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दुकानें खुलीं पर ग्राहकों का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जैन बाजार के नाम से प्रसिद्ध मार्केट के 100 दुकानदार इन दिनों मंदी की मार झेल रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो पिछले एक महीने में लॉकडाउन के कारण एक से डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक का नुकसान झेल चुके हैं। अब लॉकडाउन खुलने के साथ ही दुकानदारों में उम्मीद जगी है कि उन्हें जो नुकसान हुआ है उसकी शायद अब भरपाई हो सके। लेकिन अब ग्राहकों की कम संख्या इनके लिए परेशानी का सबक बन गई है। हालांकि जैन बाजार एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। जिससे बाजार में आया हुआ ग्राहक अपने आपको कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे और बिना डर के खरीदारी कर सके। इस बाजार में बैग, कपड़े, मेकअप के सामान, ज्वेलर, फुटवियर और किराना स्टोर, रेडीमेड गारमेंट व ऊन इत्यादि की दुकानें हैं।
यह बोले दुकानदार
पूरा मई माह दुकानें बंद रही, फिर ऑड-ईवन के तहत दुकानें खुली। लेकिन अब सरकार ने दोनों तरफ की दुकानें खोलने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों को देखकर काफी राहत मिली है। अब थोड़ी उम्मीद जगी है। शायद कारोबार पटरी पर आ जाए। -अमृत लाल जैन, ऊन दुकानदार।
हमने तो अपने सभी कर्मियों को भी कह रखा है कि वह हमेशा मास्क पहनकर रखें। खासकर तब जब दुकान में ग्राहक प्रवेश करें। क्योंकि ग्राहक भी दुकान में तभी आएगा। जब वह अपने आप को कोरोना से सुरक्षित महसूस करेगा। - गणित जैन, कपड़ा।
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लॉकडाउन के कारण सभी दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा है। अब जब दुकानें खुली हैं तो उम्मीद है कि उस नुकसान की थोड़ी बहुत भरपाई हो सकेगी। ग्राहक मार्केट में अधिक से अधिक संख्या में आए इसके लिए कोरोना नियमों का पालन कर रहे हैं। - रोहित, कॉस्मेटिक दुकानदार।
दुकानदारी तो मंदी चल ही रही है। इसमें क्या कर सकते हैं, हम तो भगवान से प्रार्थना कर रहे है कि दुकानदारी एक बार फिर पटरी पर आए और दुकानदारों को इस मंदी के दौर से थोड़ी राहत मिले। - कीमती लाल, कॉस्मेटिक दुकानदार।
पिछले साल हुए लॉकडाउन के घाटे से अभी तक उभरे नहीं थे कि दोबारा से कोरोना के कारण लॉकडाउन लगाना पड़ गया। इस कारण पिछले साल जो थोड़ी बहुत की कसर थी वह इस बार के लॉकडाउन ने पूरी कर दी। - प्रेम चंद, बैग कारोबारी
3 मई के बाद आज पूरा बाजार खुला है। बस भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि दोबारा लॉकडाउन करने जैसे नौबत न आए। आस है कि मार्केट की स्थिति ठीक हो जाएगी। हम ग्राहकों की सुरक्षा को देखते हुए नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं। -पीयूष जैन, कॉस्मेटिक दुकानदार।
कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना और एहतियात बरतना हमारा कर्तव्य है। हम अपनी ओर से पूरी तरह से कोरोना नियमों का पालन कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण जो नुकसान हुआ है, उम्मीद करते हैं अब उसकी भरपाई हो जाए। - विरेंद्र जैन, कपड़ा कारोबारी।
लॉकडाउन के कारण स्थिति ऐसी पैदा हो गई थी कि हम दुकानदार चाह भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। सरकार ने जैसे ही आदेश जारी किए कि ऑड-ईवन को खत्म कर दिया है। काफी राहत ली है बस अब मार्केट में ग्राहकों के आने का इंतजार है। - हेमंत जैन, कपड़ा कारोबारी।
