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Ambala News: बिना ग्लब्ज सैंपल, सुरक्षाकर्मी जांच रहे आंखें
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नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को बिना ग्लव्ज के सैंपल लेते हुए कर्मचारी। संवाद
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अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में जांच के लिए लिए जाने वाले सैंपल बिना ग्लब्ज के लिए जा रहे हैं। नेत्र विभाग की बात करें आंखें जांचने का काम भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। ऐसा तब है जब बीते रविवार पीएमओ ने अस्पताल में निरीक्षण कर कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ को सख्त निर्देश दिए थे।
निर्देशों के बावजूद अनुपालना नहीं
इस मामले को अमर उजाला ने 26 अप्रैल के अंक में प्रकाशित भी किया था। इसके बाद पीएमओ ने बीते रविवार को ही पीएमओ डॉ. रेनू बेरी ने अस्पताल का रात्रि दौरान किया था। इस दौरान उन्होंने ट्राॅमा सेंटर में डाॅक्टरों को निर्देश दिए थे कि कोई भी चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी मरीज को टांके लगाने का काम नहीं करेगा। मगर ओपीडी में होने वाले ब्लड सैंपल और नेत्र जांच में अब भी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन चुप है।
ग्लब्ज की आपूर्ति पर भी संशय
नागरिक अस्पताल की लैब में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें प्रर्याप्त मात्रा में ग्लब्ज नहीं मिल पाते। इसलिए इसके बिना ही सैंपल लेने पड़ते हैं। दूसरी तरफ कर्मचारियों के दावे की हकीकत अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर कार्यरत कर्मचारी से जानी तो पता लगा कि उनकी ओर से पर्याप्त ग्लब्ज उपलब्ध कराए जाते हैं। रोजाना का आंकड़ा देखें तो अस्पताल की लैब में करीब 100 ग्लब्ज रोजाना इस्तेमाल होते हैं। अब यह गलब्ज कहां प्रयोग हो रहे हैं यह भी जांच का विषय है।
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बीमारियों का भी खतरा
सैंपल लेते समय खून लगने के कारण सैंपल लेने वाले नर्सिंग विद्यार्थी एवं मरीज को भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही बिना ग्लव्ज के कर्मचारियों को भी संक्रमण हो सकता है। इससे गंभीर संक्रामक बीमारी होने का खतरा रहता है। लैब में रोजाना बच्चों और महिलाओं सहित गर्भवतियों और बुजुर्गों के भी सैंपल लिए जाते हैं।
वर्जन
अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमारी ओर से सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ही जांच कार्य करने की हिदायत दी गई है।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
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निर्देशों के बावजूद अनुपालना नहीं
इस मामले को अमर उजाला ने 26 अप्रैल के अंक में प्रकाशित भी किया था। इसके बाद पीएमओ ने बीते रविवार को ही पीएमओ डॉ. रेनू बेरी ने अस्पताल का रात्रि दौरान किया था। इस दौरान उन्होंने ट्राॅमा सेंटर में डाॅक्टरों को निर्देश दिए थे कि कोई भी चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी मरीज को टांके लगाने का काम नहीं करेगा। मगर ओपीडी में होने वाले ब्लड सैंपल और नेत्र जांच में अब भी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन चुप है।
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ग्लब्ज की आपूर्ति पर भी संशय
नागरिक अस्पताल की लैब में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें प्रर्याप्त मात्रा में ग्लब्ज नहीं मिल पाते। इसलिए इसके बिना ही सैंपल लेने पड़ते हैं। दूसरी तरफ कर्मचारियों के दावे की हकीकत अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर कार्यरत कर्मचारी से जानी तो पता लगा कि उनकी ओर से पर्याप्त ग्लब्ज उपलब्ध कराए जाते हैं। रोजाना का आंकड़ा देखें तो अस्पताल की लैब में करीब 100 ग्लब्ज रोजाना इस्तेमाल होते हैं। अब यह गलब्ज कहां प्रयोग हो रहे हैं यह भी जांच का विषय है।
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बीमारियों का भी खतरा
सैंपल लेते समय खून लगने के कारण सैंपल लेने वाले नर्सिंग विद्यार्थी एवं मरीज को भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही बिना ग्लव्ज के कर्मचारियों को भी संक्रमण हो सकता है। इससे गंभीर संक्रामक बीमारी होने का खतरा रहता है। लैब में रोजाना बच्चों और महिलाओं सहित गर्भवतियों और बुजुर्गों के भी सैंपल लिए जाते हैं।
वर्जन
अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमारी ओर से सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ही जांच कार्य करने की हिदायत दी गई है।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग अंबाला।

नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को बिना ग्लव्ज के सैंपल लेते हुए कर्मचारी। संवाद