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राम ने की लंका पर चढ़ाई, रावण सेना घबराई
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:18 AM IST
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राम ने की लंका पर चढ़ाई, रावण सेना घबराई
- फोटो : Amar Ujala
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श्री सनातन धर्म महावीर दल की ओर से आयोजित में राम नाटक क्लब के कलाकारों ने श्री रामलीला मंचन के आठवें दिन अंगद संवाद प्रसंग का मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत उद्योगपति सुशील अग्रवाल व नीलकमल वर्मा ने भगवान श्री राम की आरती उतार कर की।
श्री राम नाटक कल्ब के कलाकारों ने श्री रामलीला मंचन में रावण दरबार में विभीषण ने लंका को तबाह होते देख रावण को माता सीता आदर सहित श्री राम के पास छोड़ने का सुझाव देने पर रावण अपने दरबार से विभीषण विभीषण को निकाल देता है वही रावण बाद में पछताता है फिर वह कुंभकरण के पास जाता है।
श्री राम जी ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले रावण को समझाने के लिये अंगद को दूत बना कर भेजा। जहां पर रावण दरबार में अंगद द्वारा पांव जमाना व अंगद-रावण के संवाद देखने लायक थे। इस को देखने के लिए रामलीला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था।
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महावीर दल के प्रधान ने मुख्यातिथि को सम्मानित किया। इस अवसर पर वेद प्रकाश अग्रवाल, स्टेज सेक्टरी ओमप्रकाश आहूजा, कुलभूषण सूरी, रौशन लाल जुनेजा, तरसेम कौशिक, चंदेश चोपड़ा, बबला वर्मा, निर्मल गुप्ता, डॉ.कृष्ण, चींटू, मंथन के अलावा संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अंगद का पाठ नहीं उठा पाए रावण के दरबारी
अंबाला सिटी। उधर, सिटी गुड़ बाजार रामलीला में रावण की सोने की लंका का दहन के बाद रविवार को हनुमान जी समुद्र पार करके वापस श्री राम जी मिलते है। जहां वह सीता माता के साथ किए जा रहे व्यवहार व उनकी दशा के बारे में राम जी को पूर्ण जानकारी देने का शानदार मंचन न्यू राष्ट्रीय क्लब झंडे वाली रामलीला के कलाकारों ने किया।
साथ ही मंचन में रावण के द्वारा विभीषण को लंका से निकाला जाना, अंगद का लंका में जाकर अपना पैर को जमाकर रावण की निंदा करना, व अन्य प्रसंग को कलाकारों ने निभाया। मंचन स्थान को लंका की तरह बनाया गया था। अंगद का किरदार निभा रहे राजेश कुमार ने लंका के मंत्रियों व रावण के द्वारा अंगद का पैर न हिलापाने वाला दृश्य काफी रोचक व हास्यपद ढंग से पेश किया गया। जिसमें मंत्रियों से अंगद का पैर नही हिला तो अंगद ने उन शक्तिशाली मंत्रियों का मजाक उड़ाया।
क्लब के निदेशक प्रवीण शर्मा ने बताया कि रविवार के प्रसंग में लक्ष्मण का किरदार रविंद्र कुमार ने, हनुमान का किरदार राज कुमार ने, सुग्रीव का किरदार राजीव श्रीवास्तव ने, रावण का किरदार अशोक ठाकुर ने, विभीषण का किरदार अनिल कुमार ने, अंगद का किरदार राजेश कुमार निभाया। इस मौके पर क्लब के प्रधान अशोक ठाकुर उपप्रधान रामसिंह, व निदेशक प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
वही पुरानी अनाज मंडी में आयोजित शंकर ड्रैमेटिकल क्लब इमली वाली की ओर से आयोजित रामलीला में भी हनुमान से राम मिलन, अंगद का रावण के सम्मुख पैर जमाना, रावण द्वारा विभीषण का परित्याग करना व अन्य प्रसंग किए गए। इस रामलीला को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में बैठे दर्शकों ने सभी कलाकारों द्वारा निभाए गए सभी पात्रों की खूब सराहना की। क्लब के सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि रावण का किरदार राकेश शर्मा ने निभाया, मेघनाथ का किरदार मंजीत सिंह, राम का किरदार राकेश कुमार, लक्ष्मण का किरदार पवन कुमार ने निभाया, हनुमान का किरदार राकेश गुप्ता ने निभाया, अंगद का किरदार बोबी ने निभाय साथ ही अन्य कलाकारों ने भी अपनी-अपनी भूमिका निभाई। इस मौके पर राकेश कुमार जिंदल, अनिल पानीपतिया, प्रदीप पंबु, अशोक खरौदा, सुरेश जैन मिठ्ठा, सुभाष गोयल, मनोज कुमार, सुंदर ढींगरा, सुभाष चंद, विरेंद्र हैप्पी व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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श्री राम नाटक कल्ब के कलाकारों ने श्री रामलीला मंचन में रावण दरबार में विभीषण ने लंका को तबाह होते देख रावण को माता सीता आदर सहित श्री राम के पास छोड़ने का सुझाव देने पर रावण अपने दरबार से विभीषण विभीषण को निकाल देता है वही रावण बाद में पछताता है फिर वह कुंभकरण के पास जाता है।
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श्री राम जी ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले रावण को समझाने के लिये अंगद को दूत बना कर भेजा। जहां पर रावण दरबार में अंगद द्वारा पांव जमाना व अंगद-रावण के संवाद देखने लायक थे। इस को देखने के लिए रामलीला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था।
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महावीर दल के प्रधान ने मुख्यातिथि को सम्मानित किया। इस अवसर पर वेद प्रकाश अग्रवाल, स्टेज सेक्टरी ओमप्रकाश आहूजा, कुलभूषण सूरी, रौशन लाल जुनेजा, तरसेम कौशिक, चंदेश चोपड़ा, बबला वर्मा, निर्मल गुप्ता, डॉ.कृष्ण, चींटू, मंथन के अलावा संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अंगद का पाठ नहीं उठा पाए रावण के दरबारी
अंबाला सिटी। उधर, सिटी गुड़ बाजार रामलीला में रावण की सोने की लंका का दहन के बाद रविवार को हनुमान जी समुद्र पार करके वापस श्री राम जी मिलते है। जहां वह सीता माता के साथ किए जा रहे व्यवहार व उनकी दशा के बारे में राम जी को पूर्ण जानकारी देने का शानदार मंचन न्यू राष्ट्रीय क्लब झंडे वाली रामलीला के कलाकारों ने किया।
साथ ही मंचन में रावण के द्वारा विभीषण को लंका से निकाला जाना, अंगद का लंका में जाकर अपना पैर को जमाकर रावण की निंदा करना, व अन्य प्रसंग को कलाकारों ने निभाया। मंचन स्थान को लंका की तरह बनाया गया था। अंगद का किरदार निभा रहे राजेश कुमार ने लंका के मंत्रियों व रावण के द्वारा अंगद का पैर न हिलापाने वाला दृश्य काफी रोचक व हास्यपद ढंग से पेश किया गया। जिसमें मंत्रियों से अंगद का पैर नही हिला तो अंगद ने उन शक्तिशाली मंत्रियों का मजाक उड़ाया।
क्लब के निदेशक प्रवीण शर्मा ने बताया कि रविवार के प्रसंग में लक्ष्मण का किरदार रविंद्र कुमार ने, हनुमान का किरदार राज कुमार ने, सुग्रीव का किरदार राजीव श्रीवास्तव ने, रावण का किरदार अशोक ठाकुर ने, विभीषण का किरदार अनिल कुमार ने, अंगद का किरदार राजेश कुमार निभाया। इस मौके पर क्लब के प्रधान अशोक ठाकुर उपप्रधान रामसिंह, व निदेशक प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
वही पुरानी अनाज मंडी में आयोजित शंकर ड्रैमेटिकल क्लब इमली वाली की ओर से आयोजित रामलीला में भी हनुमान से राम मिलन, अंगद का रावण के सम्मुख पैर जमाना, रावण द्वारा विभीषण का परित्याग करना व अन्य प्रसंग किए गए। इस रामलीला को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में बैठे दर्शकों ने सभी कलाकारों द्वारा निभाए गए सभी पात्रों की खूब सराहना की। क्लब के सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि रावण का किरदार राकेश शर्मा ने निभाया, मेघनाथ का किरदार मंजीत सिंह, राम का किरदार राकेश कुमार, लक्ष्मण का किरदार पवन कुमार ने निभाया, हनुमान का किरदार राकेश गुप्ता ने निभाया, अंगद का किरदार बोबी ने निभाय साथ ही अन्य कलाकारों ने भी अपनी-अपनी भूमिका निभाई। इस मौके पर राकेश कुमार जिंदल, अनिल पानीपतिया, प्रदीप पंबु, अशोक खरौदा, सुरेश जैन मिठ्ठा, सुभाष गोयल, मनोज कुमार, सुंदर ढींगरा, सुभाष चंद, विरेंद्र हैप्पी व अन्य सदस्य मौजूद रहे।