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संतों की वाणी पर अशांति, भड़के अनुयायी

ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Mon, 27 Jun 2016 12:37 AM IST
संत के खिलाफ भड़के लोग
संत के खिलाफ भड़के लोग - फोटो : amar ujala
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एक संत की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक छेड़छाड़ तो दूसरे संत के प्रवचनों में एक धर्म गुरु के बारे में निकले आपत्तिजनक शब्दों ने अंबाला कैंट के अनुयायियों को भड़का दिया है। इस पर दोनों ही संतों के अनुयायियों ने अपना-अपना ऐतराज जताया। एक संत के अनुयायी महेशनगर थाने पहुंचे तो दूसरे संत के अनुयायी कैंट थाने पहुंचे। थाने में भड़के अनुयायियों का हंगामा भी हुआ और धरना भी। मामला थोड़ा नाजुक था, इसलिए पुलिस भी कार्रवाई को लेकर असमंजस में फंस गई। लेकिन अनुयायियों का दबाव इतना ज्यादा था कि पुलिस को एक मामले में तो केस दर्ज करना पड़ा, जबकि दूसरे मामले में पुलिस ने अनुयायियों से दो दिन का वक्त मांगा।
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जैन संत के कड़वे प्रवचनों पर भड़का वाल्मीकि समाज
कैंट में अपने प्रवचनों के दौरान क्रांतिकारी और कड़वे प्रवचनों के लिए देशभर में प्रसिद्ध संत तरुण सागर महाराज पर वाल्मीकि समाज ने उनके भगवान वाल्मीकि के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहने का आरोप लगाया है। वाल्मीकि समाज के अनुयायियों का आरोप है कि जैन संत ने भगवान वाल्मीकि को आपत्तिजनक शब्द कहकर संबोधित किया है। जो असहनीय है, इसलिए जैन संत के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसी को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने कैंट थाने में जमकर वबाल काटा और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पहले तो एसएचओ सूरज चावला वाल्मीकि समाज के अनुयायियों को समझाते रहे, लेकिन वे फिर भी नहीं माने तो करीबन चार घंटे बाद एसीपी सुरेश कौशिक थाने पहुंचे और उन्होंने जैन समाज के लोगों व वाल्मीकि समाज के लोगों को आमने-सामने बिठाकर मामला निपटाने का प्रयास किया। लेकिन वाल्मीकि समाज के लोग जैन संत पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। इस अवसर पर आदि धर्म समाज के कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण लाल लोहट, माया राम सहोता, बलबीर, मनोज, विनोद,  हरप्रीत, रामचंद्र, महेंद्र, सुरेंद्र सिंह इत्यादि मौजूद रहे। 

जैन सभा ने मांगी माफी, फिर भी नहीं माने अनुयायी
 एसीपी के साथ बैठक के दौरान वहां मौजूद जैन सभा के सदस्यों में से प्रधान एडवोकेट वीके जैन ने वहां मौजूद वाल्मीकि समाज के लोगों से कहा कि पहले तो जैन संत ने ऐसी कोई बात नहीं की, उनके शब्दों को अनर्थ कर प्रस्तुत किया गया है, लेकिन फिर भी यदि समाज की भावना आहत हुई है तो पूरा जैन समाज के सदस्य वाल्मीकि समाज के सदस्यों से माफी मांगता है, क्योंकि समाज व धर्म से बड़ा भाईचारा होता है और वाल्मीकि समाज व जैन समाज को इस भाईचारे की भावना को कायम रखना है। प्रधान एडवोकेट वीके जैन ने कहा कि जैन संत महर्षि वाल्मीकि को बहुत बड़ा गुरु और भगवान महावीर जी के तुल्य समझते हैं, लेकिन उनके प्रवचनों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया जिस वजह से ये बात भड़की।
जैन सभा के प्रधान द्वारा माफी मांगने के बावजूद भी वाल्मीकि समाज के लोग वहां अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने एसीपी से साफ कहा कि वे पुलिस को दो दिन का समय दे रहे हैं, यदि पुलिस ने जैन संत के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया तो वाल्मीकि समाज के लोग अपने गुरु के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये कहकर वे थाने से बाहर चले गए।

