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Ambala News: 848 प्राइवेट स्कूलों के मान्यता प्रमाणपत्रों की जांच शुरू
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अंबाला। निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई और सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर दी गई जानकारियों को बारीकी से खंगाला जाएगा। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर 848 निजी स्कूलों के मान्यता प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस काम के लिए विभाग ने बेहद कम समय दिया है। मान्यता प्रमाणपत्र वेरिफिकेशन पोर्टल को 15 मई से लाइव कर दिया गया है और सभी अधिकारियों को आगामी 20 मई 2026 तक हर हाल में जांच पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नियम
निदेशालय ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल वैध दस्तावेज को ही स्वीकार करें। इसके तहत विभाग की ओर से जारी स्थायी मान्यता प्रमाणपत्र या फिर वैध व समय पर रिन्यू कराया गया एनओसी/अस्थायी मान्यता प्रमाणपत्र। किसी भी शिक्षा बोर्ड जैसे सीबीएसई, एचबीएसई आदि द्वारा जारी किया गया संबद्धता या अनुमति पत्र मान्यता के लिए अमान्य होगा। पुराने, फर्जी या अधूरे दस्तावेज को तुरंत रिजेक्ट करने के आदेश हैं।
जीरो सीट दिखाने वाले स्कूलों पर नजर
विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ निजी स्कूल एक खास पैंतरे का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पोर्टल पर प्राइमरी विंग या क्लास स्टेटस में जानबूझकर नहीं का विकल्प चुन लेते हैं, इससे एंट्री-लेवल कक्षाओं की सीटें अपने आप शून्य दिखाई देने लगती हैं। विभाग का कहना है कि यह सीटों की घोषणा करने से बचने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की गहराई से जांच करने को कहा गया है, इसके अलावा, अल्पसंख्यक दर्जा का दावा करने वाले स्कूलों के दस्तावेज की भी गहन जांच की जाएगी ।
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पोर्टल पर नहीं मिलेगा मौका
यह पूरी प्रक्रिया बेहद समयबद्ध है। निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वेरिफिकेशन पोर्टल पर सुधार का कोई विकल्प नहीं मिलेगा। इसलिए अधिकारियों को पहली बार में ही रिकॉर्ड को पूरी सटीकता और जिम्मेदारी के साथ जांचना होगा। लॉगिन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इसे एमआईएस पोर्टल के क्रेडेंशियल्स और ओटीपी आधारित बनाया गया है। यदि किसी अधिकारी को तकनीकी समस्या आती है, तो वे कार्य दिवस में सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 पर संपर्क कर सकते हैं।
शिक्षा निदेशालय से जो भी निर्देश मिले हैं। उसका अनुपालन किया जाएगा। निजी स्कूलों की जांच शुरु कर दी गई है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय भेजी जाएगी।
- ज्योति सभ्रवाल, डीईईओ, अंबाला।
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फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नियम
निदेशालय ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल वैध दस्तावेज को ही स्वीकार करें। इसके तहत विभाग की ओर से जारी स्थायी मान्यता प्रमाणपत्र या फिर वैध व समय पर रिन्यू कराया गया एनओसी/अस्थायी मान्यता प्रमाणपत्र। किसी भी शिक्षा बोर्ड जैसे सीबीएसई, एचबीएसई आदि द्वारा जारी किया गया संबद्धता या अनुमति पत्र मान्यता के लिए अमान्य होगा। पुराने, फर्जी या अधूरे दस्तावेज को तुरंत रिजेक्ट करने के आदेश हैं।
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जीरो सीट दिखाने वाले स्कूलों पर नजर
विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ निजी स्कूल एक खास पैंतरे का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पोर्टल पर प्राइमरी विंग या क्लास स्टेटस में जानबूझकर नहीं का विकल्प चुन लेते हैं, इससे एंट्री-लेवल कक्षाओं की सीटें अपने आप शून्य दिखाई देने लगती हैं। विभाग का कहना है कि यह सीटों की घोषणा करने से बचने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों की गहराई से जांच करने को कहा गया है, इसके अलावा, अल्पसंख्यक दर्जा का दावा करने वाले स्कूलों के दस्तावेज की भी गहन जांच की जाएगी ।
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पोर्टल पर नहीं मिलेगा मौका
यह पूरी प्रक्रिया बेहद समयबद्ध है। निदेशालय ने स्पष्ट कर दिया है कि वेरिफिकेशन पोर्टल पर सुधार का कोई विकल्प नहीं मिलेगा। इसलिए अधिकारियों को पहली बार में ही रिकॉर्ड को पूरी सटीकता और जिम्मेदारी के साथ जांचना होगा। लॉगिन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए इसे एमआईएस पोर्टल के क्रेडेंशियल्स और ओटीपी आधारित बनाया गया है। यदि किसी अधिकारी को तकनीकी समस्या आती है, तो वे कार्य दिवस में सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 पर संपर्क कर सकते हैं।
शिक्षा निदेशालय से जो भी निर्देश मिले हैं। उसका अनुपालन किया जाएगा। निजी स्कूलों की जांच शुरु कर दी गई है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय भेजी जाएगी।
- ज्योति सभ्रवाल, डीईईओ, अंबाला।