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Ambala News: चार भैंसों को खोने वाले अमित को एसडीएम ने सौंपा 1 लाख का चेक
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सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई राशि का चैक अमित को सौंपते एसडीएम अजय हुड्डा
कलायत। गांव बालू रापडिय़ा पट्टी के पीड़ित पशुपालक अमित कुमार के लिए सरकारी सहायता और सामाजिक एकजुटता बड़ी राहत बनकर सामने आई है। करीब दो माह पूर्व जहरीला पदार्थ निगलने से अपनी चार कीमती भैंसों को खोने वाले अमित कुमार को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उपमंडल अधिकारी अजय हुड्डा ने अपने कार्यालय में अमित को एक लाख रुपये का चेक भेंट किया।
ग्राम पंचायत जुलानी खेड़ा के सरपंच नरेंद्र ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि करीब दो महीने पहले अमित कुमार की चार भैंसों की जहरीला पदार्थ खाने से अचानक मौत हो गई थी। मृत पशुओं की कुल बाजार कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपये के बीच थी। अमित एक दिहाड़ीदार मजदूर हैं और पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। एक साथ चार भैंसों की मौत ने परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी थी। उन्होंने पूरे मामले को मुख्यमंत्री से मिल कर उनके संज्ञान में देकर अमित को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की थी।
विदेशों से भी मिली मदद
अमित की बेबसी को देखते हुए गांव के लोग और विशेष रूप से विदेश में रह रहे युवा उसकी मदद के लिए आगे आए। प्रवासी युवाओं ने अपनी नेक कमाई से करीब 2 लाख रुपये का फंड एकत्र कर अमित को सौंपा। गांव बालू रापड़िया पट्टी के निवासियों ने भी आपसी सहयोग से अमित की आर्थिक सहायता की। ग्राम पंचायत की ओर से भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर विशेष आर्थिक सहायता की मांग की गई थी जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। संवाद
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ग्राम पंचायत जुलानी खेड़ा के सरपंच नरेंद्र ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि करीब दो महीने पहले अमित कुमार की चार भैंसों की जहरीला पदार्थ खाने से अचानक मौत हो गई थी। मृत पशुओं की कुल बाजार कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपये के बीच थी। अमित एक दिहाड़ीदार मजदूर हैं और पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। एक साथ चार भैंसों की मौत ने परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी थी। उन्होंने पूरे मामले को मुख्यमंत्री से मिल कर उनके संज्ञान में देकर अमित को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की थी।
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विदेशों से भी मिली मदद
अमित की बेबसी को देखते हुए गांव के लोग और विशेष रूप से विदेश में रह रहे युवा उसकी मदद के लिए आगे आए। प्रवासी युवाओं ने अपनी नेक कमाई से करीब 2 लाख रुपये का फंड एकत्र कर अमित को सौंपा। गांव बालू रापड़िया पट्टी के निवासियों ने भी आपसी सहयोग से अमित की आर्थिक सहायता की। ग्राम पंचायत की ओर से भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर विशेष आर्थिक सहायता की मांग की गई थी जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। संवाद
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