Ambala: रोमानिया से आए युवक का शव लेकर परिजनों ने जाम किया हाईवे, पुलिस ने लाठियां बरसाकर खुलवाया
रोमानिया में युवक की मौत हो गई थी। शाहाबाद निवासी परिजनों ने तीन एजेंटों पर शाहाबाद में मामला दर्ज करवाया था। इनमें से दो अभी फरार हैं। इस कारण परिजनों में रोष है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंबाला में गृहमंत्री अनिल विज के आवास के बाहर रोमानिया से 23 वर्षीय युवक गुरविंदर का शव लेकर पहुंचे परिजनों ने अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस पर एजेंटों को न पकड़ने के आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर नारेबाजी की। करीब 15 मिनट तक अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे की एक लेन पूरी तरह से जाम रही।
डीएसपी राम कुमार के समझाने पर भी परिजन नहीं हटे तो उन पर पुलिस ने लाठियां बरसाई और उन्हें नेशनल हाईवे पर से खदेड़कर जाम खुलवाया। इस दौरान विरोध कर रहे कई परिजन घायल हो गए। वहीं मृतक के चाचा घायल होकर हाईवे पर बेसुध होकर गिर गए। उन्हें आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने मौके पर दो परिजनों को हिरासत में ले लिया था, उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि रोमानिया में युवक की मौत हो गई थी। शाहाबाद निवासी परिजनों ने तीन एजेंटों पर चार अक्तूबर को शाहाबाद थाने में मामला दर्ज करवाया था। इनमें से दो अभी फरार हैं। इस कारण परिजनों में रोष है।
शाहाबाद निवासी मृतक के भाई संजीव कुमार, चाचा राम सिंह, बलबीर सिंह व अन्य ने बताया कि गुरविंदर को गांव गौरसियो निवासी एजेंट प्रिंस, बलकार व बिट्टू ने 10 जुलाई को इटली भेजा था। इसकी एवज में 15 लाख रुपये लिए थे और सेफ रास्ते से भेजने की बात थी। वे गुरविंदर को खेतों व जंगलों के रास्ते से निकाल रहे थे। 22 जुलाई तक गुरविंदर सरबिया में था। एजेंटों के पैसे के लेनदेन के कारण उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।
जब फोन पर बात हुई तो एजेंटों ने उन्हें समाधान करने का आश्वासन दिया। एजेंटों ने बाद में बताया कि उनका भाई जेल में है और उसे फोन न करें। 29 सितंबर को अपने स्तर पर सोशल मीडिया के जरिये पता चला कि गुरविंदर का शव 24 जुलाई को रोमानिया के खेतों में मिला। रोमानिया में इंडियन एंबेसी से संपर्क किया और डीएनए से उसकी पहचान हुई। गुरविंदर की मौत के करीब चार माह बाद जाकर शव उन्हें मिला। उन्होंने कहा कि इसमें साफ तौर पर एजेंट ही जिम्मेदार है।
जिन्होंने सही रास्ते से युवक को भेजने का वायदा किया था। परिजनों का आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। वे अपने स्तर पर शव भारत लेकर लौटे हैं। परिजनों ने बताया कि दो आरोपी गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं जबकि एक आरोपी को जेल में भेज दिया गया। संजीव व अन्य का कहना है कि पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे।
गृहमंत्री ने लगाई एसपी कुरुक्षेत्र को फटकार
गृहमंत्री अनिल विज से मिलने पहुंचे परिजनों ने जब अपना दुखड़ा सुनाया तो उन्होंने मौके पर एसपी कुरुक्षेत्र को फटकार लगाई। साथ ही आदेश दिए कि जल्द से जल्द अन्य फरार एजेंटों को गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई की जाए। गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस को जल्द आरोपियों की गिर तारी के निर्देश दिए, जिसके बाद परिजन शव लेकर शाहाबाद बराड़ा रोड स्थित स्वर्ग आश्रम पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। मंत्री के आदेश मिलने के बाद पुलिस एजेंटों की तलाश में जुट गई।
दो दिन से एडीजीपी दफ्तार के काटे चक्कर
इससे पहले गुरविंदर के परिजन दो दिन तक एडीजीपी दफ्तर के चक्कर लगाते रहे। दोनों ही दिन उन्हें अधिकारी नहीं मिले। इससे गुस्साए परिजनों ने बुधवार को नेशनल हाईवे जाम करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई। इस दौरान करीब दो घंटे तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहा। परिजनों का आरोप है कि अगर एडीजीपी उन्हें मिल जाते और पुलिस की ओर से सहयोग मिलता तो उन्हें जाम नहीं लगाना पड़ता।
परिजनों में यह हुए घायल
मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार ने बताया चाचा राम कुमार, मामा की बेटी रमा रानी, बहन कमलेश, नवीन कुमार, चाचा का बेटा मनीष, राम सिंह व अन्य को गुम चोटें आई हैं।
इस मामले में कोई भी न तो गिरफ्तारी है और न ही कोई मामला दर्ज किया गया है। -रामकुमार, डीएसपी, अंबाला।