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पहाड़ों पर बारिश, अंबाला में खतरा
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 13 Jul 2015 01:03 AM IST
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पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से अंबाला में भी खतरा बढ़ गया है। हालांकि अंबाला में रविवार को 32.7 एमएम बारिश हुई, मगर ये बारिश नदियों में पानी का स्तर बढ़ा रहा है।
सबसे ज्यादा पानी मारकंडा नदी में आ गया। जबकि घग्गर, टांगरी, बेगना व रूण नदी में भी पानी बढ़ गया है। ये तमाम बरसाती नदियां हिमाचल और शिवालिक की पहाड़ियों से होकर गुजरती हैं। रविवार को इन नदियों के आसपास बसे गांवों के लोगों को टेंशन हो गई है।
इस वक्त सबसे ज्यादा खतरा मारकंडा नदी से बना हुआ है। क्योंकि इस नदी में सबसे ज्यादा पानी आ गया है। जिसके चलते रविवार को ये पानी मुलाना इलाके में साथ लगते कई खेतों में भी जा घुसा। जिससे हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई।
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गांव में घुसा पानी, दहशत में ग्रामीण, पहुंचे अफसर
सिटी और शहजादपुर के पास गांव संतोखी में बारिश के पानी से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, इस गांव से कई गांवों का बरसाती पानी आगे गुजरता है। मगर पुलिया तंग होने और लगातार बारिश होने की वजह से बरसाती पानी एकत्रित होता गया और गांव की ओर रूख कर गया। जिस वजह से गांवों के लोगों में दहशत फैल गई।
इस बरसाती पानी की वजह से गांव संतोखी की दो हरिजन व वाल्मीकि बस्ती पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इसकी सूचना गांव के सरपंच द्वारा तुरंत प्रशासनिक अफसरों को दी गई। इन कालोनियों में बारिश की वजह से चार कच्चे मकान की दीवारें व छते भी ढह गई। लेकिन इन घरों से पहले ही परिजनों को निकाला जा चुका था, जिस वजह से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
सूचना मिलने पर बीडीपीओ शहजादपुर, एसडीओ ड्रेन, एसीपी ग्रामीण नारायणगढ़, एसएचओ शहजादपुर मौका पर पहुंचे और बरसाती पानी से घबराए लोगों को बस्तियों से निकालकर वहीं गांव की धर्मशाला में पहुंचाया गया।
उधर बीडीपीओ शहजादपुर व नायब तहसीलदार शहजादपुर ने ग्रामीणों को दो पुलियां बनाने की मांग को शीघ्र पूरी करने का आश्वासन दिया, ताकि भविष्य में गांव में बरसात के कारण नुकसान होने से बचाया जा सके।
उधर, निर्मल सिंह, बलजीत सिंह, डिंपल कुमार, निर्मल, ईशर सिंह, श्रीराम, मंजू, सुजू, रामपाल, सुरेंद्र, गुलजार सिंह, राकेश सिंह, जरनैलो देवी, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश, कृष्ण कुमार, गुरमेल सिंह आदि ने बताया कि पांच गांवों पतरेहड़ी, नगल घड़ौली, बिचली धमोली, उप्परी धमौली का बरसाती पानी उन्ही के गांवों से होकर गुजरता है और यहां धमौली माजरी में जो पुराना नाला बंद है, उस वजह से पानी गांवों की ओर आ जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब लगातार बारिश की वजह से भी यही हुआ और गांव में जरनैलो देवी, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश, गुरमेल सिंह के मकान ढह गए।
