{"_id":"66faf0e21a06105f08030f34","slug":"rabies-can-also-spread-through-bites-of-other-animals-neelam-ambala-news-c-36-1-ame1006-130484-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्य जानवरों के काटने से भी फैल सकता है रेबिज : नीलम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्य जानवरों के काटने से भी फैल सकता है रेबिज : नीलम
विज्ञापन
अंबाला सिटी। कुत्ते सहित अन्य किसी भी जानवर के काटने के कारण रेबीज रोग हो सकता है। इसलिए किसी जानवर के काटने पर हमें तुरंत प्रभाव से उपचार करवाना चाहिए। डॉ़ नीलम कुश्वाह ने बताया कि रेबीज के प्रति जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय एकीकृत स्वास्थ्य पशुजन्य रोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेबिज एक घातक बीमारी है। रेबिज एक ऐसा घातक वायरस है, जो ज्यादातर केस में मौत का कारण है। जिला नोडल अधिकारी डॉ़ जश्नप्रीत सिंह ने कहा कि रेबीज फैलने के कारण, बचाव और लक्षण के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि रेबीज है क्या।
रेबीज एक घातक वायरस है, जो संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है और इन जानवरों के काटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति में एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो ज्यादातर मामलों में ये मौत का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
कुत्तों के काटने के अलावा बिल्ली, बीवर, गाय, बकरी, चमगादड़, रैकून, लोमड़ी, बंदर और कोयोट में भी रेबीज पाया जाता हैद। रेबीज से बचाव के लिए अपने पालतू जानवरों को टीका लगवाएं और आवारा कुत्तों से थोड़ी दूरी बनाए रखें।
रेबीज के लक्षण आमतौर पर जल्दी दिखाई नहीं देते। जब किसी व्यक्ति को कोई संक्रमित जानवर काटता है या वह रेबीज के संपर्क में आता है तो वायरस लक्षण को पैदा करने से पहले शरीर के जरिये दिमाग तक पहुंचता है। इसके बाद ही लक्षण दिखाई देते हैं। रेबीज किसी व्यक्ति के शरीर में एक से तीन महीने तक निष्क्रिय रह सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रेबिज एक घातक बीमारी है। रेबिज एक ऐसा घातक वायरस है, जो ज्यादातर केस में मौत का कारण है। जिला नोडल अधिकारी डॉ़ जश्नप्रीत सिंह ने कहा कि रेबीज फैलने के कारण, बचाव और लक्षण के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि रेबीज है क्या।
विज्ञापन
रेबीज एक घातक वायरस है, जो संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है और इन जानवरों के काटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति में एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो ज्यादातर मामलों में ये मौत का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
कुत्तों के काटने के अलावा बिल्ली, बीवर, गाय, बकरी, चमगादड़, रैकून, लोमड़ी, बंदर और कोयोट में भी रेबीज पाया जाता हैद। रेबीज से बचाव के लिए अपने पालतू जानवरों को टीका लगवाएं और आवारा कुत्तों से थोड़ी दूरी बनाए रखें।
रेबीज के लक्षण आमतौर पर जल्दी दिखाई नहीं देते। जब किसी व्यक्ति को कोई संक्रमित जानवर काटता है या वह रेबीज के संपर्क में आता है तो वायरस लक्षण को पैदा करने से पहले शरीर के जरिये दिमाग तक पहुंचता है। इसके बाद ही लक्षण दिखाई देते हैं। रेबीज किसी व्यक्ति के शरीर में एक से तीन महीने तक निष्क्रिय रह सकता है।