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Ambala News: श्रद्धालुओं को भा रहे सिलिकॉन के न्यू बोर्न बेबी कान्हा जी
Fri, 04 Sep 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:31 AM IST
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सिलिकॉन में श्रृंगार के साथ राधा कृष्ण की जोड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कान्हा जी की पारंपरिक मूर्तियों के साथ-साथ बाजार में आधुनिक और जीवंत रूप वाली सिलिकॉन मूर्तियों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। तांबे, पीतल, कांसे, अष्टधातु और फाइबर की मूर्तियों के बीच श्रद्धालु सबसे ज्यादा श्रीकृष्ण-राधा की सिलिकॉन से बनी मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं। सिलिकाॅन वाले कान्हा जी का स्वरूप आठ इंच से लेकर 22 इंच तक के स्वरूप में आ रहे हैं।
बाजार में सबसे खास आकर्षण सिलिकॉन से तैयार किए गए न्यू बोर्न बेबी कान्हा जी हैं, जो देखने में बिल्कुल वास्तविक नवजात शिशु की तरह प्रतीत होते हैं। इनकी स्पर्श और बनावट श्रद्धालुओं को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है। श्रद्धालुओं द्वारा नौ इंच से लेकर डेढ़ फीट तक की राधा-कृष्ण की सिलिकॉन मूर्तियों को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है। मुकुट, हार और आकर्षक रेशमी व जरीदार पोशाक में सजे बाल गोपाल श्रद्धालुओं के दिलों को भा रहे हैं।
दुकानदार विशाल गुप्ता ने बताया कि उनके पास राधा-कृष्ण जोड़ी सिलिकॉन में शृंगार और आकर्षक वेशभूषा के साथ सजी राधा-कृष्ण की मूर्तियां 1,000 रुपये से 5,000 रुपये में मिल रही हैं, जबकि विशेष राधारानी का पूरा शृंगार युक्त सेट 11,000 रुपये तक में बिक रहा है। पीतल की मूर्तियां में पारंपरिक पीतल के कान्हा जी का आकर्षण अब भी कायम है। बाजार में पीतल की छोटी मूर्तियों की शुरुआती कीमत 1,000 रुपये है, जो भारी और नक्काशीदार स्वरूपों के लिए 40,000 रुपये तक जा रही है।
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500 से 40,000 रुपये तक की मूर्तियां
बाजार में हर वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए मूर्तियां उपलब्ध हैं। सिलिकॉन कान्हा जी में न्यू बोर्न बेबी स्वरूप मात्र 500 रुपये से शुरू है। वहीं 18 इंच के कान्हा जी 2,200 रुपये, 22 इंच के 3,500 रुपये और प्रीमियम रेंज 5,100 रुपये तक में उपलब्ध है।
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अंबाला। कान्हा जी की पारंपरिक मूर्तियों के साथ-साथ बाजार में आधुनिक और जीवंत रूप वाली सिलिकॉन मूर्तियों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। तांबे, पीतल, कांसे, अष्टधातु और फाइबर की मूर्तियों के बीच श्रद्धालु सबसे ज्यादा श्रीकृष्ण-राधा की सिलिकॉन से बनी मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं। सिलिकाॅन वाले कान्हा जी का स्वरूप आठ इंच से लेकर 22 इंच तक के स्वरूप में आ रहे हैं।
बाजार में सबसे खास आकर्षण सिलिकॉन से तैयार किए गए न्यू बोर्न बेबी कान्हा जी हैं, जो देखने में बिल्कुल वास्तविक नवजात शिशु की तरह प्रतीत होते हैं। इनकी स्पर्श और बनावट श्रद्धालुओं को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रही है। श्रद्धालुओं द्वारा नौ इंच से लेकर डेढ़ फीट तक की राधा-कृष्ण की सिलिकॉन मूर्तियों को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है। मुकुट, हार और आकर्षक रेशमी व जरीदार पोशाक में सजे बाल गोपाल श्रद्धालुओं के दिलों को भा रहे हैं।
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दुकानदार विशाल गुप्ता ने बताया कि उनके पास राधा-कृष्ण जोड़ी सिलिकॉन में शृंगार और आकर्षक वेशभूषा के साथ सजी राधा-कृष्ण की मूर्तियां 1,000 रुपये से 5,000 रुपये में मिल रही हैं, जबकि विशेष राधारानी का पूरा शृंगार युक्त सेट 11,000 रुपये तक में बिक रहा है। पीतल की मूर्तियां में पारंपरिक पीतल के कान्हा जी का आकर्षण अब भी कायम है। बाजार में पीतल की छोटी मूर्तियों की शुरुआती कीमत 1,000 रुपये है, जो भारी और नक्काशीदार स्वरूपों के लिए 40,000 रुपये तक जा रही है।
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500 से 40,000 रुपये तक की मूर्तियां
बाजार में हर वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए मूर्तियां उपलब्ध हैं। सिलिकॉन कान्हा जी में न्यू बोर्न बेबी स्वरूप मात्र 500 रुपये से शुरू है। वहीं 18 इंच के कान्हा जी 2,200 रुपये, 22 इंच के 3,500 रुपये और प्रीमियम रेंज 5,100 रुपये तक में उपलब्ध है।

सिलिकॉन में श्रृंगार के साथ राधा कृष्ण की जोड़ी। संवाद

सिलिकॉन में श्रृंगार के साथ राधा कृष्ण की जोड़ी। संवाद