टिप्पणी साबित करें जैन संत, तो हम बदल लेंगे धर्म
थाने में हंगामे के दौरान जैन सभा के सदस्य और पुलिस अफसर वाल्मीकि समाज के लोगों को समझाने का भरसक प्रयास करते रहे। लेकिन वाल्मीकि समाज के लोग किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। वाल्मीकि समाज के नेताओं ने एसीपी सुरेश कौशिक से साफ कहा कि भगवान वाल्मीकि कौन थे? इस पर जैन संत तरुण सागर जी ने तो टिप्पणी की है, वे उसे साबित करें और कोर्ट में ये सूबूत दें कि भगवान वाल्मीकि कौन थे? यदि कोर्ट में जैन संत ने जो भगवान वाल्मीकि के बारे में बोला है, उसे साबित कर दिया तो वे भी अपना धर्म बदल लेंगे, लेकिन अब बार-बार भगवान वाल्मीकि का अपमान सहन नहीं करेंगे। इसी जिद पर अड़ते हुए वाल्मीकि समाज के लोग पुलिस को दो दिन में जैन संत के खिलाफ कार्रवाई करने का वक्त देकर चले गए।

आस्था को ठेस पहुंची तो खेद व्यक्त करता हूं : तरुण सागर
इस सारे वबाल पर क्रांतिकारी जैन संत व कड़वे प्रवचनों के लिए पहचाने जाने वाले जैन संत तरुण सागर ने कहा कि उन्होंने अपने प्रवचनों में कुछ भी गलत नहीं कहा, उन्होंने कहा था कि महर्षि वाल्मीकि अतीत में क्या थे और भविष्य में क्या हो गए। ऐसा संत दुनिया के लोगों के लिए बहुत बड़ी मिसाल है। उन्होंने कहा कि वे खुद महर्षि वाल्मीकि को मानते हैं और उनकी तुलना भगवान महावीर से करते हैं। लेकिन उनकी बात को वाल्मीकि समाज के लोग गलत तरीके से समझ रहे हैं।
उनके अनुसार फिर भी यदि वाल्मीकि समाज को उनकी बात से आघात पहुंचा है, तो वे वाल्मीकि समाज के लोगों से खेद व्यक्त करते हैं। वे पहले भी भगवान वाल्मीकि के समक्ष नतमस्तक थे और भविष्य में भी रहेंगे। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि उनके प्रवचनों की गहराइयों को समझा जाए और समाज में भाईचारा कायम रखा जाए।

वर्जन
वाल्मीकि समाज और जैन समाज के लोगों को बुलाकर बैठक की गई थी। जैन समाज के लोगों ने वाल्मीकि समाज के लोगों से माफी भी मांगी है। लेकिन वाल्मीकि समाज के लोग नहीं माने, इसलिए अब वे खुद इस सारे प्रकरण की जांच करेंगे और उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-सुरेश कौशिक, एसीपी, अंबाला पुलिस-

इधर, डेरामुखी की फोटो से छेड़छाड़, पांच युवकों पर केस 
अंबाला कैंट। दूसरी ओर डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा की फोटो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल करने पर भड़के अनुयायियों को फिलहाल पुलिस ने शांत कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पहले इस मामले में महेशनर पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन बाद में इस केस को कैंट पुलिस के हवाले किया गया।
उल्लेखनीय है कि शनिवार देर रात डेरा अनुयायी काफी संख्या में एकत्रित होकर महेशनगर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने रिकॉर्ड के साथ शिकायत थाना प्रभारी को सौंपी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस शिकायत और रिकॉर्ड में अनुयायियों ने बताया कि कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर डेरामुखी के हाथों में शराब पकड़कर उनकी तस्वीर को आपत्तिजनक ढंग से बनाकर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है। अब युवक इस फोटो पर आपत्तिजकन टिप्पणी भी कर रहे हैं। डेरा अनुयायियों ने भी पुलिस को चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें भी मजबूरन सड़कों पर उतना पड़ेगा। इस पर पुलिस ने उन्हे शांत कर साइबर सैल से मदद मांगी थी।

पांच युवकों पर मामला दर्ज
पुलिस की साइबर सेल की जांच के बाद पुलिस ने फिलहाल छह युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ये वे युवक हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर डेरामुखी की आपत्तिजनक तस्वीर को अपलोड कर उसे आगे शेयर किया और टिप्पणी की। कैंट थाना प्रभारी सूरज ने बताया कि नोएडा निवासी अंकुर वशिष्ठ, अमृतसर निवासी हरप्रीत सिंह, संदीप वर्मा, नीरज व अजय के खिलाफ आईटी एक्ट व धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। उनके अनुसार अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, अभी कार्रवाई चल रही है।  उधर, जैन अनुयायियों का कहना है कि पुलिस युवकों को जल्द काबू कर उनके खिलाफ कार्रवाई करे, क्योंकि इस घटना से डेरा अनुयायियों की भावनाएं खासी आहत हुई है।
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