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Ambala News: गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में शहीदों को किया नमन
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अंबाला सिटी के श्री बाउली साहिब गुरुद्वारा साहिब में आयोजित प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को सम्
- फोटो : वृंदावन में देवरहा बाबा की जलसमाधि के दौरान मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व अन्य। फाइल फोटो
अंबाला। धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, माता गुजर कौर और चार साहिबजादों और समूह शहीदों की शहादत को समर्पित शहीदी सभा का आयोजन मंगलवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी (बाउली) साहिब में हुआ। इसमें विशेष रूप से एचएसजीएमसी के वरिष्ठ उपप्रधान सुदर्शन सिंह सहगल, कार्यकारिणी समिति सदस्य तरविंदर पाल सिंह, हरपाल सिंह कंबोज आदि मौजूद रहे। श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सेवा सोसायटी के सहयोग से करवाई गई। इस शहीदी सभा के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं।
वरिष्ठ उपप्रधान ने बताया कि तीरंदाजी और निशानेबाजी प्रतियोगिता में अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके साथ सिख इतिहास कलरिंग और पेंटिंग प्रतिस्पर्धा भी करवाई। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा के जौहर दिखा संगत की वाहवाही लूटी। इतना ही नहीं शहीदी इतिहास पर कविता, रस्सी कूद, ट्राई साइकिल रेस, धीमी गति साइकिल रेस और रस्सी खींचना प्रतियोगिता भी हुई। उन्होंने बताया कि ट्राई साइकिल रेस में सात साल तक के बच्चे, धीमी गति साइकिल रेस में 10 से 13 साल के बच्चे और रस्सी खींचने की प्रतियोगिता में 16 साल तक के बच्चों ने भाग लिया। इसके साथ ही रस्सी कूद में 14 साल तक की लड़कियों ने भी भाग लिया।
कार्यकारिणी समिति सदस्य ने बताया कि 25 दिसंबर को दुमाला सजाने का मुकाबला और बाणी, श्लोक मल्ला नौवां एवं शब्द (नौवीं पातशाही) पर गुरबाणी कंठ मुकाबले होंगे। इस प्रतियोगिता में पांच से आठ साल तक के बच्चे पहले 10 श्लोक और एक शब्द, 9 से 15 साल तक के बच्चे पहले 25 श्लोक और दो शब्द, 16 से 25 साल तक के विद्यार्थी 57 श्लोक, चार शब्द और तव प्रसाद सवेयो तक की प्रतियोगिता होगी। इसके अलावा गतका प्रदर्शन, सिखी स्वरूप मेरा असली रूप तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी। वहीं, उत्कृष्ट अभिभावक प्रतियोगिता भी होगी। विजेता प्रतिभागियों को पारितोषिक भी दिया जाएगा।
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वरिष्ठ उपप्रधान ने बताया कि तीरंदाजी और निशानेबाजी प्रतियोगिता में अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके साथ सिख इतिहास कलरिंग और पेंटिंग प्रतिस्पर्धा भी करवाई। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा के जौहर दिखा संगत की वाहवाही लूटी। इतना ही नहीं शहीदी इतिहास पर कविता, रस्सी कूद, ट्राई साइकिल रेस, धीमी गति साइकिल रेस और रस्सी खींचना प्रतियोगिता भी हुई। उन्होंने बताया कि ट्राई साइकिल रेस में सात साल तक के बच्चे, धीमी गति साइकिल रेस में 10 से 13 साल के बच्चे और रस्सी खींचने की प्रतियोगिता में 16 साल तक के बच्चों ने भाग लिया। इसके साथ ही रस्सी कूद में 14 साल तक की लड़कियों ने भी भाग लिया।
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कार्यकारिणी समिति सदस्य ने बताया कि 25 दिसंबर को दुमाला सजाने का मुकाबला और बाणी, श्लोक मल्ला नौवां एवं शब्द (नौवीं पातशाही) पर गुरबाणी कंठ मुकाबले होंगे। इस प्रतियोगिता में पांच से आठ साल तक के बच्चे पहले 10 श्लोक और एक शब्द, 9 से 15 साल तक के बच्चे पहले 25 श्लोक और दो शब्द, 16 से 25 साल तक के विद्यार्थी 57 श्लोक, चार शब्द और तव प्रसाद सवेयो तक की प्रतियोगिता होगी। इसके अलावा गतका प्रदर्शन, सिखी स्वरूप मेरा असली रूप तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी। वहीं, उत्कृष्ट अभिभावक प्रतियोगिता भी होगी। विजेता प्रतिभागियों को पारितोषिक भी दिया जाएगा।

अंबाला सिटी के श्री बाउली साहिब गुरुद्वारा साहिब में आयोजित प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को सम्- फोटो : वृंदावन में देवरहा बाबा की जलसमाधि के दौरान मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व अन्य। फाइल फोटो
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