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राष्ट्रपति ने आसमान में देखी एयरफोर्स की ताकत
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:22 AM IST
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राष्टट्रपितति
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अंबाला कैंटोनमेंट। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में प्रेजिडेंटस स्टैंडर्ड प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को एयरफोर्स ने राष्ट्रपति एवं तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर प्रणब मुखर्जी के सामने अपनी ताकत का शानदार हवाई और परेड प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरूआत वायुसेना की 501 सिग्नल यूनिट और एयरफोर्स की 30 स्कवार्डन यूनिट के जवानों की परेड से हुई। इन दोनों यूनिटों को ही राष्ट्रपति ने उनकी जांबाजी और शानदार कौशल के लिए निशान ध्वज प्रदान किया। अपराह्न राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपने विशेष वाहन से एयरफोर्स स्टेशन अंबाला पहुंचे। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ दलबीर सिंह, एयर चीफ मार्शल अरूप राहा समेत अन्य अफसरों ने उन्हें रिसीव किया और पूरी औपचारिकताओं के साथ राष्ट्रपति को परेड स्थल तक लाया गया।
राष्ट्रपति के परेड मंच पर पहुंचते ही तीन एयरक्राफ्ट (एमआई-17वीएस) ने राष्ट्रपति को शानदार ढंग से तिरंगे व एयरफोर्स ध्वज से राष्ट्रीय सैल्यूट किया। उसके बाद राष्ट्रपति ने सबसे पहले एयरफोर्स की 501 एसयू सिगनल यूनिट को निशान ध्वज प्रदान किया गया। इस सम्मान में तीन जगुआर एयरक्राफ्ट ने आसमान में जाबांज प्रदर्शन कर इस यूनिट को सम्मान दिया।
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उसके बाद राष्ट्रपति ने 30 स्क्वार्डन यूनिट को औपचारिकता अनुसार निशान ध्वज प्रदान किया। इस सम्मान में तीन सुखोई सु-30 एमकेआई ने आसमान में धुआं छोड़कर संबंधित यूनिट को सम्मान दिया। इस दौरान राष्ट्रपति ने दोनों यूनिटों को निशान ध्वज प्रदान करते हुए कहा कि उन्हें इस मौके पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है और ये गर्व हर देशवासी को भी होना चाहिए।
उसके बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दोनों यूनिटों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 501 सिग्नल यूनिट ने अपना 52 वर्ष का गौरवमयी सफर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तरी क्षेत्र में सुरक्षा सेवाओं में यह यूनिट भारतीय वायुसेना का एक मजबूत गढ़ है जिसका मुख्यालय बरनाला में है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट द्वारा 1971 के युद्ध में थल सेनाओं को सहयोग देने के लिए अग्रिम पंक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट में आधुनिक तकनीक से युक्त रडार, नए उपकरण व कंप्यूटराईज्ड तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। इस यूनिट का उद्देश्य सदैव तत्पर रहने की भावना पर केंद्रीत है।
उसके बाद राष्ट्रपति ने कहा कि वायुसेना की 30 स्कवार्डन का गठन 1 नवंबर 1969 को तेजपुर में हुआ था और इस यूनिट को मिग-21 फ्लाइंग एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के लिए गठित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस वायुसेना कमांड द्वारा सुखोई 30एमकेआई सहित अन्य आधुनिक एयरक्राफ्टों के माध्यम से युद्ध और शांतिकाल के दौरान अपनी बहादुरी का परिचय दिया है। उन्होंने बताया कि यह यूनिट असीम पौरूष उद्देश्य के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने गठन के 47 वर्ष पूरे कर चुकी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि 30 स्कवार्डन भविष्य में भी अपनी उल्लेखनीय व समृद्ध उपलब्धियों के इतिहास को दोहराती रहेगी।
