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अंबाला में बारिश ने उजाड़े किसानों के अरमान, कई एकड़ शिमला मिर्च की फसल बर्बाद
Thu, 25 Jul 2019 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 01:18 AM IST
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शिमला मिर्च की फसल बर्बाद
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शहर का ज्यादातर एरिया धान की फसल के लिए जाना जाता है, लेकिन दुराना, मोहड़ा, धन्यौड़ा, धन्यौड़ी, अफजैलपुर ऐसे गांव हैं जो सब्जी उगाने के लिए जाने जाते हैं। इन गांवों में किसान मौसमी सब्जियां उगाते हैं। इस क्षेत्र में बारिश ने किसानों की सैकड़ों एकड़ शिमला मिर्च, लौंगी मिर्च, घिया और कद्दू की फसल नष्ट कर दी है।
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किसानों का कहना कि उनके एरिया में इस मौसम में ज्यादातर किसान शिमला मिर्च लगाते हैं। शिमला मिर्च के फल की शुरुआत होने तक उनका प्रति एकड़ 75 से 80 हजार रुपये तक खर्च हो जाता है। फसल सही सलामत पूरी अवधि तक चल जाए तो वह प्रति एकड़ 3 से 4 लाख रुपये तक हो सकती है। लेकिन, अबकी बार मानसून की पहली ही बारिश उनके लिए आफत बनकर आई। किसानों ने कहा कि अभी एक महीना और शिमला मिर्च की फसल के चलने का समय था।
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किसान हरपाल सिंह, रामेश्वर, कुलवंत सिंह, दिलबाग आदि का कहना कि उनके गांव दुराना में हर रोज कलकत्ता से सब्जी की खरीदारी करने के लिए व्यापारी आते हैं, जो उनकी सब्जी को खेत से ही नकद रुपये देकर उठाते हैं। लेकिन इस बार बारिश से उनकी लगभग 135 एकड़ मिर्च की फसल नष्ट हुई है। इसके साथ ही अन्य सब्जियां भी खराब हो गई हैं। यहां के लोग मिर्च की फसल से हर वर्ष लाखों का मुनाफा कमाते थे लेकिन इस बार उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। फसल नष्ट होने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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नहीं होता फसल बीमा
किसानों ने बताया कि धान और गेहूं की तरह सब्जियों का भी सरकार को बीमा करना चाहिए ताकि फसल नष्ट होने पर उन्हें मुआवजा मिल सके। फसल बीमा न होने के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। किसानों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि सब्जियों के फसल बीमे के बारे में भी सरकार को कंपनियों के कर्मचारियों से सर्वे करवाना चाहिए ताकि भविष्य में यदि फसल नष्ट हो तो उन्हें मुआवजा मिल सके।
किस गांव में सब्जियों का कितना है नुकसान
गांव नुकसान (लाखों में)
दुराना 90
धन्यौड़ा 35
धन्यौडी 20
अफजैलपुर 10