बीडीपीओ शहजादपुर प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण गांव संतोखी की हरिजन व वाल्मीकि बस्ती में जाकर मौका पर जायजा लिया गया। जल्द ही पुलिया की समस्या का हल करवाया जाएगा। इस दौरान गांव के सरपंच साहब सिंह ने भी हालातों पर रोष व्यक्त किया।
थाना प्रभारी शहजादपुर मेहर सिंह ने बताया कि गांव संतोखी में पानी घुसने की वजह से लोगों को धर्मशाला में सुरक्षित पहुंचा दिया गया था। पानी के कारण जान माल का नुकसान तो नहीं हुआ ।
ट्विनसिटी में भी आफत की बारिश, छतें गिरी
अंबाला सिटी व कैंट में भी लगातार बारिश की वजह से हालात खराब रहे। अंबाला सिटी रेलवे रोड पर व कैंट में धोबी मंडी कच्चा बाजार में दो मकानों की छत गिर गई। रविवार तड़के एक घर की छत गिर गई। घटना के बाद छत गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए।
तभी घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार जब छत गिरी तो उस दौरान परिवार के सदस्य दूसरे मकान में सोए हुए थे। जिससे परिवार बाल-बाल बच गया। वहीं, छत गिरने से मकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया है।
उधर, कैंट के धोबी मंडी कच्चा निवासी कुलदीप ने बताया कि उनका पूरा परिवार बाहर वाले कमरे में बैठा था, जबकि वह भीतर वाले कमरे में बैठा था। लगातार हो रही बारिश की वजह से उस कमरे की छत गिर गई, जिसमें वे अकेला बैठा था। लेकिन उसे छत के दरकने की आवाज सुन गई और वे तुरंत वहां से बाहर वाले कमरे की ओर दौड़ पड़ा। हालांकि उसे फिर भी थोड़ी चोट आई है, जबकि टीवी, पंखा, फ्रिज, डबल बेड समेत अन्य सामान मलबे में दब गया है।
उधर, रंगिया मंडी स्थित रेखा और ममता ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से उनके घर की कडिय़ां भी दरककर गिर गई है। जिस वजह से उन्होंने फिलहाल अपना मकान छोड़ दिया है। खतरे के चलते उन्होंने रंगिया मंडी में ही एक पड़ौसी के घर आश्रय लिया हुआ है।
प्रशासन की मुहिम पर लोगों के सवाल, खराब रहा ट्विनसिटी का हाल
अंबाला कैंट। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां प्रशासनिक दावों को धो डाला है, वहीं इन दावों पर जनता भी सवाल उठाने लगी है। जनता को भी इन दावों पर अब जहां यकीन नहीं रहा, वहीं कहते है ऐसे दावों से अंबाला स्मार्ट सिटी नहीं बनेगा। हर साल बारिशों में ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है, जबकि इस में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। जनता साफ कह रही है कि टैक्स के रूप में दिये जाने वाला पैसा बर्बाद हो रहा है, जबकि इसका कोई फायदा नहीं दिख रहा।
प्रशासन से जनता के सवाल
* लोगों द्वारा कब्जे कर पानी निकासी बाधित कर दी गई, समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
* प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं के आवास के आसपास जलभराव जैसी समस्या नहीं है, तो अन्य क्षेत्रों में कैसे हो जाती है?
* मानसून से पहले नाला सफाई अभियान चलाया जाता है, साल भर क्यों नहीं चलता?
* जनता से टैक्स लिया जाता है, तो जनता को टूटी और बरसाती पानी से भरी सड़कें क्यों मिलती हैं?
* जिन लोगों के जिम्मे सफाई अभियान रहता है, उन पर क्यो कार्रवाई नहीं की जाती है?
* ट्विन सिटी के भीतरी इलाकों में जलभराव से निजात दिलाने के लिए क्यों प्लान नहीं बना?