एयर शो देखकर दबाई दांतों तले अंगुली
इस समारोह के दौरान चार सांरग एयरक्राफ्ट और छह स्कॉट हॉक एयर क्राफ्ट के एयरशो ने न केवल दर्शकों को चकित कर दिया, बल्कि इस एयरशो को देखकर दर्शकों ने दांतों चले अंगुली दबा ली। सबसे पहले सारंग एयरक्राफ्ट का आसमान में शो दिखाया। कई करतब इतने खतरनाक थे कि इसे देखकर दर्शक एकदम से चौक गए और बाद में इस जांबाजी को सैल्यूट किया। उसके बाद आसमान में छह स्कॉट एयरक्राफ्ट ने विभिन्न तरीके की फोरमैशन आसमानमें बनाकर ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस दौरान एयरफोर्स जवानों की राइफल करतब टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर बांधे रखा। उन्होंने करीबन दस मिनट के करतब में कई स्टंट दिखाए और हर स्टंट पर लोगों की तालियां भी बटोरी। राष्ट्रपति, गवर्नर व हरियाणा के सीएम समेत अन्य अतिथियों ने इस स्टंट की खूब प्रशंसा की।
प्रदर्शनी देखकर गौरवान्वित हुए राष्ट्रपति
इस समारोह के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एयरफोर्स स्टेशन अंबाला की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गर्व महसूस किया। चीफ ऑफ एयर स्टाफ अरूप राहा ने राष्ट्रपति को प्रदर्शनी के जरिए भी एयरफोर्स की ताकत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस प्रदर्शनी में अभी तक हुए विभिन्न युद्धों के दौरान एयरफोर्स के विभिन्न आपरेशन पवन, आपरेशन सफेद सागर और आपरेशन पराक्रम के दौरान एयरफोर्स की भूमिका का चित्रण किया गया। राष्ट्रपति ने भी पूरी प्रदर्शन की दिल खोलकर प्रशंसा की और एयरफोर्स के जवानों को सैल्यूट कर उनका हौसला भी बढ़ाया। उसके बाद एयरफोर्स स्टेशन अंबाला की विजिटर बुक में भी अपने संदेश के जरिए राष्ट्रपति ने एयरफोर्स जवानों व अफसरों की बहादुरी को नमन किया। इस दौरान हरियाणा के गवर्नर, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री भी उनके साथ रहे।
राष्ट्रपति के समारोह में परिंदों ने बनाई टेंशन
एक ओर जहां अंबाला एयरफोर्स स्टेशन प्रेजिडेंट स्टैंडर्ड समारोह का गवाह बन रहा था। वहीं इस समारोह में प्रेजिडेंट सिक्योरिटी के साथ-साथ आसमान में उडने वाले परिंदे बड़ी चिंता का विषय बने हुए थे। हालांकि समारोह की शुरूआत से पहले भी इस बात की घोषणा की गई थी कि इस समारोह में होने वाले एयर डिस्पले में पक्षियों की वजह से प्राब्लम हो सकती है, इसलिए कोई विचलित न हों। लेकिन इस टेंशन को दूर करने के लिए पूरे समारोह स्थल व एयरबेस के आसमान परिंदों को दूर भगाने के लिए एयरगनों का इस्तेमाल किया गया, जो कई बार समारोह के दौरान शूट की गई। उल्लेखनीय है कि परिंदों की वजह से यहां एयरक्राफ्ट को हमेशा खतरा बना रहता है। ये परिंदे अचानक उड़ते हुए एयरक्राफ्ट के आगे आ जाते हैं, जिस वजह से एयरक्राफ्ट के क्रैश होने का खतरा बना रहता है। यही टेंशन वीरवार को भी इस समरोह लोकल एयरफोर्स अथारिटी के समक्ष बनी रही।
सील रहा एयरफोर्स, आर्मी इलाका
इस समारोह के दौरान आर्मी, एयरफोर्स, सिविल पुलिस, खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट रही। एयरफोर्स स्टेशन की ओर आने वाली सड़कें जहां पूरी तरह से सील कर दी गई। वहीं इन सड़कों को रेड व ग्रीन रूट निर्धारित कर ट्रैफिक को कंट्रोल किया गया। एयरफोर्स इलाके के बाहर एक किलोमीटर का इलाका पूरी तरह से सील कर दिया गया। सिक्योरिटी की विभिन्न टीमें पूरी तरह से सक्रिय रही। इस दौरान हालांकि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हुई, लेकिन लोकल अथारिटी ने इस इलाके व सड़कों को दोपहर तक सील ही रखा।
