फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Slogans raised against the sealing of Jolie packs, expressed anger

जोली पैक्स की सीलिंग के खिलाफ नारेबाजी, जताया रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Slogans raised against the sealing of Jolie packs, expressed anger
नारायणगढ़। जोली पैक्स (दि प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) के कार्यालय को जिला प्रशासन द्वारा सील करने के विरोध में लोगों ने नारेबाजी की। सोमवार को लोगों ने तहसीलदार नारायणगढ़ को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। लोगों ने बताया कि पैक्स को सील करने के बाद कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। इसके चलते बैंक से बुढ़ापा पेंशन, जमा निकासी, रिकवरी सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन

साथ ही धान की रोपाई व अन्य फसलों की बिजाई का काम चल रहा है, लेकिन किसानों को खाद आदि नहीं मिल रही है। बैंक से जुड़े सभी लोग परेशान हैं। ज्ञापन देने आए रणजीत सिंह, गरीब दास, लखमीर सिंह, जसपाल सिंह, रोबिन,दविंदर सिंह, राजेश, विनोद कुमार, मोहन लाल, ज्ञान चंद, संदीप, कर्ण सिंह, प्रदीप आदि ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित व किसान हित में जोली पैक्स की सील खोली जाए। वहीं, सोमवार को सील के विरोध में पैक्स कर्मचारी यूनियन भी कूद पड़ी है।
विज्ञापन

दूसरी ओर, पैक्स कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान दविंद्र राणा ने कहा कि यह गलत तरीका है। पैक्स का ऑडिट होता है। पिछला ऑडिट मार्च 2021 में हुआ था। इसमें अनियमितता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यदि सरकार के पास कोई शिकायत है तो बैंक का रिकॉर्ड लेकर निष्पक्ष जांच की जा सकती है। पैक्स से जुड़े सदस्यों ने बताया कि बैंक की रिकवरी चल रही है। इसकी अंतिम तिथि 30 जून है। किसान अपना लेनदेन करने बैंक जा रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो रहा है। 30 जून के बाद ऋण वाले किसान डिफाल्टर हो जाएंगे। उन्हें 12 से 13 प्रतिशत की दर से ब्याज देना पड़ेगा, जबकि अभी कोई ब्याज नहीं है, क्योंकि ब्याज सरकार ही दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सात गांवों के बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाएं परेशान
जोली पैक्स से जुड़े दर्जनों लोग नारायणगढ़ लघु सचिवालय पहुंचे। वे उप मंडल अधिकारी (नागरिक) से मिलना चाहते थे, लेकिन एसडीएम के अवकाश पर होने के चलते पैक्स के सदस्य तहसीलदार से मिले। लोगों का कहना था कि पैक्स से 14 गांव जुड़े हुए हैं और हजारों लोगों का लेनदेन होता है। वहीं, सात गांवों के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों को प्रति माह पेंशन भी इसी बैंक से मिलती है जो सीलिंग के बाद प्रभावित हुई है। लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए पैसे की जरूरत है और लोग बैंक में जाते भी हैं, लेकिन परेशान होकर लौट आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed