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पत्नी और पुलिस को नहीं बताया, पोस्टमार्टम कराए बिना कर दिया था दाह संस्कार
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11 दिन पूर्व उगाला में हुए राजेश सुसाइड कांड मामले में अब पत्नी की शिकायत पर परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्यों को खुर्द बुर्द करने का केस दर्ज किया गया है। इससे पहले घटना के बाद पुलिस और पत्नी को सूचना दिये बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
पुलिस को दी गई शिकायत पर पत्नी बेबी ने बताया कि मैं यमुनानगर के गांव उन्हेड़ी की रहने वाली हूं। मेरी शादी पहले 2014 में खेड़ा के राजेश के साथ हुई थी। हमारी आठ साल से अनबन चल रही थी। उसके बाद मेरे दूसरी शादी मेरे माता-पिता ने 10 मई, 2021 को उगाला के राजेश से कर दी थी। 17 जून को मैं अपने चाचा श्योराम के साथ मायके आई हुई थी। 20 जून को राजेश मेरी भाभी को देखने के लिए जगाधरी के सिविल अस्पताल आया था। अगले दिन सुबह 7 बजे वह उगाला लौट आया था। दोपहर ढाई बजे मेरी बात हुई, तब राजेश सही था। शाम सात बजे मुझे ससुराल से फोन आया कि राजेश को अटैक पड़ गया है, जल्दी घर आ जाओ। मैं अपनी माता और चाचा के साथ उगाला आई तो पता चला कि राजेश का दाह संस्कार कर दिया गया है। राजेश के परिजनों ने मुझे उसके अंतिम दर्शन भी नहीं कराए। बराड़ा थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह के अनुसार 21 जून की घटना में तस्दीक करने और सीन ऑफ क्राइम टीम की रिपोर्ट में पाया गया कि राजेश ने तंग होकर पशुओं वाले कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। मृतक के परिजनों ने साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए लाश को बिना पोस्टमार्टम कराए और पुलिस को सूचना दिए बगैर दाह संस्कार करवा दिया था। बतौर सबूत अस्थियों की राख और पंखे को कब्जे में रखा गया है। जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्यों को नष्ट करना पाया गया है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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पुलिस को दी गई शिकायत पर पत्नी बेबी ने बताया कि मैं यमुनानगर के गांव उन्हेड़ी की रहने वाली हूं। मेरी शादी पहले 2014 में खेड़ा के राजेश के साथ हुई थी। हमारी आठ साल से अनबन चल रही थी। उसके बाद मेरे दूसरी शादी मेरे माता-पिता ने 10 मई, 2021 को उगाला के राजेश से कर दी थी। 17 जून को मैं अपने चाचा श्योराम के साथ मायके आई हुई थी। 20 जून को राजेश मेरी भाभी को देखने के लिए जगाधरी के सिविल अस्पताल आया था। अगले दिन सुबह 7 बजे वह उगाला लौट आया था। दोपहर ढाई बजे मेरी बात हुई, तब राजेश सही था। शाम सात बजे मुझे ससुराल से फोन आया कि राजेश को अटैक पड़ गया है, जल्दी घर आ जाओ। मैं अपनी माता और चाचा के साथ उगाला आई तो पता चला कि राजेश का दाह संस्कार कर दिया गया है। राजेश के परिजनों ने मुझे उसके अंतिम दर्शन भी नहीं कराए। बराड़ा थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह के अनुसार 21 जून की घटना में तस्दीक करने और सीन ऑफ क्राइम टीम की रिपोर्ट में पाया गया कि राजेश ने तंग होकर पशुओं वाले कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। मृतक के परिजनों ने साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए लाश को बिना पोस्टमार्टम कराए और पुलिस को सूचना दिए बगैर दाह संस्कार करवा दिया था। बतौर सबूत अस्थियों की राख और पंखे को कब्जे में रखा गया है। जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्यों को नष्ट करना पाया गया है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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