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कार्यक्रम की शुरूआत वायुसेना की 501 सिग्नल यूनिट और एयरफोर्स की 30 स्कवार्डन यूनिट के जवानों की परेड से हुई। इन दोनों यूनिटों को ही राष्ट्रपति ने उनकी जांबाजी और शानदार कौशल के लिए निशान ध्वज प्रदान किया। अपराह्न राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपने विशेष वाहन से एयरफोर्स स्टेशन अंबाला पहुंचे। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ दलबीर सिंह, एयर चीफ मार्शल अरूप राहा समेत अन्य अफसरों ने उन्हें रिसीव किया और पूरी औपचारिकताओं के साथ राष्ट्रपति को परेड स्थल तक लाया गया।
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राष्ट्रपति के परेड मंच पर पहुंचते ही तीन एयरक्राफ्ट (एमआई-17वीएस) ने राष्ट्रपति को शानदार ढंग से तिरंगे व एयरफोर्स ध्वज से राष्ट्रीय सैल्यूट किया। उसके बाद राष्ट्रपति ने सबसे पहले एयरफोर्स की 501 एसयू सिगनल यूनिट को निशान ध्वज प्रदान किया गया। इस सम्मान में तीन जगुआर एयरक्राफ्ट ने आसमान में जाबांज प्रदर्शन कर इस यूनिट को सम्मान दिया।
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उसके बाद राष्ट्रपति ने 30 स्क्वार्डन यूनिट को औपचारिकता अनुसार निशान ध्वज प्रदान किया। इस सम्मान में तीन सुखोई सु-30 एमकेआई ने आसमान में धुआं छोड़कर संबंधित यूनिट को सम्मान दिया। इस दौरान राष्ट्रपति ने दोनों यूनिटों को निशान ध्वज प्रदान करते हुए कहा कि उन्हें इस मौके पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है और ये गर्व हर देशवासी को भी होना चाहिए।
उसके बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दोनों यूनिटों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 501 सिग्नल यूनिट ने अपना 52 वर्ष का गौरवमयी सफर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि उत्तरी क्षेत्र में सुरक्षा सेवाओं में यह यूनिट भारतीय वायुसेना का एक मजबूत गढ़ है जिसका मुख्यालय बरनाला में है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट द्वारा 1971 के युद्ध में थल सेनाओं को सहयोग देने के लिए अग्रिम पंक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने बताया कि इस यूनिट में आधुनिक तकनीक से युक्त रडार, नए उपकरण व कंप्यूटराईज्ड तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। इस यूनिट का उद्देश्य सदैव तत्पर रहने की भावना पर केंद्रीत है।
उसके बाद राष्ट्रपति ने कहा कि वायुसेना की 30 स्कवार्डन का गठन 1 नवंबर 1969 को तेजपुर में हुआ था और इस यूनिट को मिग-21 फ्लाइंग एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के लिए गठित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस वायुसेना कमांड द्वारा सुखोई 30एमकेआई सहित अन्य आधुनिक एयरक्राफ्टों के माध्यम से युद्ध और शांतिकाल के दौरान अपनी बहादुरी का परिचय दिया है। उन्होंने बताया कि यह यूनिट असीम पौरूष उद्देश्य के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने गठन के 47 वर्ष पूरे कर चुकी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि 30 स्कवार्डन भविष्य में भी अपनी उल्लेखनीय व समृद्ध उपलब्धियों के इतिहास को दोहराती रहेगी।
एयर शो देखकर दबाई दांतों तले अंगुली
