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नमकीन फैक्ट्री संचालक ने कारोबार में घाटे से परेशान होकर लगाया फंदा
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शहर काजीवाड़ा वासी 34 वर्षीय अरुण ने कारोबार में घाटे के चलते फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मनमोहन नगर में नमकीन की फैक्टरी चलाते थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे पंखे से चुन्नी का फंदा बनाकर झूल गए। काफी देर तक प्रथम तल से नीचे नहीं आए तब परेशान परिवार ने कमरे में जाकर देखा। घटना सार्वजनिक होते ही कालोनी वाले एकत्रित हो गए।
मौके पर पहुंची चौकी नंबर चार पुलिस ने पंचनामे के बाद शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां पर कोरोना की रिपोर्ट के बाद उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक कोरोना रिपोर्ट का इंतजार चल रहा था।
किश्तें चुकाने में नाकाम हो रहा था अरुण
बताया जा रहा है कि अरुण ने करीब 3 साल पहले मनमोहन नगर में नमकीन की फैक्टरी शुरू की थी। इससे पहले वह अपने घर पर ही नमकीन बनाता था। फैक्टरी चलाने के लिए लोन लिया था। लॉकडाउन तक सब सुचारू चल रहा था लेकिन लॉक डाउन के बाद स्थिति बद से बदतर होती गई। अब फैक्टरी पर लिए गए लोन को भी वह चुकता नहीं कर पा रहा था। लॉकडाउन में फैक्टरी का काम सुचारू न होने से वह परेशान चल रहे थे। इसी कारण घर में भी कलह बनी रहती थी। रात खाना खाकर अरुण सुबह उठा, थोड़ी देर बाद वापस कमरे में चला गया था। वहीं चुन्नी से फंदा लगा लिया। एएसआई रोहताश के अनुसार बिजनेस में घाटे से परेशान होकर अरुण ने आत्महत्या कर ली।
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मौके पर पहुंची चौकी नंबर चार पुलिस ने पंचनामे के बाद शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां पर कोरोना की रिपोर्ट के बाद उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक कोरोना रिपोर्ट का इंतजार चल रहा था।
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किश्तें चुकाने में नाकाम हो रहा था अरुण
बताया जा रहा है कि अरुण ने करीब 3 साल पहले मनमोहन नगर में नमकीन की फैक्टरी शुरू की थी। इससे पहले वह अपने घर पर ही नमकीन बनाता था। फैक्टरी चलाने के लिए लोन लिया था। लॉकडाउन तक सब सुचारू चल रहा था लेकिन लॉक डाउन के बाद स्थिति बद से बदतर होती गई। अब फैक्टरी पर लिए गए लोन को भी वह चुकता नहीं कर पा रहा था। लॉकडाउन में फैक्टरी का काम सुचारू न होने से वह परेशान चल रहे थे। इसी कारण घर में भी कलह बनी रहती थी। रात खाना खाकर अरुण सुबह उठा, थोड़ी देर बाद वापस कमरे में चला गया था। वहीं चुन्नी से फंदा लगा लिया। एएसआई रोहताश के अनुसार बिजनेस में घाटे से परेशान होकर अरुण ने आत्महत्या कर ली।
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