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विकास कार्यों की रफ्तार धीमी, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
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अंबाला शहर स्थित निर्माणाधीन लघु सचिवालय
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। शहर में आम लोगों की सुविधाओं के लिए तैयार की जा रही विकास परियोजनाओं का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है। इसके चलते करोड़ों की लागत से बनाई जा रही इन परियोजनाओं का आम लोगों को अभी लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन परियोजनाओं के अधर में लटके होने से जहां लोगों को परेशानियां हो रही हैं वहीं इनकी लागत साल-दर-साल बढ़ती जा रही है।
शहर में लघु सचिवालय, महावीर पार्क, बाल भवन, सिविल अस्पताल समेत कई परियोजनाएं ऐसी हैं जिनका कार्य अभी तक अधर में लटका है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने की निर्धारित तिथि को बीते भी करीब एक साल या इससे भी अधिक का समय हो चुका है। इसके बावजूद भी इनके निर्माण की रफ्तार में तेजी नहीं आ पा रही है। साल दर साल इनकी लागत में इजाफा होता जा रहा है। यह बात अलग है कि धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए प्रशासन की ओर से संबंधित परियोजनाओं का निर्माण कार्य करा रहे ठेेकेदारों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लेकिन संबंधित संस्थाओं पर प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
लघु सचिवालय का कार्य अधूरा होने पर प्रशासन ठेकेदार पर लगाया जुर्माना
शहर में बनाए जा रहे लघु सचिवालय के निर्माण कार्य की गति धीमी होने पर प्रशासन की ओर से संबंधित ठेकेदार पर करीब दो करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से ठेकेदार के अन्य प्रोजेक्टों पर भी जुर्माने लगाए हैं। इसके एवज में संबंधित कंपनी की ओर से प्रशासन के खिलाफ गलत तरीके से जुर्माना लगाने को लेकर कोर्ट में मामला दर्ज किया है। इस मामले में सुनवाई चल रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कार्य की रफ्तार अब और अधिक धीमी हो गई है।
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नवरंग राय तालाब : तीन करोड़ बढ़कर 18 करोड़ हुई लागत
नवरंग राय तालाब के कार्य को तीन करोड़ में पूरा किया जाना था, लेकिन धीरे धीरे इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 18 करोड़ तक पहुंच चुकी हैं। परंतु अभी तक इस कार्य को पूरा नहीं किया गया है। नवरंग राय तालाब की नहीं है बल्कि महावीर पार्क की भी यही स्थिति है। इसे भी करीब 3.5 करोड़ में पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी लागत भी बढ़कर 18 करोड़ से अधिक हो गई है। बावजूद इसके लोगों को पार्क की सौगात नहीं मिली है।
निर्माण कार्य की धीमी गति से काम चलने के कारण लघु सचिवालय के ठेकेदार पर जुर्माना लगा दिया गया है। अन्य परियोजनाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है।
- सुखबीर सिंह, एसई, पीडब्ल्युडी, बीएडंआर।
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शहर में लघु सचिवालय, महावीर पार्क, बाल भवन, सिविल अस्पताल समेत कई परियोजनाएं ऐसी हैं जिनका कार्य अभी तक अधर में लटका है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने की निर्धारित तिथि को बीते भी करीब एक साल या इससे भी अधिक का समय हो चुका है। इसके बावजूद भी इनके निर्माण की रफ्तार में तेजी नहीं आ पा रही है। साल दर साल इनकी लागत में इजाफा होता जा रहा है। यह बात अलग है कि धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए प्रशासन की ओर से संबंधित परियोजनाओं का निर्माण कार्य करा रहे ठेेकेदारों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लेकिन संबंधित संस्थाओं पर प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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लघु सचिवालय का कार्य अधूरा होने पर प्रशासन ठेकेदार पर लगाया जुर्माना
शहर में बनाए जा रहे लघु सचिवालय के निर्माण कार्य की गति धीमी होने पर प्रशासन की ओर से संबंधित ठेकेदार पर करीब दो करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से ठेकेदार के अन्य प्रोजेक्टों पर भी जुर्माने लगाए हैं। इसके एवज में संबंधित कंपनी की ओर से प्रशासन के खिलाफ गलत तरीके से जुर्माना लगाने को लेकर कोर्ट में मामला दर्ज किया है। इस मामले में सुनवाई चल रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कार्य की रफ्तार अब और अधिक धीमी हो गई है।
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नवरंग राय तालाब : तीन करोड़ बढ़कर 18 करोड़ हुई लागत
नवरंग राय तालाब के कार्य को तीन करोड़ में पूरा किया जाना था, लेकिन धीरे धीरे इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 18 करोड़ तक पहुंच चुकी हैं। परंतु अभी तक इस कार्य को पूरा नहीं किया गया है। नवरंग राय तालाब की नहीं है बल्कि महावीर पार्क की भी यही स्थिति है। इसे भी करीब 3.5 करोड़ में पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी लागत भी बढ़कर 18 करोड़ से अधिक हो गई है। बावजूद इसके लोगों को पार्क की सौगात नहीं मिली है।
निर्माण कार्य की धीमी गति से काम चलने के कारण लघु सचिवालय के ठेकेदार पर जुर्माना लगा दिया गया है। अन्य परियोजनाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है।
- सुखबीर सिंह, एसई, पीडब्ल्युडी, बीएडंआर।