अंबाला सिटी। सनातन धर्म को संरक्षित करने एवं सनातन वैज्ञानिक शिक्षा पद्धति को पुनः जीवंत रूप देने के उद्देश्य से शहर में श्री विद्या वेद विज्ञान गुरुकुलम का सार्वजनिक उद्घाटन मुख्यातिथि विधायक असीम गोयल ने किया। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था का आधार गुरुकुल पद्धति हुआ करती थी, जिसे अंग्रेजों ने नीतिगत ढंग से समाप्त कर दिया था। गुरुकुल के संरक्षक स्वामी डाॅ. वागीश स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि भारतीय प्राचीन वैज्ञानिक शिक्षा को आज के युवा वर्ग में पोषित करने के लिए इस गुरुकुल का आरंभ किया गया है। इस गुरुकुल में विद्यार्थी एक आधुनिक बालक की तरह कंप्यूटर, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी आदि विषयों को पढने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय वेदों का विज्ञान भी समझेंगे। यहां विद्यार्थी प्रतिदिन यज्ञ ध्यान, योग, व्यायाम करेंगे और चरित्रवान, बलवान, प्रज्ञावान बनेंगे। कार्यक्रम अध्यक्ष संजय रूंगटा ने कहा कि आज की आधुनिक शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित रह गई है। जिसमें तनाव और गैर जरूरी प्रतिस्पर्धा अधिक है। सनातन धर्म के अध्यक्ष और गुरुकुल के मुख्य शिल्पकार नरेश अग्रवाल ने सनातन धर्म के विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी देते हुए गुरुकुल शिक्षा को सभी समस्याओं का सटीक समाधान बताया। गुरुकुल में सभी सुविधाएं निशुल्क होंगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी गिरधारी लाल रहे। कार्यक्रम में गुरुकुल प्रबंध समिति के कुलभूषण गोयल, मुकेश जिंदल, मुकेश सिंगला, अश्वनी अग्रवाल, रवि अग्रवाल, जय गोपाल, विनोद बंसल, सनातन धर्म सभा के सोहनलाल कपूर, अरविंद कुमार लक्की और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सतीश गुप्ता, प्रेम लूथरा, देवी राम, मुकेश एबट, चमन लाल, पंडित सुमन पांडे, अश्वनी पाराशर और अन्य उपस्थित रहे।