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Ambala News: बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:15 AM IST
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Science and glassware industries on the verge of closure, with only two days' stock of gas
बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक - फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक
- उद्योग संचालक बोले- एलपीजी की जल्द दी जाए सप्लाई, अन्यथा रोजगार पर आएगा संकट
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माई सिटी रिपोर्टर

अंबाला। एलपीजी की किल्लत से अंबाला की ग्लासवेयर इंडस्ट्रीज बंद होने के कगार पर है। उद्यमियों का कहना है कि दो दिन से गैस एजेंसियों से किसी भी ग्लास इंडस्ट्रीज को इंडस्ट्रियल एलपीजी नहीं मिली है। इसके कारण उद्योग संचालकों के पास अब एक-दो दिन का स्टॉक बचा है। गैस का स्टॉक खत्म होने के बाद उद्योग संचालकों के पास फैक्टरी बंद करने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है।
अंबाला में 500 से अधिक ग्लासवेयर उत्पाद बनाने वाली यूनिटें हैं। इसमें अधिकांश प्रयोगशालाओं में प्रयोग होने वाले ग्लासवेयर उत्पाद बनाए जाते हैं। इसी प्रकार पश्चिम एशिया में युद्ध से साइंस कारोबारी निर्यात भी नहीं कर पा रहे हैं। पश्चिम एशिया के देशों में लगातार ऑर्डर मिलने में कमी आ रही है।
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असीमा ने बुलाई बैठक, सभी से की बात

अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) ने इन हालात पर बुधवार को आपातकालीन बैठक बुलाई जिसमें मौजूदा समय में हो रही दिक्कतों पर चर्चा की। उद्योग संचालकों ने मांग की है उन्हें एलपीजी की सप्लाई की जाए, अन्यथा सैकड़ों लोगों के रोजगार पर संकट गहरा जाएगा। असीमा के महासचिव उमाकांत ने बताया कि हमारी कोशिश है कि इन हालात से निपटने के लिए एकसाथ मांग रखी जाए। एलपीजी की उपलब्धता न होने पर अंबाला के सैकड़ों कारोबारी प्रभावित होंगे।
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इंडस्ट्रीज में एलपीजी का हो कोटा : डॉ. संजीव शर्मा



ग्लासवेयर उद्योग संचालक डॉ. संजीव शर्मा बताते हैं कि हमारे पास दो से तीन दिन की एलपीजी ही स्टोर है। इसके बाद अगर एलपीजी नहीं मिली तो उत्पादन नहीं हो सकेगा। रेस्टोरेंट इंडस्ट्रीज वाले तो फिर भी इंडक्शन आदि का प्रयोग कर लेंगे मगर हमारा काम बिना एलपीजी के नहीं चल सकता है। यह दबाव अब महसूस होने लगा है। सरकार इंडस्ट्रीज के साइज या उत्पादन के हिसाब से एलपीजी का कोटा निर्धारित कर दे तो काम चल सकता है। अगर उत्पाद ही नहीं होगा ताे अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।


शिपिंग कंपनियों ने लगाया वाॅर सरचार्ज : आलोक सूद
साइंस कारोबारी और एक्सपोर्टर आलोक सूद ने बताया कि उनके पास भी एक दो दिन का एलपीजी का स्टॉक है। अंबाला से साइंस और लैबोरेटरी ग्लासवेयर उत्पाद पश्चिम एशिया के देशों में एक्सपोर्ट होते हैं। वहां से अब कारोबार धीमा पड़ रहा है। माल भेजने में भी काफी जोखिम हो गया है। शिपिंग कंपनियों ने वॉर सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। इस सरचार्ज में किराया बढ़ जाता है। इसी प्रकार इंश्योरेंस कंपनी भी हाथ पीछे खींच रही हैं। यह समय देश में सरकारी सप्लाई का पीक समय है, अब जब उत्पादन नहीं होगा तो आपूर्ति भी नहीं हो सकेगी। काम काफी धीमा पड़ रहा है।
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