'जलभराव काफी गंभीर समस्या है, जिसे दूर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें जनता का भी थोड़ा सहयोग चाहिए ताकि वह पॉलीथिन आदि नालों, नालियों में न डालें, जिससे निकासी बाधित हो। फिर भी एमसीए अधिकारियों से पूछा जाएगा कि आखिर कहां पर कमी रही, जिससे अधिक जलभराव की समस्याएं पैदा हुई हैं।
- रमेश मल, मेयर, नगर निगम, अंबाला
अभी होती रहेगी बारिश
पिछले तीन दिनों से जारी बारिश से अभी राहत के आसार नहीं है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले कुछ घंटों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में बीच-बीच में जहां बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद 18 जुलाई तक धूप निकलने और बारिश के आसार रहेंगे।
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सबसे ज्यादा पानी मारकंडा नदी में आ गया। जबकि घग्गर, टांगरी, बेगना व रूण नदी में भी पानी बढ़ गया है। ये तमाम बरसाती नदियां हिमाचल और शिवालिक की पहाड़ियों से होकर गुजरती हैं। रविवार को इन नदियों के आसपास बसे गांवों के लोगों को टेंशन हो गई है।
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इस वक्त सबसे ज्यादा खतरा मारकंडा नदी से बना हुआ है। क्योंकि इस नदी में सबसे ज्यादा पानी आ गया है। जिसके चलते रविवार को ये पानी मुलाना इलाके में साथ लगते कई खेतों में भी जा घुसा। जिससे हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई।
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गांव में घुसा पानी, दहशत में ग्रामीण, पहुंचे अफसर
सिटी और शहजादपुर के पास गांव संतोखी में बारिश के पानी से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, इस गांव से कई गांवों का बरसाती पानी आगे गुजरता है। मगर पुलिया तंग होने और लगातार बारिश होने की वजह से बरसाती पानी एकत्रित होता गया और गांव की ओर रूख कर गया। जिस वजह से गांवों के लोगों में दहशत फैल गई।
इस बरसाती पानी की वजह से गांव संतोखी की दो हरिजन व वाल्मीकि बस्ती पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इसकी सूचना गांव के सरपंच द्वारा तुरंत प्रशासनिक अफसरों को दी गई। इन कालोनियों में बारिश की वजह से चार कच्चे मकान की दीवारें व छते भी ढह गई। लेकिन इन घरों से पहले ही परिजनों को निकाला जा चुका था, जिस वजह से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
सूचना मिलने पर बीडीपीओ शहजादपुर, एसडीओ ड्रेन, एसीपी ग्रामीण नारायणगढ़, एसएचओ शहजादपुर मौका पर पहुंचे और बरसाती पानी से घबराए लोगों को बस्तियों से निकालकर वहीं गांव की धर्मशाला में पहुंचाया गया।
उधर बीडीपीओ शहजादपुर व नायब तहसीलदार शहजादपुर ने ग्रामीणों को दो पुलियां बनाने की मांग को शीघ्र पूरी करने का आश्वासन दिया, ताकि भविष्य में गांव में बरसात के कारण नुकसान होने से बचाया जा सके।
उधर, निर्मल सिंह, बलजीत सिंह, डिंपल कुमार, निर्मल, ईशर सिंह, श्रीराम, मंजू, सुजू, रामपाल, सुरेंद्र, गुलजार सिंह, राकेश सिंह, जरनैलो देवी, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश, कृष्ण कुमार, गुरमेल सिंह आदि ने बताया कि पांच गांवों पतरेहड़ी, नगल घड़ौली, बिचली धमोली, उप्परी धमौली का बरसाती पानी उन्ही के गांवों से होकर गुजरता है और यहां धमौली माजरी में जो पुराना नाला बंद है, उस वजह से पानी गांवों की ओर आ जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि अब लगातार बारिश की वजह से भी यही हुआ और गांव में जरनैलो देवी, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश, गुरमेल सिंह के मकान ढह गए।
बीडीपीओ शहजादपुर प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण गांव संतोखी की हरिजन व वाल्मीकि बस्ती में जाकर मौका पर जायजा लिया गया। जल्द ही पुलिया की समस्या का हल करवाया जाएगा। इस दौरान गांव के सरपंच साहब सिंह ने भी हालातों पर रोष व्यक्त किया।
