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Ambala News: पहाड़ों में बारिश, उफान पर मारकंडा
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मुलाना में उफान पर मारकंडा नदी। संवाद
मुलाना। पहाड़ों में हुई बारिश के चलते मारकंडा नदी में उफान आ गया। बुधवार सुबह जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। दोपहर दो बजे के बाद मारकंडा नदी का जलस्तर अधिक हो गया।
दोपहर दो बजे मारकंडा नदी का जलस्तर 4.5 फीट था। करीब 50 मिनट में ही जलस्तर सात फीट पर जा पहुंचा जो करीब 28 हजार क्यूसेक पानी था। इसके बाद जलस्तर बढ़ता गया और शाम 5 बजे मारकंडा नदी का जलस्तर करीब 8.1 फीट जा पहुंचा जोकि करीब 34 हजार क्यूसेक पानी था। मारकंडा नदी का यह जलस्तर इस बार का अधिकतम जलस्तर रहा। इस कारण मारकंडा नदी का पानी किनारे के खेतों में जा घुसा और फसलों को नुकसान पहुंचाया।
नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी
हिमाचल के कालाअंब में मारकंडा नदी का जलस्तर 2.7 मीटर था जोकि करीब 25 हजार क्यूसेक पानी था। करीब एक घंटे बाद ही जलस्तर घटना भी शुरू हो गया था जोकि सुबह करीब नाै बजे 2.3 मीटर करीब 16500 क्यूसेक पानी था। रास्ते में मारकंडा नदी में मिलने वाली रूण, बेगना, नकटी और छोटा मारकंडा नदियों में पानी होने के चलते मुलाना में जलस्तर बढ़ने की संभावना बढ़ गई थी। इस कारण सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मारकंडा नदी के जलस्तर की पल-पल की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शाम करीब साढ़े पांच बजे मारकंडा नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ जोकि करीब 33 हजार क्यूसेक आठ फीट था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि सिंचाई विभाग ने लोगों को नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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वर्जन
मारकंडा नदी का जलस्तर बुधवार शाम को 8.1 फीट के बाद घटना शुरु हो गया था। विभाग हर स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से अपील है कि नदी किनारे कतई न जाएं।
शिखा बंसल, एसडीओ सिंचाई विभाग।
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दोपहर दो बजे मारकंडा नदी का जलस्तर 4.5 फीट था। करीब 50 मिनट में ही जलस्तर सात फीट पर जा पहुंचा जो करीब 28 हजार क्यूसेक पानी था। इसके बाद जलस्तर बढ़ता गया और शाम 5 बजे मारकंडा नदी का जलस्तर करीब 8.1 फीट जा पहुंचा जोकि करीब 34 हजार क्यूसेक पानी था। मारकंडा नदी का यह जलस्तर इस बार का अधिकतम जलस्तर रहा। इस कारण मारकंडा नदी का पानी किनारे के खेतों में जा घुसा और फसलों को नुकसान पहुंचाया।
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नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी
हिमाचल के कालाअंब में मारकंडा नदी का जलस्तर 2.7 मीटर था जोकि करीब 25 हजार क्यूसेक पानी था। करीब एक घंटे बाद ही जलस्तर घटना भी शुरू हो गया था जोकि सुबह करीब नाै बजे 2.3 मीटर करीब 16500 क्यूसेक पानी था। रास्ते में मारकंडा नदी में मिलने वाली रूण, बेगना, नकटी और छोटा मारकंडा नदियों में पानी होने के चलते मुलाना में जलस्तर बढ़ने की संभावना बढ़ गई थी। इस कारण सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मारकंडा नदी के जलस्तर की पल-पल की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शाम करीब साढ़े पांच बजे मारकंडा नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ जोकि करीब 33 हजार क्यूसेक आठ फीट था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि सिंचाई विभाग ने लोगों को नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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मारकंडा नदी का जलस्तर बुधवार शाम को 8.1 फीट के बाद घटना शुरु हो गया था। विभाग हर स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से अपील है कि नदी किनारे कतई न जाएं।
शिखा बंसल, एसडीओ सिंचाई विभाग।