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Ambala News: रामलीला के कलाकार ब्रह्मचर्य का करते हैं पालन
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अंबाला। अंबाला में इस बार सात स्थानों पर रामलीला का आयोजन हाेगा। इनमें कुछ रामलीलाओं का कार्यक्रम अंग्रेजों से लाइसेंस लेकर आयोजित किया गया था। अब यह रामलीलाएं दोबारा से इस बार पुराने तरीके से लोगों को रामायण की कहानी से रूबरू कराएंगी। इसको लेकर अंबाला में शहर हो या कस्बा सभी जगह लोग खासे उत्साहित हैं। इस बार सिटी में तीन स्थानों पर, छावनी में तोपखाना बाजार, बराड़ा में अधोया गांव में तो मुलाना में दो स्थानों पर रामलीला आयोजित की जाएगी। सभी स्थानों पर कलाकारों ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।
अंबाला शहर के प्रेम नगर रामलीला मैदान में पिछले 60 वर्षों से रामलीला अयोजित की जा रही है। इस बार रामलीला की रिहर्सल चल रही है। इस रामलीला को सरस्वती ड्रामेटिक क्लब के द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें स्थानीय कलाकार वर्षों से प्रतिभाग कर रहे हैं। इसके अलावा दो अन्य स्थानों पर भी अंबाला शहर में रामलीला आयोजित हो रही है।
श्री रामलीला नाटक समाज द्वारा छावनी के तोपखाना बाजार में तीसरी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। प्रधान विनय गोयल ने बताया कि इस रामलीला का आयोजन 14 से लेकर 25 अक्तूबर तक किया जाएगा। इसमें 25 कलाकार मंचन करेंगे। वहीं 17 अक्तूबर को दो जरूरतमंद कन्याओं का विवाह करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रामलीला की शुरूआत 1963 में हुई थी और तोपखाना में यह रामलीला लगातार 1986 तक होती थी। किसी कारण से इस रामलीला का मंचन बंद कर दिया गया। लेकिन अब फिर से 2021 से यह रामलीला शुरू की गई। वहीं तोपखाना बाजार स्थित वाल्मीकि मंदिर के पीछे आर्मी के मैदान में 25 अक्तूबर को दशहरे का पर्व मनाया जाएगा।
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सनातन धर्म की परंपरा बनाए रखने के लिए एसडी सभा ने कमान संभाल ली है और 150 साल पुरानी श्रीराम बारात को धूमधाम से छावनी के बाजारों से निकालेंगे। सभा के महासचिव सुधीर बिंदलास ने बताया कि पहले श्रीराम लीला कमेटी बजाजा बाजार इस आयोजन को करती आ रही थी। इस बार किन्हीं कारणों से वह इस आयोजन को करने में असमर्थ है। ऐसे में एसडी सभा के पदाधिकारियों ने फैसला लिया कि वह सनातन धर्म की परंपरा को बनाए रखने के लिए श्रीराम बारात इस बार से हर साल निकालेंगे। यह शोभायात्रा 20 अक्तूबर को सांय चार बजे छावनी के हिल रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर से निकाली जाएगी। इसमें मुख्यातिथि के रूप में गृहमंत्री अनिल विज मौजूद रहेंगे। शोभायात्रा में करनाल से मंगाया भगवान का रथ आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं मेरठ की शहनाई, सहारनुपर के ताशे भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इस दौरान भगवान श्रीराम की फूलों की वर्षा लाइव, भजन, कीर्तन भी किए जाएंगे।
श्रीकृष्णा ड्रामेटिक कलब मुलाना 1928 से रामलीला मनाते आ रहा है। प्रधान राधेश्याम नंबरदार ने बताया कि 1928 में रामप्रसाद मीणा, लाला काकू गाेयल, लोती राम जैन, तेलूराम राणा, बनारसी दास गोयल, कालू राम कश्यप, संतराम व ईश्वर शर्मा ने अंग्रेजों से लाइसेंस लेकर रामलीला की शुरूआत की थी। बंटवारे के समय पुलिस के पहरे में भी रामलीला की गई थी। तब से लेकर अब तक 96वीं बार रामलीला आयोजित की जा रही है। उन्हाेंने बताया कि सोमवार से रामलीला का मंचन शुरू हो चुका है और इस रामलीला का मंचन 24 अक्तूबर तक किया जाएगा।
श्री रामा ड्रामेटिक क्लब द्वारा माता बाला सुंदरी मंदिर प्रांगण में रामलीला का आयोजन 10 अक्तूबर से किया जाएगा। प्रधान अनिल सैनी ने बताया कि यहां पर 1978 से रामलीला आयोजित हो रही है। तीन महीने पहले ही रामलीला की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसमें गांव के लोग ही किरदार निभाते हैं।
