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Ambala News: ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेलवे सख्त, स्टेशन मास्टरों की जवाबदेही तय
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अंबाला छावनी के रेल विहार स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय। रेलवे
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। उत्तर रेलवे में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के कारण दैनिक यात्रियों और मुसाफिरों की बढ़ रही परेशानियों को रेलवे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। मंडल में 5 से लेकर 30 मिनट की देरी से चल रही ट्रेनों के समय की भरपाई करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
रेलवे बोर्ड व वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट आदेश हैं कि रनिंग सेक्शन में स्पीड कंट्रोल को बेहतर बनाकर सभी ट्रेनों को हर हाल में गंतव्य तक समय पर पहुंचाया जाए। लापरवाही बरतने और बिना किसी ठोस कारण के ट्रेन देरी होने पर संबंधित स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे मंडल मुख्यालय में ट्रेन परिचालन की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम और टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों को हर ट्रेन की सेक्शन-वाइज रनिंग पोजीशन पर सीधी नजर रखने को कहा गया है। सीपीटीएम और मंडल परिचालन प्रबंधकों को जारी निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई ट्रेन पीछे से लेट आ रही है, तो उसे अगले ब्लॉक सेक्शन में निर्धारित गति सीमा का अधिकतम उपयोग करते हुए समय पूरा कराया जाए।
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जनशताब्दी और वंदे भारत भी लेटलतीफी का शिकार
रेलवे आंकड़ों के अनुसार, अंबाला और आसपास के मंडलों में कई प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनें रोजाना 5 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसमें ट्रेन नंबर 12058 दौलतपुर चौक-नई दिल्ली जनशताब्दी का भी आंकड़ा शामिल किया गया, जोकि अपने निर्धारित समय से 28 मिनट की देरी से संचालित हुई। इसी प्रकार ट्रेन 22447 नई दिल्ली-अंब अंदौरा वंदे भारत भी 18 मिनट लेट दर्ज की गई। वहीं, 12231 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस 8 मिनट, 14815 सूरतगढ़-ऋषिकेश, 19411 गांधीनगर-दौलतपुर चौक और 14525 अंबाला-श्री गंगानगर जैसी कई एक्सप्रेस गाड़ियां भी 7 से 11 मिनट की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची।
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लापरवाही पर नपेंगे जिम्मेदार अधिकारी
रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि आउटर सिग्नल पर ट्रेनों को बेवजह खड़ा रखने या स्टेशन पर होम सिग्नल साफ करने में देरी करने वाले स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षक की जवाबदेही तय होगी। सभी ट्रेनों के रनिंग टाइम की भरपाई के लिए लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन स्टाफ को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ट्रेनों को समय पर चलाना रेलवे की प्राथमिकता है। कुछ समय के अंतराल के बाद ट्रेनों के संचालन का डाटा तैयार किया जाता है कि कौनसी ट्रेन देरी से चल रही है। ऐसी ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने के निर्देश रेलवे द्वारा दिए गए हैं। इसकी जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी को दे दी गई है।
- विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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अंबाला। उत्तर रेलवे में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के कारण दैनिक यात्रियों और मुसाफिरों की बढ़ रही परेशानियों को रेलवे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। मंडल में 5 से लेकर 30 मिनट की देरी से चल रही ट्रेनों के समय की भरपाई करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
रेलवे बोर्ड व वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट आदेश हैं कि रनिंग सेक्शन में स्पीड कंट्रोल को बेहतर बनाकर सभी ट्रेनों को हर हाल में गंतव्य तक समय पर पहुंचाया जाए। लापरवाही बरतने और बिना किसी ठोस कारण के ट्रेन देरी होने पर संबंधित स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे मंडल मुख्यालय में ट्रेन परिचालन की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम और टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों को हर ट्रेन की सेक्शन-वाइज रनिंग पोजीशन पर सीधी नजर रखने को कहा गया है। सीपीटीएम और मंडल परिचालन प्रबंधकों को जारी निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई ट्रेन पीछे से लेट आ रही है, तो उसे अगले ब्लॉक सेक्शन में निर्धारित गति सीमा का अधिकतम उपयोग करते हुए समय पूरा कराया जाए।
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जनशताब्दी और वंदे भारत भी लेटलतीफी का शिकार
रेलवे आंकड़ों के अनुसार, अंबाला और आसपास के मंडलों में कई प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनें रोजाना 5 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसमें ट्रेन नंबर 12058 दौलतपुर चौक-नई दिल्ली जनशताब्दी का भी आंकड़ा शामिल किया गया, जोकि अपने निर्धारित समय से 28 मिनट की देरी से संचालित हुई। इसी प्रकार ट्रेन 22447 नई दिल्ली-अंब अंदौरा वंदे भारत भी 18 मिनट लेट दर्ज की गई। वहीं, 12231 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस 8 मिनट, 14815 सूरतगढ़-ऋषिकेश, 19411 गांधीनगर-दौलतपुर चौक और 14525 अंबाला-श्री गंगानगर जैसी कई एक्सप्रेस गाड़ियां भी 7 से 11 मिनट की देरी से गंतव्य स्टेशन पर पहुंची।
लापरवाही पर नपेंगे जिम्मेदार अधिकारी
रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि आउटर सिग्नल पर ट्रेनों को बेवजह खड़ा रखने या स्टेशन पर होम सिग्नल साफ करने में देरी करने वाले स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षक की जवाबदेही तय होगी। सभी ट्रेनों के रनिंग टाइम की भरपाई के लिए लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन स्टाफ को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रेनों को समय पर चलाना रेलवे की प्राथमिकता है। कुछ समय के अंतराल के बाद ट्रेनों के संचालन का डाटा तैयार किया जाता है कि कौनसी ट्रेन देरी से चल रही है। ऐसी ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने के निर्देश रेलवे द्वारा दिए गए हैं। इसकी जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी को दे दी गई है।
- विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।