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अंबाला सिटी। जैन बाजार के नाम से प्रसिद्ध मार्केट के 100 दुकानदार इन दिनों मंदी की मार झेल रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो पिछले एक महीने में लॉकडाउन के कारण एक से डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक का नुकसान झेल चुके हैं। अब लॉकडाउन खुलने के साथ ही दुकानदारों में उम्मीद जगी है कि उन्हें जो नुकसान हुआ है उसकी शायद अब भरपाई हो सके। लेकिन अब ग्राहकों की कम संख्या इनके लिए परेशानी का सबक बन गई है। हालांकि जैन बाजार एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। जिससे बाजार में आया हुआ ग्राहक अपने आपको कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे और बिना डर के खरीदारी कर सके। इस बाजार में बैग, कपड़े, मेकअप के सामान, ज्वेलर, फुटवियर और किराना स्टोर, रेडीमेड गारमेंट व ऊन इत्यादि की दुकानें हैं।
यह बोले दुकानदार
पूरा मई माह दुकानें बंद रही, फिर ऑड-ईवन के तहत दुकानें खुली। लेकिन अब सरकार ने दोनों तरफ की दुकानें खोलने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों को देखकर काफी राहत मिली है। अब थोड़ी उम्मीद जगी है। शायद कारोबार पटरी पर आ जाए। -अमृत लाल जैन, ऊन दुकानदार।
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हमने तो अपने सभी कर्मियों को भी कह रखा है कि वह हमेशा मास्क पहनकर रखें। खासकर तब जब दुकान में ग्राहक प्रवेश करें। क्योंकि ग्राहक भी दुकान में तभी आएगा। जब वह अपने आप को कोरोना से सुरक्षित महसूस करेगा। - गणित जैन, कपड़ा।
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लॉकडाउन के कारण सभी दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा है। अब जब दुकानें खुली हैं तो उम्मीद है कि उस नुकसान की थोड़ी बहुत भरपाई हो सकेगी। ग्राहक मार्केट में अधिक से अधिक संख्या में आए इसके लिए कोरोना नियमों का पालन कर रहे हैं। - रोहित, कॉस्मेटिक दुकानदार।
दुकानदारी तो मंदी चल ही रही है। इसमें क्या कर सकते हैं, हम तो भगवान से प्रार्थना कर रहे है कि दुकानदारी एक बार फिर पटरी पर आए और दुकानदारों को इस मंदी के दौर से थोड़ी राहत मिले। - कीमती लाल, कॉस्मेटिक दुकानदार।
पिछले साल हुए लॉकडाउन के घाटे से अभी तक उभरे नहीं थे कि दोबारा से कोरोना के कारण लॉकडाउन लगाना पड़ गया। इस कारण पिछले साल जो थोड़ी बहुत की कसर थी वह इस बार के लॉकडाउन ने पूरी कर दी। - प्रेम चंद, बैग कारोबारी
3 मई के बाद आज पूरा बाजार खुला है। बस भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि दोबारा लॉकडाउन करने जैसे नौबत न आए। आस है कि मार्केट की स्थिति ठीक हो जाएगी। हम ग्राहकों की सुरक्षा को देखते हुए नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं। -पीयूष जैन, कॉस्मेटिक दुकानदार।
कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना और एहतियात बरतना हमारा कर्तव्य है। हम अपनी ओर से पूरी तरह से कोरोना नियमों का पालन कर रहे हैं। लॉकडाउन के कारण जो नुकसान हुआ है, उम्मीद करते हैं अब उसकी भरपाई हो जाए। - विरेंद्र जैन, कपड़ा कारोबारी।
लॉकडाउन के कारण स्थिति ऐसी पैदा हो गई थी कि हम दुकानदार चाह भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। सरकार ने जैसे ही आदेश जारी किए कि ऑड-ईवन को खत्म कर दिया है। काफी राहत ली है बस अब मार्केट में ग्राहकों के आने का इंतजार है। - हेमंत जैन, कपड़ा कारोबारी।