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Ambala News: शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों का नहीं निशाने का जवाब
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नेशनल लैवल का शूटर आदित्य
अंशु शर्मा
अंबाला। अंबाला के शूटरों का डंका आज पूरे विश्वभर में बज रहा है। चाहे वह ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले धीन गांव निवासी सरबजोत हों या शूटिंग की वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन पर रहने वाले जग्गी कॉलोनी के आदित्य। इसके अलावा भी दर्जनों खिलाड़ी अंबाला का नाम रोशन कर रहे हैं।
इन सभी शूटरों की फौज अंबाला छावनी के फोनिक्स क्लब में चल रही शूटिंग अकादमी में तैयार हो रही है। इतना ही नहीं इस अकादमी में मेरठ, यूपी, सहारनपुर, करनाल, पानीपत, पिंजौर, पंजाब मोहाली से भी खिलाड़ी अपने निशाने को सटीक बनाने के लिए घंटों पसीना बहा रहे हैं। सभी का सपना ओलंपिक में स्वर्ण पर निशाना लगाना है। चाहे फिर उसके लिए कितनी भी मेहनत व संघर्ष क्यूं न करना पड़े। अकादमी में रोजाना सुबह व शाम दर्जनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
फोटो नंबर - 1
ऑल इंडिया में सबसे सटीक निशानेबाज है आदित्य
आदित्य ने बताया कि वह डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ सेक्टर-10 का छात्र है और पिछले सात साल से शूटिंग कर रहा हूं। सबसे पहले 2018 में ग्यारहवीं कक्षा में रहते हुए देहरादून में आयोजित नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। सात बार नेशनल में पदक हासिल कर चुका है। इनमें से पांच गोल्ड और एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल कर चुका हूं। 50 मीटर पिस्टल में सबसे ज्यादा स्कोर तैयार कर नेशनल में रिकॉर्ड दर्ज किया था। ऑल इंडिया 10 मीटर एयर पिस्टल में रैंक वन पर चल रहा हूं। अब इंटरनेशनल लैवल पर खेलने का मौका मिलेगा।
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फोटो नंबर - 8
ओलंपिक का कोटा मिला, अब स्वर्ण पदक पर निशाना
धीन गांव निवासी सरबजोत ने बताया कि 2012 को सरबजोत के स्कूल में एक कैंप लगा था और उसमें पहली बार निशाना लगाया था। तभी से ललक बढ़ गई। 2016 में गांव से अंबाला कैंट के फोनिक्स क्लब की शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। तभी से पदक हासिल करने का सिलसिला शुरू हो गया। अभी तक करीब 25 पदक हासिल कर चुका हूं। हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में चल रहे आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले ओलंपिक का पहला शूटिंग कोटा भी हासिल कर चुका हूं। अब केवल स्वर्ण पर ही निशाना लगाना है।
फोटो नंबर - 2
अबकी बार फिर नेशनल की तैयारी
प्रभु प्रेम पुरम निवासी 12 वर्षीय खुशी ने बताया कि पांच साल से शूटिंग का प्रशिक्षण ले रही हूं। 2023 में भोपाल में होने वाले नेशनल लिया था लेकिन पदक से चूक गई। 2024 में 11 जून को होने वाली नेशनल की तैयारी कर रही हूं। अबकी बार निशाना पदक पर रहेगा।
फोटो नंबर - 3
ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाना है सपना
कैंट के श्याम नगर निवासी 13 वर्षीय जयंतिका भारद्वाज ने कहा कि दो साल से प्रशिक्षण ले रही हूं। अबकी बार 11 जून को होने वाले नेशनल में जाना है और बेहतरीन प्रदर्शन करना है। उसकी तैयारी के लिए सुबह शाम तैयारी कर रही हूं। सपना ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाना है और उसी की तैयारी कर रही हूं।
फोटो नंबर - 4
चार साल से खेल रहा हूं नेशनल
सिटी के जग्गी कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय अजय कुमार ने बताया कि वह चार साल से नेशनल खेल रहा हूं। आगे भी अपने निशाने को और ज्यादा सटीक करने पर काम कर रहा हूं, जिससे कि ऑल इंडिया में अव्वल आ सके और इंटरनेशनल लेवल भी शानदार प्रदर्शन करे। पिता सतबीर भी रेसलिंग में नेशनल मेडलिस्ट है। उन्हीं से खेल के लिए प्रेरित हूं।
फोटो नंबर - 5
वर्जन
पढ़ाई के साथ-साथ खेल का होना भी बेहद जरूरी है। बेटे सरबजोत को ओलंपिक कोटा हासिल होने पर बेहद खुशी है। अच्छा लगता है कि जब बेटे से दूसरे खिलाड़ी प्रेरित होकर आगे बढ़ रहे हैं। सभी अपने बच्चों को खेल के लिए आगे बढ़ाएं।
जितेंद्र सिंह, अभिभावक
फोटो नंबर - 6
पिछले साल 25 खिलाड़ी हुए थे नेशनल में चयनित
शूटिंग में खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा होता जा रहा है। अकादमी से इंटरनेशनल लैवल के साथ-साथ दर्जनों नेशनल लेवल के बेहतरीन खिलाड़ी है। पिछले साल ही 25 खिलाड़ी नेशनल के लिए चयनित हुए थे। अकादमी में केवल अंबाला ही नहीं बल्कि पंजाब, यूपी और हरियाणा से खिलाड़ी आ रहे हैं।
गौरव, शूटिंग कोच, अंबाला
