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Ambala News: धान-गेहूं में गड़बड़ियों पर उठे थे सवाल, फाइलों में दफन
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अंबाला। अंबाला में धान और गेहूं में करोड़ों के घालमेल ने सिस्टम पर कई सवाल खड़े हैं। इन मामलों पर पिछले साल से ही विभागीय स्तर और उच्चस्तर पर शिकायतें होती रही हैं।
कभी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दी। गेहूं की 10 हजार बोरियां चोरी होने के मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक विनोद दुबे पर भले ही एफआईआर दर्ज हो गई हो मगर इस मामले से जुड़ी एफआईआर अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। इस मामले को हाईप्रोफाइल बताया जा रहा है। अब गेहूं और धान में गड़बड़ियों को लेकर एक भी शिकायतकर्ता सामने आया है।
इसके आरोप हैं कि उसने एंटी करप्शन ब्यूरो सहित खाद्य आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारी व मंत्री तक को शिकायत की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है कि अंबाला के नारायणगढ़ में सैन माजरा गोदाम में 10 हजार गेहूं की बोरियां स्टॉक में कम मिली थीं। इसी प्रकार एक अन्य मामलों में नारायणगढ़ में ही अंबे राइस मिलर्स के पास पौने तीन करोड़ रुपये की धान चोरी एंटी करप्शन ब्यूरो ने पकड़ी थी। इन दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज कर दी गई हैं।
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तत्कालीन एएफएसओ ने किया था सतर्क
अंबाला में धान और गेहूं की खरीद और स्टोरेज के लिए धांधली का मामला पुराने समय से चल रहा है। इस मामले की रोकथाम के लिए 28 सितंबर 2023 को तत्कालीन एएफएसओ बराड़ा ने एक पत्र लिखा था। इसमें अधीनस्थ निरीक्षकों को पत्र में सचेत किया था। इसके साथ ही सख्ती से अनुपालना करने की हिदायतें दी थी। इसमें यह भी बताया था कि किसी ने गड़बड़ी की तो अधिकारी और कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।
जून 2024 में की थी गड़बड़ी की शिकायत
शहर के निवासी ललित नारंग के संज्ञान में जब मामला आया तो उन्होंने 24 जून 2024 को धान की खरीद में गड़बड़ी की आशंका के लिए एक शिकायत एडीजीपी एंटी करप्शन ब्यूरो को कर दी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में अंबाला के तहत आने वाली सभी मंडियों में 50 प्रतिशत से अधिक के धान की फर्जी खरीद की होने की संभावना है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से जांच की मांग की। इस मामले में शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि मंडियों में आने वाली धान की फसल की खाली और भरी गाड़ी की ताैलाई पूरी तरह नहीं हुई।
अंबाला के खाद्य आपूर्ति विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले पर उन्होंने आरटीआई से सूचना भी मांगी, मगर विभागीय अधिकारियों ने नहीं दी। ऐसे में उन्हें प्रथम अपील जाना पड़ा। फिर भी उन्हें सूचना नहीं मिली। अब दूसरी अपील तक वह जाने काे मजबूर हैं।
आठ माह से नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ललित नारंग ने बताया कि शिकायत खाद्य और आपूर्ति विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेजी है। 13 अगस्त 2024 को व्यक्तिगत सुनवाई हुई और बयान लिए। इसके बाद आठ महीने हो चुके हैं मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने 16 अगस्त 2024 को अपने ऊपर खतरे का अंदेशा जताते हुए पुलिस विभाग के जिला स्तर से लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया था। इसमें खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के अधिकारी समेत छह लोगों के नाम भी लिखे थे।
उठाया था स्टॉक की कमी का मुद्दा
शिकायतकर्ता ललित नारंग बताते हैं कि नारायणगढ़ केंद्र के सैन माजरा और अन्य गोदामों में गेहूं के स्टॉक की कमी के लिए दो जनवरी को खाद्य और आपूर्ति मंत्री को शिकायत दी थी। इसमें अन्य विभागीय उच्चाधिकारियों को भी बताया था कि इन गोदामों में रखा गेहूं बाजार में बेचकर रुपये खुर्दबुर्द किए हैं। इसमें जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और निरीक्षक विनोद दुबे पर आरोप जड़े थे। इसके साथ ही जांच करने को कहा गया था। मगर हैरानी की बात है कि 23 जनवरी को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने ही इस मामले में निरीक्षक विनोद दुबे के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करा दिया। उन्हें निरीक्षण के दौरान यहां 10 हजार बोरी गेहूं स्टॉक में कम मिला था।
वर्जन
गेहूं के स्टॉक में चोरी के मामले में हमने एफआईआर दर्ज करा दी थी। पुलिस जांच कर रही है जो भी शामिल होंगे जांच में सामने आ जाएगा। एफआईआर ऑनलाइन नहीं की है इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