इस समारोह के दौरान चार सांरग एयरक्राफ्ट और छह स्कॉट हॉक एयर क्राफ्ट के एयरशो ने न केवल दर्शकों को चकित कर दिया, बल्कि इस एयरशो को देखकर दर्शकों ने दांतों चले अंगुली दबा ली। सबसे पहले सारंग एयरक्राफ्ट का आसमान में शो दिखाया। कई करतब इतने खतरनाक थे कि इसे देखकर दर्शक एकदम से चौक गए और बाद में इस जांबाजी को सैल्यूट किया। उसके बाद आसमान में छह स्कॉट एयरक्राफ्ट ने विभिन्न तरीके की फोरमैशन आसमानमें बनाकर ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस दौरान एयरफोर्स जवानों की राइफल करतब टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर बांधे रखा। उन्होंने करीबन दस मिनट के करतब में कई स्टंट दिखाए और हर स्टंट पर लोगों की तालियां भी बटोरी। राष्ट्रपति, गवर्नर व हरियाणा के सीएम समेत अन्य अतिथियों ने इस स्टंट की खूब प्रशंसा की।
प्रदर्शनी देखकर गौरवान्वित हुए राष्ट्रपति
इस समारोह के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एयरफोर्स स्टेशन अंबाला की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गर्व महसूस किया। चीफ ऑफ एयर स्टाफ अरूप राहा ने राष्ट्रपति को प्रदर्शनी के जरिए भी एयरफोर्स की ताकत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस प्रदर्शनी में अभी तक हुए विभिन्न युद्धों के दौरान एयरफोर्स के विभिन्न आपरेशन पवन, आपरेशन सफेद सागर और आपरेशन पराक्रम के दौरान एयरफोर्स की भूमिका का चित्रण किया गया। राष्ट्रपति ने भी पूरी प्रदर्शन की दिल खोलकर प्रशंसा की और एयरफोर्स के जवानों को सैल्यूट कर उनका हौसला भी बढ़ाया। उसके बाद एयरफोर्स स्टेशन अंबाला की विजिटर बुक में भी अपने संदेश के जरिए राष्ट्रपति ने एयरफोर्स जवानों व अफसरों की बहादुरी को नमन किया। इस दौरान हरियाणा के गवर्नर, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री भी उनके साथ रहे।
राष्ट्रपति के समारोह में परिंदों ने बनाई टेंशन
एक ओर जहां अंबाला एयरफोर्स स्टेशन प्रेजिडेंट स्टैंडर्ड समारोह का गवाह बन रहा था। वहीं इस समारोह में प्रेजिडेंट सिक्योरिटी के साथ-साथ आसमान में उडने वाले परिंदे बड़ी चिंता का विषय बने हुए थे। हालांकि समारोह की शुरूआत से पहले भी इस बात की घोषणा की गई थी कि इस समारोह में होने वाले एयर डिस्पले में पक्षियों की वजह से प्राब्लम हो सकती है, इसलिए कोई विचलित न हों। लेकिन इस टेंशन को दूर करने के लिए पूरे समारोह स्थल व एयरबेस के आसमान परिंदों को दूर भगाने के लिए एयरगनों का इस्तेमाल किया गया, जो कई बार समारोह के दौरान शूट की गई। उल्लेखनीय है कि परिंदों की वजह से यहां एयरक्राफ्ट को हमेशा खतरा बना रहता है। ये परिंदे अचानक उड़ते हुए एयरक्राफ्ट के आगे आ जाते हैं, जिस वजह से एयरक्राफ्ट के क्रैश होने का खतरा बना रहता है। यही टेंशन वीरवार को भी इस समरोह लोकल एयरफोर्स अथारिटी के समक्ष बनी रही।
सील रहा एयरफोर्स, आर्मी इलाका
इस समारोह के दौरान आर्मी, एयरफोर्स, सिविल पुलिस, खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट रही। एयरफोर्स स्टेशन की ओर आने वाली सड़कें जहां पूरी तरह से सील कर दी गई। वहीं इन सड़कों को रेड व ग्रीन रूट निर्धारित कर ट्रैफिक को कंट्रोल किया गया। एयरफोर्स इलाके के बाहर एक किलोमीटर का इलाका पूरी तरह से सील कर दिया गया। सिक्योरिटी की विभिन्न टीमें पूरी तरह से सक्रिय रही। इस दौरान हालांकि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को खासी दिक्कतें हुई, लेकिन लोकल अथारिटी ने इस इलाके व सड़कों को दोपहर तक सील ही रखा।