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Ambala News: आरटीई में 1 से 3 किमी की दूरी को दाखिले में वैध नहीं मान रहे निजी स्कूल
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अंबाला सिटी। आरटीई नियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने में अभिभावकों को दिक्कत आ रही है। कई निजी स्कूल आरटीई में 1 से 3 किमी की दूरी को दाखिले में वैध नहीं मान रहे। इससे अभिभावक बच्चों को दाखिला न मिलने पर बीईओ कार्यालयों में भटक रहे हैं। विभाग के पास निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायत जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पहुंच रही हैं। 16 जुलाई को निजी स्कूलों में दाखिला लेने की अंतिम तारीख थी। अंतिम दिन भी कई अभिभावकों को स्कूलों ने वापस भेज दिया। इस पर अभिभावकों नेखंड शिक्षा अधिकारी अंबाला वन में भी शिकायत दी।
शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ निजी स्कूलों ने 1 से 3 किमी दूरी के आधार पर दाखिलों को अस्वीकार या नजरअंदाज कर दिया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि 0 से 1 किमी और 1 से 3 किमी की दूरी आरटीई दाखिले के तहत वैध हैं और सक्षम प्राधिकारी की ओर से अनुमोदित की गई हैं। अतः कोई भी स्कूल इस सीमा के अंतर्गत दूरी के आधार पर किसी भी दाखिले को अस्वीकार नहीं कर सकता। जिन स्कूलों ने 1 से 3 किमी दूरी के आधार पर दाखिले अस्वीकार किए हैं, उन्हें विद्यार्थियों को तुरंत दाखिला देना होगा और ट्रैकिंग पोर्टल को अद्यतन करना होगा। यही नहीं यदि कोई स्कूल उचित और वैध कारण के बिना दाखिला अस्वीकार करता है, तो उसकी मान्यता को सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा सकता है।
दोबारा भरवाए गए थे आवेदन फार्म
विभाग ने पहले ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद उम्र और दूरी को स्पष्ट करते हुए दोबारा आवेदन लिए थे। पहले दाखिले के लिए दूरी 0 से 1 किलोमीटर रखी गई थी, मगर बाद में यह दूरी 1 से 3 किलोमीटर के बीच वैध की गई थी। अब ज्यादातर स्कूल तो 1 से 3 किलोमीटर की दूरी होने पर दाखिले दे रहे हैं, जबकि कई स्कूल अभिभावकों को दाखिला नहीं दे रहे।
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वर्जन
आरटीई के तहत योग्य पाए गए बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवाया जा रहा है। कई अभिभावकों के बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है। ऐसे अभिभावक विभाग को शिकायत दे रहे हैं। इन शिकायत पर सुनवाई करते हुए डीईईओ कार्यालय के माध्यम से निदेशालय में भेजी जाएंगी।
सतबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, अंबाला खंड वन।
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शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ निजी स्कूलों ने 1 से 3 किमी दूरी के आधार पर दाखिलों को अस्वीकार या नजरअंदाज कर दिया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि 0 से 1 किमी और 1 से 3 किमी की दूरी आरटीई दाखिले के तहत वैध हैं और सक्षम प्राधिकारी की ओर से अनुमोदित की गई हैं। अतः कोई भी स्कूल इस सीमा के अंतर्गत दूरी के आधार पर किसी भी दाखिले को अस्वीकार नहीं कर सकता। जिन स्कूलों ने 1 से 3 किमी दूरी के आधार पर दाखिले अस्वीकार किए हैं, उन्हें विद्यार्थियों को तुरंत दाखिला देना होगा और ट्रैकिंग पोर्टल को अद्यतन करना होगा। यही नहीं यदि कोई स्कूल उचित और वैध कारण के बिना दाखिला अस्वीकार करता है, तो उसकी मान्यता को सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा सकता है।
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दोबारा भरवाए गए थे आवेदन फार्म
विभाग ने पहले ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद उम्र और दूरी को स्पष्ट करते हुए दोबारा आवेदन लिए थे। पहले दाखिले के लिए दूरी 0 से 1 किलोमीटर रखी गई थी, मगर बाद में यह दूरी 1 से 3 किलोमीटर के बीच वैध की गई थी। अब ज्यादातर स्कूल तो 1 से 3 किलोमीटर की दूरी होने पर दाखिले दे रहे हैं, जबकि कई स्कूल अभिभावकों को दाखिला नहीं दे रहे।
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आरटीई के तहत योग्य पाए गए बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवाया जा रहा है। कई अभिभावकों के बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है। ऐसे अभिभावक विभाग को शिकायत दे रहे हैं। इन शिकायत पर सुनवाई करते हुए डीईईओ कार्यालय के माध्यम से निदेशालय में भेजी जाएंगी।
सतबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, अंबाला खंड वन।