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कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रेलवे, मांग पर उपलब्ध होगा आईसोलेशन कोच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Apr 2021 12:43 AM IST
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Railways are ready to fight with Corona infection, eight Isolation coaches are ready
रेल मंडल ने पिछले साल कोरोना के मरीजों के लिए जो आइसोलेशन कोच बनाए थे, वो अभी भी बरकरार हैं। हालांकि इनमें से लगभग सात कोच निकालकर पैसेंजर ट्रेनों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वहीं, 8 कोच ट्रेन अभी भी तैयार हैं। इसका रख-रखाव रेलवे द्वारा किया जा रहा है।
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पिछले वर्ष के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बढ़ते संक्रमण और राज्यों के अस्पतालों में बेड्स की कमी के बीच कुछ जगह ट्रेन के डिब्बों में बने आईसोलेशन कोच की जरूरत पड़ने लगी है। हालांकि रेलवे की आईसोलेशन कोच को लेकर तैयारियां पूरी हैं। जैसे ही राज्य सरकारों की तरफ से डिमांड आएगी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के साथ उपलब्ध करवाया जाएगा। अंबाला मंडल के छावनी स्टेशन पर पिछले वर्ष 15 आईसोलेशन कोच की ट्रेन मंगवाई गई थी।
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15 माह में नहीं आया एक भी मरीज
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर जगाधरी रेलवे वर्कशाप ने मई माह में कोविड मरीजों को भर्ती करने के लिए पुराने कोचों का आईसोलेशन वार्ड में तब्दील किया था, ताकि अस्पताल में जगह न होने पर कोविड मरीजों को आईसोलेशन कोच में भर्ती किया जा सके, लेकिन मार्च 2020 से लेकर मई 2021 तक लगभग 15 महीनों बाद भी में एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ था।
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हो रही साफ-सफाई
रेलवे अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार सभी डिवीजन पर आईसोलेशन कोच उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर रखे हुए हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे पूरी तरह से निभा रही है। साफ-सफाई सहित कोच में लगे अन्य उपकरणों की समय अनुसार जांच की जा रही है।
50 हजार की लागत से तैयार हुए थे कोच
कोरोना काल के दौरान 15 कोच छावनी स्टेशन के वॉशिंग लाइन की पटरियों पर खड़े किए गए, ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों की एंबुलेंस सीधा आईसोलेशल कोच तक पहुंच सके। सूत्रों का कहना है कि एक कोच को आईसोलेशन वार्ड में तब्दील करने में करीब 50 हजार रुपये का खर्च आया। एक कोच में एक समय में आठ मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। कोच की ऊपर और बीच की बर्थ निकालकर केवल नीचे की बर्थ छोड़ी गई, ताकि मरीज को उठने-बैठने और स्वास्थ्य कर्मियों को इलाज करने में दिक्कत न हो।
कोच में लग सकेंगे स्वास्थ्य उपकरण
कोच में मेडिकल फैसिलिटी जुटाने का काम राज्य सरकार करेगी। कोच की सफाई, कंबल, पानी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी रेलवे की होगी। इन कोच में स्वास्थ्य उपकरण लगाने के लिए भी सुविधाएं दी गईं हैं।

डिमांड के आधार पर होगी कार्रवाई
पिछले वर्ष भी आईसोलेशन कोच तैयार गिए गए थे, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। जैसे ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से डिमांड आएगी, उन्हें बुनियादी सुविधाओं के साथ कोच उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
-गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक।
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