्यक्ति अपने कानूनी अधिकारों का बेहतर उपयोग भी करता है और राजनीतिक व आर्थिक रूप से सशक्त भी होता है।
गीता धानी, समाजसेवी
सोच बदलनी होगी
समाज को अपनी नकारात्मक सोच में बदलाव करते हुए महिलाओं के प्रति अपनी सोच को सकारात्मक करते हुए उनकी शिक्षा पर ध्यान देना होगा, क्योंकि शिक्षित समाज ही अपना लक्ष्य निर्धारण कर सकता है और लक्ष्य निर्धारण से ही सशक्तीकरण संभव है।
नीलम जैन, समाजसेवी
लिंगानुपात संतुलन बिगड़ा
अभी भी समाज में लड़कियों के प्रति धारणा सही नहीं है। पेट में ही लड़कियों को मार दिया जाता है। यही कारण है कि लिंगानुपात का संतुलन बिगड़ रहा है। कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों में भी महिलाओं की भूमिका है। हमें कुरीतियों पर नकेल कसनी होगी।
अंजना गोयल, समाजसेवी
शिक्षा पर ध्यान जरूरी
समाज में जो भी कुरीतियां हैं उनको समाप्त करने के लिए बालिका शिक्षा पर अत्यधिक ध्यान देना जरूरी है। समाज में फैली कुरीतियों को नष्ट करने के लिए नारी शिक्षा से अधिक महत्वपूर्ण कोई दूसरी बात नहीं हो सकती। महिलाओं को जागरूक होना होगा।
सरोज गोयल, समाजसेवी
रास्ता दिखाने में समर्थ
महिलाएं अब किसी से कमजोर नहीं हैं। बस उन्हें अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। नारी शिक्षित होती है तो पूरे समाज को नेक रास्ता दिखाने में समर्थ वान होती है। इसलिए बेटियों को शिक्षित बनाना होगा ताकि वे समाज को जागरूक कर सकें।
अंजू गांधी, समाजसेवी
नारी का सम्मान जरूरी
जिस घर में नारी का सम्मान होता है उस घर में देवताओं का वास होता है। यह वेद पुराणों में भी कहा गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने भी कहा है कि यदि नारी शिक्षित हो जाए तो निश्चित ही समाज में कुरीतियों को समाप्त कर सकती है।
पूनम, समाजसेवी
समाज होगा विकसित
बेटियों को जितना ज्यादा शिक्षित किया जाएगा समाज उतना ही ज्यादा विकसित होगा। युवा संस्कार युक्त होंगे। इससे सामाजिक समरसता बढ़ेगी। समाज में बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए जिससे समाज आगे बढ़ सके।
रितू शंकर, समाजसेवी
प्रत्यक्ष लाभ दिखेगा
नारी को शिक्षा दिलाने से दो परिवार ही नहीं, अपितु सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देता है। रूढ़िवादिता में न फंसते हुए समाज के हर व्यक्ति को नारी शिक्षा और नारी सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बेटी शिक्षित होगी तो स्वच्छ समाज का निर्माण होगा।
योगिता गुप्ता, समाजसेवी
अभिभावक जागरूक हों
नारी शिक्षा पर किसी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए। सरकार ने भी निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रखी है। अभिभावकों को जागरूक होना चाहिए, क्योंकि जब नारी शिक्षित हो जाएगी तो निश्चित ही परिवार के सारे संकट हरने में सहायक होगी।
सीमा गुप्ता, समाजसेवी