बराड़ा के समीपवर्ती गांव अधोया में श्री राम लीला क्लब द्वारा वर्ष 1952 से लगातार रामलीला का मंचन किया जा रहा है। क्लब के संदीप चौहान ने बताया कि अधोया में पुराना बाजार पोस्ट ऑफिस के पास रामलीला का मंचन किया जाता है। इस बार आठ अक्टूबर से रामलीला मंचन शुरू हो गया है। उपप्रधान आशीष गर्ग ने बताया कि जनरल सेक्रेटरी अनिल ऐलावादी ने लगातार 15 वर्षों तक राम का रोल निभाया। अब कृपाल राणा राम और यशपाल शर्मा रावण का रोल निभा रहे हैं।
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अंबाला शहर के प्रेम नगर रामलीला मैदान में पिछले 60 वर्षों से रामलीला अयोजित की जा रही है। इस बार रामलीला की रिहर्सल चल रही है। इस रामलीला को सरस्वती ड्रामेटिक क्लब के द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें स्थानीय कलाकार वर्षों से प्रतिभाग कर रहे हैं। इसके अलावा दो अन्य स्थानों पर भी अंबाला शहर में रामलीला आयोजित हो रही है।
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श्री रामलीला नाटक समाज द्वारा छावनी के तोपखाना बाजार में तीसरी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। प्रधान विनय गोयल ने बताया कि इस रामलीला का आयोजन 14 से लेकर 25 अक्तूबर तक किया जाएगा। इसमें 25 कलाकार मंचन करेंगे। वहीं 17 अक्तूबर को दो जरूरतमंद कन्याओं का विवाह करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रामलीला की शुरूआत 1963 में हुई थी और तोपखाना में यह रामलीला लगातार 1986 तक होती थी। किसी कारण से इस रामलीला का मंचन बंद कर दिया गया। लेकिन अब फिर से 2021 से यह रामलीला शुरू की गई। वहीं तोपखाना बाजार स्थित वाल्मीकि मंदिर के पीछे आर्मी के मैदान में 25 अक्तूबर को दशहरे का पर्व मनाया जाएगा।
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सनातन धर्म की परंपरा बनाए रखने के लिए एसडी सभा ने कमान संभाल ली है और 150 साल पुरानी श्रीराम बारात को धूमधाम से छावनी के बाजारों से निकालेंगे। सभा के महासचिव सुधीर बिंदलास ने बताया कि पहले श्रीराम लीला कमेटी बजाजा बाजार इस आयोजन को करती आ रही थी। इस बार किन्हीं कारणों से वह इस आयोजन को करने में असमर्थ है। ऐसे में एसडी सभा के पदाधिकारियों ने फैसला लिया कि वह सनातन धर्म की परंपरा को बनाए रखने के लिए श्रीराम बारात इस बार से हर साल निकालेंगे। यह शोभायात्रा 20 अक्तूबर को सांय चार बजे छावनी के हिल रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर से निकाली जाएगी। इसमें मुख्यातिथि के रूप में गृहमंत्री अनिल विज मौजूद रहेंगे। शोभायात्रा में करनाल से मंगाया भगवान का रथ आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं मेरठ की शहनाई, सहारनुपर के ताशे भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इस दौरान भगवान श्रीराम की फूलों की वर्षा लाइव, भजन, कीर्तन भी किए जाएंगे।
श्रीकृष्णा ड्रामेटिक कलब मुलाना 1928 से रामलीला मनाते आ रहा है। प्रधान राधेश्याम नंबरदार ने बताया कि 1928 में रामप्रसाद मीणा, लाला काकू गाेयल, लोती राम जैन, तेलूराम राणा, बनारसी दास गोयल, कालू राम कश्यप, संतराम व ईश्वर शर्मा ने अंग्रेजों से लाइसेंस लेकर रामलीला की शुरूआत की थी। बंटवारे के समय पुलिस के पहरे में भी रामलीला की गई थी। तब से लेकर अब तक 96वीं बार रामलीला आयोजित की जा रही है। उन्हाेंने बताया कि सोमवार से रामलीला का मंचन शुरू हो चुका है और इस रामलीला का मंचन 24 अक्तूबर तक किया जाएगा।
श्री रामा ड्रामेटिक क्लब द्वारा माता बाला सुंदरी मंदिर प्रांगण में रामलीला का आयोजन 10 अक्तूबर से किया जाएगा। प्रधान अनिल सैनी ने बताया कि यहां पर 1978 से रामलीला आयोजित हो रही है। तीन महीने पहले ही रामलीला की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसमें गांव के लोग ही किरदार निभाते हैं।
बराड़ा के समीपवर्ती गांव अधोया में श्री राम लीला क्लब द्वारा वर्ष 1952 से लगातार रामलीला का मंचन किया जा रहा है। क्लब के संदीप चौहान ने बताया कि अधोया में पुराना बाजार पोस्ट ऑफिस के पास रामलीला का मंचन किया जाता है। इस बार आठ अक्टूबर से रामलीला मंचन शुरू हो गया है। उपप्रधान आशीष गर्ग ने बताया कि जनरल सेक्रेटरी अनिल ऐलावादी ने लगातार 15 वर्षों तक राम का रोल निभाया। अब कृपाल राणा राम और यशपाल शर्मा रावण का रोल निभा रहे हैं।