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Ambala News: नगर निगम को झटका, सील प्रॉपर्टी को डी-सील करने का आदेश
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नगर निगम अंबाला की ओर से अवैध निर्माण के नाम पर की गई सीलिंग की कार्रवाई पर मंडलायुक्त कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने निगम के आदेशों को नियम विरुद्ध और अवैध करार देते हुए खसरा नंबर 319, पालिका विहार स्थित विवादित प्रॉपर्टी को तुरंत डी-सील करने के आदेश जारी किए हैं।
कोर्ट ने निगम के 2021 के आदेश को असंगत बताते हुए रद्द कर दिया और संपत्ति को तुरंत खोलने का आदेश दिया। अपीलार्थी भूपिन्द्र सिंह ने नगर निगम के 5 जनवरी 2021 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके व्यावसायिक भवन (ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर) को सील कर दिया गया था। निगम का तर्क था कि यह निर्माण बिना नक्शा पास कराए और बिना अनुमति के किया गया है, जो हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 263-ए का उल्लंघन है।
मंडलायुक्त का सख्त फैसला
मंडलायुक्त ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि नगर निगम ने निर्धारित 60 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे प्रार्थी को निर्माण का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संपत्ति को तीन महीने से अधिक समय तक अनिश्चितकाल के लिए सील नहीं रखा जा सकता।
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अंबाला सिटी। नगर निगम अंबाला की ओर से अवैध निर्माण के नाम पर की गई सीलिंग की कार्रवाई पर मंडलायुक्त कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने निगम के आदेशों को नियम विरुद्ध और अवैध करार देते हुए खसरा नंबर 319, पालिका विहार स्थित विवादित प्रॉपर्टी को तुरंत डी-सील करने के आदेश जारी किए हैं।
कोर्ट ने निगम के 2021 के आदेश को असंगत बताते हुए रद्द कर दिया और संपत्ति को तुरंत खोलने का आदेश दिया। अपीलार्थी भूपिन्द्र सिंह ने नगर निगम के 5 जनवरी 2021 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके व्यावसायिक भवन (ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर) को सील कर दिया गया था। निगम का तर्क था कि यह निर्माण बिना नक्शा पास कराए और बिना अनुमति के किया गया है, जो हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 263-ए का उल्लंघन है।
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मंडलायुक्त का सख्त फैसला
मंडलायुक्त ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि नगर निगम ने निर्धारित 60 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे प्रार्थी को निर्माण का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संपत्ति को तीन महीने से अधिक समय तक अनिश्चितकाल के लिए सील नहीं रखा जा सकता।
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