थाना प्रभारी शहजादपुर मेहर सिंह ने बताया कि गांव संतोखी में पानी घुसने की वजह से लोगों को धर्मशाला में सुरक्षित पहुंचा दिया गया था। पानी के कारण जान माल का नुकसान तो नहीं हुआ ।
ट्विनसिटी में भी आफत की बारिश, छतें गिरी
अंबाला सिटी व कैंट में भी लगातार बारिश की वजह से हालात खराब रहे। अंबाला सिटी रेलवे रोड पर व कैंट में धोबी मंडी कच्चा बाजार में दो मकानों की छत गिर गई। रविवार तड़के एक घर की छत गिर गई। घटना के बाद छत गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए।
तभी घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार जब छत गिरी तो उस दौरान परिवार के सदस्य दूसरे मकान में सोए हुए थे। जिससे परिवार बाल-बाल बच गया। वहीं, छत गिरने से मकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया है।
उधर, कैंट के धोबी मंडी कच्चा निवासी कुलदीप ने बताया कि उनका पूरा परिवार बाहर वाले कमरे में बैठा था, जबकि वह भीतर वाले कमरे में बैठा था। लगातार हो रही बारिश की वजह से उस कमरे की छत गिर गई, जिसमें वे अकेला बैठा था। लेकिन उसे छत के दरकने की आवाज सुन गई और वे तुरंत वहां से बाहर वाले कमरे की ओर दौड़ पड़ा। हालांकि उसे फिर भी थोड़ी चोट आई है, जबकि टीवी, पंखा, फ्रिज, डबल बेड समेत अन्य सामान मलबे में दब गया है।
उधर, रंगिया मंडी स्थित रेखा और ममता ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से उनके घर की कडिय़ां भी दरककर गिर गई है। जिस वजह से उन्होंने फिलहाल अपना मकान छोड़ दिया है। खतरे के चलते उन्होंने रंगिया मंडी में ही एक पड़ौसी के घर आश्रय लिया हुआ है।
प्रशासन की मुहिम पर लोगों के सवाल, खराब रहा ट्विनसिटी का हाल
अंबाला कैंट। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां प्रशासनिक दावों को धो डाला है, वहीं इन दावों पर जनता भी सवाल उठाने लगी है। जनता को भी इन दावों पर अब जहां यकीन नहीं रहा, वहीं कहते है ऐसे दावों से अंबाला स्मार्ट सिटी नहीं बनेगा। हर साल बारिशों में ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है, जबकि इस में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। जनता साफ कह रही है कि टैक्स के रूप में दिये जाने वाला पैसा बर्बाद हो रहा है, जबकि इसका कोई फायदा नहीं दिख रहा।
प्रशासन से जनता के सवाल
* लोगों द्वारा कब्जे कर पानी निकासी बाधित कर दी गई, समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
* प्रशासनिक अधिकारियों व नेताओं के आवास के आसपास जलभराव जैसी समस्या नहीं है, तो अन्य क्षेत्रों में कैसे हो जाती है?
* मानसून से पहले नाला सफाई अभियान चलाया जाता है, साल भर क्यों नहीं चलता?
* जनता से टैक्स लिया जाता है, तो जनता को टूटी और बरसाती पानी से भरी सड़कें क्यों मिलती हैं?
* जिन लोगों के जिम्मे सफाई अभियान रहता है, उन पर क्यो कार्रवाई नहीं की जाती है?
* ट्विन सिटी के भीतरी इलाकों में जलभराव से निजात दिलाने के लिए क्यों प्लान नहीं बना?
'जलभराव काफी गंभीर समस्या है, जिसे दूर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें जनता का भी थोड़ा सहयोग चाहिए ताकि वह पॉलीथिन आदि नालों, नालियों में न डालें, जिससे निकासी बाधित हो। फिर भी एमसीए अधिकारियों से पूछा जाएगा कि आखिर कहां पर कमी रही, जिससे अधिक जलभराव की समस्याएं पैदा हुई हैं।
- रमेश मल, मेयर, नगर निगम, अंबाला
अभी होती रहेगी बारिश
पिछले तीन दिनों से जारी बारिश से अभी राहत के आसार नहीं है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले कुछ घंटों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में बीच-बीच में जहां बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद 18 जुलाई तक धूप निकलने और बारिश के आसार रहेंगे।