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अंबाला। अंबाला के शूटरों का डंका आज पूरे विश्वभर में बज रहा है। चाहे वह ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले धीन गांव निवासी सरबजोत हों या शूटिंग की वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन पर रहने वाले जग्गी कॉलोनी के आदित्य। इसके अलावा भी दर्जनों खिलाड़ी अंबाला का नाम रोशन कर रहे हैं।
इन सभी शूटरों की फौज अंबाला छावनी के फोनिक्स क्लब में चल रही शूटिंग अकादमी में तैयार हो रही है। इतना ही नहीं इस अकादमी में मेरठ, यूपी, सहारनपुर, करनाल, पानीपत, पिंजौर, पंजाब मोहाली से भी खिलाड़ी अपने निशाने को सटीक बनाने के लिए घंटों पसीना बहा रहे हैं। सभी का सपना ओलंपिक में स्वर्ण पर निशाना लगाना है। चाहे फिर उसके लिए कितनी भी मेहनत व संघर्ष क्यूं न करना पड़े। अकादमी में रोजाना सुबह व शाम दर्जनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
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फोटो नंबर - 1
ऑल इंडिया में सबसे सटीक निशानेबाज है आदित्य
आदित्य ने बताया कि वह डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ सेक्टर-10 का छात्र है और पिछले सात साल से शूटिंग कर रहा हूं। सबसे पहले 2018 में ग्यारहवीं कक्षा में रहते हुए देहरादून में आयोजित नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। सात बार नेशनल में पदक हासिल कर चुका है। इनमें से पांच गोल्ड और एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल कर चुका हूं। 50 मीटर पिस्टल में सबसे ज्यादा स्कोर तैयार कर नेशनल में रिकॉर्ड दर्ज किया था। ऑल इंडिया 10 मीटर एयर पिस्टल में रैंक वन पर चल रहा हूं। अब इंटरनेशनल लैवल पर खेलने का मौका मिलेगा।
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फोटो नंबर - 8
ओलंपिक का कोटा मिला, अब स्वर्ण पदक पर निशाना
धीन गांव निवासी सरबजोत ने बताया कि 2012 को सरबजोत के स्कूल में एक कैंप लगा था और उसमें पहली बार निशाना लगाया था। तभी से ललक बढ़ गई। 2016 में गांव से अंबाला कैंट के फोनिक्स क्लब की शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। तभी से पदक हासिल करने का सिलसिला शुरू हो गया। अभी तक करीब 25 पदक हासिल कर चुका हूं। हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में चल रहे आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले ओलंपिक का पहला शूटिंग कोटा भी हासिल कर चुका हूं। अब केवल स्वर्ण पर ही निशाना लगाना है।
फोटो नंबर - 2
अबकी बार फिर नेशनल की तैयारी
प्रभु प्रेम पुरम निवासी 12 वर्षीय खुशी ने बताया कि पांच साल से शूटिंग का प्रशिक्षण ले रही हूं। 2023 में भोपाल में होने वाले नेशनल लिया था लेकिन पदक से चूक गई। 2024 में 11 जून को होने वाली नेशनल की तैयारी कर रही हूं। अबकी बार निशाना पदक पर रहेगा।
फोटो नंबर - 3
ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाना है सपना
कैंट के श्याम नगर निवासी 13 वर्षीय जयंतिका भारद्वाज ने कहा कि दो साल से प्रशिक्षण ले रही हूं। अबकी बार 11 जून को होने वाले नेशनल में जाना है और बेहतरीन प्रदर्शन करना है। उसकी तैयारी के लिए सुबह शाम तैयारी कर रही हूं। सपना ओलंपिक में पदक पर निशाना लगाना है और उसी की तैयारी कर रही हूं।
फोटो नंबर - 4
चार साल से खेल रहा हूं नेशनल
सिटी के जग्गी कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय अजय कुमार ने बताया कि वह चार साल से नेशनल खेल रहा हूं। आगे भी अपने निशाने को और ज्यादा सटीक करने पर काम कर रहा हूं, जिससे कि ऑल इंडिया में अव्वल आ सके और इंटरनेशनल लेवल भी शानदार प्रदर्शन करे। पिता सतबीर भी रेसलिंग में नेशनल मेडलिस्ट है। उन्हीं से खेल के लिए प्रेरित हूं।
फोटो नंबर - 5
वर्जन
पढ़ाई के साथ-साथ खेल का होना भी बेहद जरूरी है। बेटे सरबजोत को ओलंपिक कोटा हासिल होने पर बेहद खुशी है। अच्छा लगता है कि जब बेटे से दूसरे खिलाड़ी प्रेरित होकर आगे बढ़ रहे हैं। सभी अपने बच्चों को खेल के लिए आगे बढ़ाएं।
जितेंद्र सिंह, अभिभावक
फोटो नंबर - 6
पिछले साल 25 खिलाड़ी हुए थे नेशनल में चयनित
शूटिंग में खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा होता जा रहा है। अकादमी से इंटरनेशनल लैवल के साथ-साथ दर्जनों नेशनल लेवल के बेहतरीन खिलाड़ी है। पिछले साल ही 25 खिलाड़ी नेशनल के लिए चयनित हुए थे। अकादमी में केवल अंबाला ही नहीं बल्कि पंजाब, यूपी और हरियाणा से खिलाड़ी आ रहे हैं।
गौरव, शूटिंग कोच, अंबाला

नेशनल लैवल का शूटर आदित्य

नेशनल लैवल का शूटर आदित्य

नेशनल लैवल का शूटर आदित्य

नेशनल लैवल का शूटर आदित्य

नेशनल लैवल का शूटर आदित्य