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Ambala News: मौसमी बीमारियों से बढ़े मरीज, ओपीडी में उमड़ी भीड़
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चिकित्सक के कक्ष में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
अंबाला सिटी। दो दिन के साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को अंबाला शहर स्थित नागरिक अस्पताल में ओपीडी सेवाएं शुरू होते ही मरीजों का हुजूम उमड़ पड़ा। इलाज और डॉक्टरी परामर्श के लिए सुबह से पर्चा काउंटर से लेकर विशेषज्ञ डॉक्टरों के कमरों के बाहर कतारें देखने को मिलीं।
एक तरफ जहां डॉक्टरों की व्यस्तता के कारण मरीजों को लंबी तारीखें दी गईं, वहीं दूसरी तरफ मौसम के मिजाज में आए बदलाव और बारिश के चलते मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया।
अस्पताल की ओपीडी में अव्यवस्था और लंबी वेटिंग के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नया गांव से अस्पताल पहुंचीं मधुबाला ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे लंबे समय से पेट में पथरी के असहनीय दर्द से जूझ रही हैं। डॉक्टरों ने उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती करने का आश्वासन दिया था। जब वे अस्पताल पहुंचीं तो संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी में मौजूद नहीं थे और ऑपरेशन थिएटर में व्यस्त रहे। इसके कारण उन्हें बिना दाखिले के ही लौटना पड़ा और अब डॉक्टरों ने उन्हें बुधवार को आने का समय दिया है।
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बारिश में भीगने से बढ़ी बीमारियां
हाल ही में हुई बारिश और मौसम के बदले मिजाज ने भी मौसमी बीमारियों को हवा दे दी है। वायरल, बदन दर्द और इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। डॉ. विशाल के पास आमतौर पर रोजाना करीब 60 मरीज आते हैं, सोमवार को ओपीडी में 90 से अधिक मरीज आए। इसमें अधिकांश को मौसमी बीमारियाें के लक्षण थे।
गोवर्धन नगर निवासी और नगर निगम में सफाई कर्मचारी राजिंदर ने बताया कि दो-तीन दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान बारिश में भीगने के कारण उन्हें तेज बुखार आ गया। हाथ-पांव और शरीर में तीव्र दर्द होने पर वे सोमवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
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बच्चों में बढ़ रही आंखों की परेशानी
अस्पताल के नेत्ररोग की ओपीडी में भी दिनभर मरीजों का तांता लगा रहा। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र नैतिक, आंखों में धुंधलेपन की शिकायत लेकर परिजनों संग पहुंचा। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने प्राथमिक जांच के बाद उसे दवाइयां दीं। डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित खान-पान की कमी और अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण कम उम्र के बच्चों में दृष्टि धुंधली होने और अन्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
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एक तरफ जहां डॉक्टरों की व्यस्तता के कारण मरीजों को लंबी तारीखें दी गईं, वहीं दूसरी तरफ मौसम के मिजाज में आए बदलाव और बारिश के चलते मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया।
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अस्पताल की ओपीडी में अव्यवस्था और लंबी वेटिंग के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नया गांव से अस्पताल पहुंचीं मधुबाला ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे लंबे समय से पेट में पथरी के असहनीय दर्द से जूझ रही हैं। डॉक्टरों ने उन्हें सोमवार को अस्पताल में भर्ती करने का आश्वासन दिया था। जब वे अस्पताल पहुंचीं तो संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी में मौजूद नहीं थे और ऑपरेशन थिएटर में व्यस्त रहे। इसके कारण उन्हें बिना दाखिले के ही लौटना पड़ा और अब डॉक्टरों ने उन्हें बुधवार को आने का समय दिया है।
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बारिश में भीगने से बढ़ी बीमारियां
हाल ही में हुई बारिश और मौसम के बदले मिजाज ने भी मौसमी बीमारियों को हवा दे दी है। वायरल, बदन दर्द और इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। डॉ. विशाल के पास आमतौर पर रोजाना करीब 60 मरीज आते हैं, सोमवार को ओपीडी में 90 से अधिक मरीज आए। इसमें अधिकांश को मौसमी बीमारियाें के लक्षण थे।
गोवर्धन नगर निवासी और नगर निगम में सफाई कर्मचारी राजिंदर ने बताया कि दो-तीन दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान बारिश में भीगने के कारण उन्हें तेज बुखार आ गया। हाथ-पांव और शरीर में तीव्र दर्द होने पर वे सोमवार को नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
बच्चों में बढ़ रही आंखों की परेशानी
अस्पताल के नेत्ररोग की ओपीडी में भी दिनभर मरीजों का तांता लगा रहा। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र नैतिक, आंखों में धुंधलेपन की शिकायत लेकर परिजनों संग पहुंचा। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने प्राथमिक जांच के बाद उसे दवाइयां दीं। डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित खान-पान की कमी और अत्यधिक स्क्रीन टाइम के कारण कम उम्र के बच्चों में दृष्टि धुंधली होने और अन्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।