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पटाखों के निर्माण, बिक्री और प्रयोग पर पाबंदी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 12:51 AM IST
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Prohibition on manufacture, sale and use of firecrackers
दिवाली पर अब कि बार पटाखे नहीं जलेंगे। अभी से जिलाभर में पटाखों से निर्माण से लेकर बिक्री के साथ-साथ जलाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। केवल ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल हो सकेगा। इस संबंध में उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने अपराध प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों तथा विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक नियमों के तहत यह आदेश जारी किए है। यह आदेश आगामी 31 जनवरी 2023 तक लागू रहेंगे।
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उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्घ भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक अधिनियम 1884 तथा विस्फोटक अधिनियम 2008 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधीश द्वारा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सलाह पर सरकार से प्राप्त निर्देशों की अनुपालना में जारी किए गए हैं। पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के विभिन्न मामलों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा बार-बार एतिहासिक टिप्पणियां की है। जारी आदेश के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अंबाला के क्षेत्रीय अधिकारी नियमित रूप से वायु की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे तथा संबंधित वेबसाइट पर आंकड़े अपलोड करेंगे। इन आदेशों की अनुपालना पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, जिला के सभी उपमंडलाधीश, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, मार्केट कमेटियों के सचिव, सभी पुलिस थानों के एसएचओ, फायर स्टेशन अधिकारी तथा अन्य अग्निश्मन कार्यालय का स्टाफ द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। सभी उपरोक्त अधिकारी इन आदेशों को लागू करने के लिए रेड करेंगे तथा प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। आदेश में कहा है कि विभिन्न विशेषज्ञों की टिप्पणियों एवं रिपोर्टों के अनुसार हरियाणा प्रदेश में सर्दी के महीने विशेषकर अक्तूबर से जनवरी तक वायु प्रदूषण उच्च स्तर पर होता है। वायु प्रदूषण के कारणों में पटाखे जलाना भी शामिल है। पटाखे जलाने से वायु में न केवल धातु के पार्टिकल, खतरनाक विषाक्त पदार्थ, खतरनाक रसायन एवं हानिकारक गैस निकलती है, अपितु खतरनाक हानिकारक तत्व जैसे पीएम 2.5 या पीएम 10 की मात्रा बढ़ जाती है जिससे वायु की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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