-अपार तिवारी, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
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कभी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दी। गेहूं की 10 हजार बोरियां चोरी होने के मामले में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक विनोद दुबे पर भले ही एफआईआर दर्ज हो गई हो मगर इस मामले से जुड़ी एफआईआर अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। इस मामले को हाईप्रोफाइल बताया जा रहा है। अब गेहूं और धान में गड़बड़ियों को लेकर एक भी शिकायतकर्ता सामने आया है।
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इसके आरोप हैं कि उसने एंटी करप्शन ब्यूरो सहित खाद्य आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारी व मंत्री तक को शिकायत की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है कि अंबाला के नारायणगढ़ में सैन माजरा गोदाम में 10 हजार गेहूं की बोरियां स्टॉक में कम मिली थीं। इसी प्रकार एक अन्य मामलों में नारायणगढ़ में ही अंबे राइस मिलर्स के पास पौने तीन करोड़ रुपये की धान चोरी एंटी करप्शन ब्यूरो ने पकड़ी थी। इन दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज कर दी गई हैं।
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तत्कालीन एएफएसओ ने किया था सतर्क
अंबाला में धान और गेहूं की खरीद और स्टोरेज के लिए धांधली का मामला पुराने समय से चल रहा है। इस मामले की रोकथाम के लिए 28 सितंबर 2023 को तत्कालीन एएफएसओ बराड़ा ने एक पत्र लिखा था। इसमें अधीनस्थ निरीक्षकों को पत्र में सचेत किया था। इसके साथ ही सख्ती से अनुपालना करने की हिदायतें दी थी। इसमें यह भी बताया था कि किसी ने गड़बड़ी की तो अधिकारी और कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।
जून 2024 में की थी गड़बड़ी की शिकायत
शहर के निवासी ललित नारंग के संज्ञान में जब मामला आया तो उन्होंने 24 जून 2024 को धान की खरीद में गड़बड़ी की आशंका के लिए एक शिकायत एडीजीपी एंटी करप्शन ब्यूरो को कर दी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में अंबाला के तहत आने वाली सभी मंडियों में 50 प्रतिशत से अधिक के धान की फर्जी खरीद की होने की संभावना है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से जांच की मांग की। इस मामले में शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि मंडियों में आने वाली धान की फसल की खाली और भरी गाड़ी की ताैलाई पूरी तरह नहीं हुई।
अंबाला के खाद्य आपूर्ति विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले पर उन्होंने आरटीआई से सूचना भी मांगी, मगर विभागीय अधिकारियों ने नहीं दी। ऐसे में उन्हें प्रथम अपील जाना पड़ा। फिर भी उन्हें सूचना नहीं मिली। अब दूसरी अपील तक वह जाने काे मजबूर हैं।
आठ माह से नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ललित नारंग ने बताया कि शिकायत खाद्य और आपूर्ति विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेजी है। 13 अगस्त 2024 को व्यक्तिगत सुनवाई हुई और बयान लिए। इसके बाद आठ महीने हो चुके हैं मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने 16 अगस्त 2024 को अपने ऊपर खतरे का अंदेशा जताते हुए पुलिस विभाग के जिला स्तर से लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया था। इसमें खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय के अधिकारी समेत छह लोगों के नाम भी लिखे थे।
उठाया था स्टॉक की कमी का मुद्दा
शिकायतकर्ता ललित नारंग बताते हैं कि नारायणगढ़ केंद्र के सैन माजरा और अन्य गोदामों में गेहूं के स्टॉक की कमी के लिए दो जनवरी को खाद्य और आपूर्ति मंत्री को शिकायत दी थी। इसमें अन्य विभागीय उच्चाधिकारियों को भी बताया था कि इन गोदामों में रखा गेहूं बाजार में बेचकर रुपये खुर्दबुर्द किए हैं। इसमें जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक और निरीक्षक विनोद दुबे पर आरोप जड़े थे। इसके साथ ही जांच करने को कहा गया था। मगर हैरानी की बात है कि 23 जनवरी को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने ही इस मामले में निरीक्षक विनोद दुबे के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करा दिया। उन्हें निरीक्षण के दौरान यहां 10 हजार बोरी गेहूं स्टॉक में कम मिला था।
वर्जन
गेहूं के स्टॉक में चोरी के मामले में हमने एफआईआर दर्ज करा दी थी। पुलिस जांच कर रही है जो भी शामिल होंगे जांच में सामने आ जाएगा। एफआईआर ऑनलाइन नहीं की है इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
-अपार तिवारी, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक