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Ambala News: पहाड़ों पर बारिश से मैदानी क्षेत्रों में आफत मारकंडा और बेगना नदी का रौद्र रूप
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मुलाना में उफान पर मारकंडा नदी। संवाद
मुलाना। पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर मारकंडा नदी और गोला-बेगना नदी पर देखने को मिला। दोनों नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने से खेतों और सड़कों पर पानी फैल गया, इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। मारकंडा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने दिनभर स्थिति पर नजर बनाए रखी और अलर्ट पर रहे।
मारकंडा नदी ने तोड़ा खतरे का निशान : रविवार सुबह कालाआम्ब क्षेत्र से आए तेज पानी के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता गया। शाम तक नदी खतरे के निशान (10 फीट) को पार कर 10.9 फीट लगभग 54,400 क्यूसेक तक पहुंच गई, इसके बाद जलस्तर घटने लगा।
पानी का बहाव इतना तेज था कि नदी के किनारों को लांघकर खेतों और सड़कों तक पहुंच गया। ब्राह्मण माजरा और हेमामाजरा मार्ग पर नदी का पानी सड़क के ऊपर से गुजरने लगा, वहीं नदी का उफान देखने के लिए पुल पर लोगों की भीड़ जमा रही।
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गांव में फिर हुआ जलभराव : गोला गांव में बेगना नदी ने भी कहर बरपाया। शनिवार को गांव में घुसे पानी के बाद रविवार सुबह कुछ राहत मिली थी, लेकिन दोपहर तक जलस्तर फिर बढ़ गया।
नदी में करीब 25 हजार क्यूसेक पानी दर्ज हुआ, इससे गलियों और घरों में दो फीट तक जलभराव हो गया। पानी भर जाने से ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा लाने में दिक्कत आई। गांववालों ने घरों को बचाने के लिए कट्टे लगा रखे हैं। नहौनी, गोला, गोली, टमनौली समेत कई गांवों के खेतों में भी पानी भर गया, हालांकि फसलों को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। संवाद
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मारकंडा नदी ने तोड़ा खतरे का निशान : रविवार सुबह कालाआम्ब क्षेत्र से आए तेज पानी के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता गया। शाम तक नदी खतरे के निशान (10 फीट) को पार कर 10.9 फीट लगभग 54,400 क्यूसेक तक पहुंच गई, इसके बाद जलस्तर घटने लगा।
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पानी का बहाव इतना तेज था कि नदी के किनारों को लांघकर खेतों और सड़कों तक पहुंच गया। ब्राह्मण माजरा और हेमामाजरा मार्ग पर नदी का पानी सड़क के ऊपर से गुजरने लगा, वहीं नदी का उफान देखने के लिए पुल पर लोगों की भीड़ जमा रही।
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गांव में फिर हुआ जलभराव : गोला गांव में बेगना नदी ने भी कहर बरपाया। शनिवार को गांव में घुसे पानी के बाद रविवार सुबह कुछ राहत मिली थी, लेकिन दोपहर तक जलस्तर फिर बढ़ गया।
नदी में करीब 25 हजार क्यूसेक पानी दर्ज हुआ, इससे गलियों और घरों में दो फीट तक जलभराव हो गया। पानी भर जाने से ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा लाने में दिक्कत आई। गांववालों ने घरों को बचाने के लिए कट्टे लगा रखे हैं। नहौनी, गोला, गोली, टमनौली समेत कई गांवों के खेतों में भी पानी भर गया, हालांकि फसलों को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। संवाद

मुलाना में उफान पर मारकंडा नदी। संवाद