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Ambala News: हाईटेक की दौड़ में पिछड़ी रोडवेज, ऑटोमेटिक डोर न सीसीटीवी कैमरे
Tue, 01 Sep 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:52 AM IST
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अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में खड़ी हरियाणा रोडवेज की वातानुकूलित बस जिसमें नहीं है कैमरा। संव
- फोटो : Self
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एक ओर जहां सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं हरियाणा रोडवेज की बसें आज भी हाईटेक श्रेणी से कोसों दूर हैं। आधुनिक सुरक्षा मानकों की बात करें तो ऑटोमेटिक डोर तो दूर, रोडवेज की साधारण और वातानुकूलित बसों में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। इसके उलट इलेक्ट्रिक बसों, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग और निजी बसों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिलते हैं।
रोडवेज की 159 और 10 एसी बसों में एक भी कैमरा नहीं
अंबाला डिपो के बेड़े पर नजर डालें तो यहां लगभग 159 साधारण बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से एक भी बस में सीसीटीवी कैमरा नहीं है। हद तो यह है कि डिपो की 10 वातानुकूलित बसों में भी यह सुविधा नदारद है। इसके विपरीत, अंबाला में चलने वाली 25 नई इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और उनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
निजी परिवहन की बात करें तो जिले की 75 प्राइवेट बसों में से केवल कुछ में ही कैमरे दिखे। वहीं, पड़ोसी राज्य पंजाब की पनबस की एसी बसों और सीटीयू की सामान्य व एसी दोनों श्रेणी की बसों में सीसीटीवी कैमरे पहले से चालू हैं।
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राज्य कमेटी के मुख्य संगठनकर्ता और जिला प्रधान रमेश श्योकंद ने बताया कि बसों में सफर के दौरान यात्री कई बार टिकट नहीं लेते, छुट्टे पैसों को लेकर विवाद करते हैं और मना करने पर कर्मचारियों को धमकाते हैं। बिना ठहराव के बस रुकवाकर उतरना या लंबे रूट की गाड़ियों को जबरन रास्ते में रोकना आम बात हो गई है। यदि बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों, तो निष्पक्ष जांच से साफ हो जाएगा कि गलती कर्मचारी की है या यात्री की। इसी तरह के रोज-रोज के झगड़ों से बचाव के लिए अब तो प्राइवेट बस चालक भी अपनी गाड़ियों में कैमरे लगवा रहे हैं।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव जयबीर घनघस ने बताया कि सड़क पर चलते समय अक्सर अचानक या साइड से आने वाले वाहन रोडवेज बसों को ओवरटेक करने के चक्कर में टक्कर मार देते हैं, लेकिन हर बार कसूर बस चालकों का ही निकाला जाता है। बसों में कैमरे लगे होंगे तो लोग लापरवाही से ओवरटेक करने से डरेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। इसके अलावा, यात्रियों द्वारा चालक-परिचालक के खिलाफ की जाने वाली अभद्रता की झूठी शिकायतों पर भी लगाम लगेगी।
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अंबाला। एक ओर जहां सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं हरियाणा रोडवेज की बसें आज भी हाईटेक श्रेणी से कोसों दूर हैं। आधुनिक सुरक्षा मानकों की बात करें तो ऑटोमेटिक डोर तो दूर, रोडवेज की साधारण और वातानुकूलित बसों में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। इसके उलट इलेक्ट्रिक बसों, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग और निजी बसों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिलते हैं।
रोडवेज की 159 और 10 एसी बसों में एक भी कैमरा नहीं
अंबाला डिपो के बेड़े पर नजर डालें तो यहां लगभग 159 साधारण बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से एक भी बस में सीसीटीवी कैमरा नहीं है। हद तो यह है कि डिपो की 10 वातानुकूलित बसों में भी यह सुविधा नदारद है। इसके विपरीत, अंबाला में चलने वाली 25 नई इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और उनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
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निजी परिवहन की बात करें तो जिले की 75 प्राइवेट बसों में से केवल कुछ में ही कैमरे दिखे। वहीं, पड़ोसी राज्य पंजाब की पनबस की एसी बसों और सीटीयू की सामान्य व एसी दोनों श्रेणी की बसों में सीसीटीवी कैमरे पहले से चालू हैं।
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राज्य कमेटी के मुख्य संगठनकर्ता और जिला प्रधान रमेश श्योकंद ने बताया कि बसों में सफर के दौरान यात्री कई बार टिकट नहीं लेते, छुट्टे पैसों को लेकर विवाद करते हैं और मना करने पर कर्मचारियों को धमकाते हैं। बिना ठहराव के बस रुकवाकर उतरना या लंबे रूट की गाड़ियों को जबरन रास्ते में रोकना आम बात हो गई है। यदि बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों, तो निष्पक्ष जांच से साफ हो जाएगा कि गलती कर्मचारी की है या यात्री की। इसी तरह के रोज-रोज के झगड़ों से बचाव के लिए अब तो प्राइवेट बस चालक भी अपनी गाड़ियों में कैमरे लगवा रहे हैं।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य महासचिव जयबीर घनघस ने बताया कि सड़क पर चलते समय अक्सर अचानक या साइड से आने वाले वाहन रोडवेज बसों को ओवरटेक करने के चक्कर में टक्कर मार देते हैं, लेकिन हर बार कसूर बस चालकों का ही निकाला जाता है। बसों में कैमरे लगे होंगे तो लोग लापरवाही से ओवरटेक करने से डरेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। इसके अलावा, यात्रियों द्वारा चालक-परिचालक के खिलाफ की जाने वाली अभद्रता की झूठी शिकायतों पर भी लगाम लगेगी।

अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में खड़ी हरियाणा रोडवेज की वातानुकूलित बस जिसमें नहीं है कैमरा। संव- फोटो : Self

अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में खड़ी हरियाणा रोडवेज की वातानुकूलित बस जिसमें नहीं है कैमरा। संव- फोटो : Self

अंबाला छावनी बस अड्डा परिसर में खड़ी हरियाणा रोडवेज की वातानुकूलित बस जिसमें नहीं है कैमरा। संव- फोटो : Self