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Ambala News: पड़ोसी राज्यों की निजी बसें राजस्व को लगा रहीं चपत
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वैभव शर्मा
अंबाला। पड़ोसी राज्यों की निजी बसें रोडवेज के राजस्व को चूना लगा रही हैं। यह बसें धड़ल्ले से अंबाला छावनी के बस स्टैंड के पास ही पार्क हो जाती हैं और यहीं से सवारियों को सस्ते किराये का लालच देकर बैठा लेती हैं। इसके साथ ही इनसे से कुछ बसों में एयरकंडीशन की सुविधा थी इस कारण भी लोग इसमें सवार हो रहे हैं।
यह मामले जब आरटीए के संज्ञान मे आए तो उन्हाेंने जांच कराई। जांच में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब से जुड़ी बसें सामने आईं। सिर्फ यही नहीं बल्कि नागालैंड और बिहार की बसों के परमिट रद करने के लिए लिखा गया है। इसमें 10 बसें ऐसी मिली जो मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों व परमिट के नियमों को भी दरकिनार कर रहीं थी।
इन राज्यों के आरटीए को संबंधित 10 बसों के परमिट रद करने को लेकर अंबाला आरटीए की तरफ से संस्तुति की गई है। गौरतलब है कि दिल्ली-अंबाला राजमार्ग पंजाब और जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ता है। यहां पर वर्ष भर सुदूर राज्यों से पर्यटकों का आना भी लगा रहता है, जिसके कारण बाहरी बसों के संचालक परमिट लेकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
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आरटीए अंबाला ने जब इस मामले में बसों में चेकिंग तो पहले तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों का पालन देखा गया। जब बसों में सवारियों से बात की गई तब खुलासा हुआ कि कई सवारियों को तो बस चालक व परिचालक अंबाला कैंट से ही बैठा रहे हैं। इसको लेकर रोडवेज प्रशासन भी समय-समय पर कार्रवाई करने की बात कहता रहता है। इन सवारियों से बातचीत की आरटीए ने वीडियोग्राफी भी कराई ताकि भविष्य में इसे सुबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
अंबाला में निजी बस से हुआ था हादसा, सात लोगों की हुई थी मौत
अंबाला के शहजादपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पंचकूला यमुनानगर पर स्थित गांव कक्कड़ माजरा पर तीन मार्च को अल सुबह लगभग साढ़े चार बजे लोहे की टीन से लदे एक तेज रफ्तार ट्राले ने सड़क पर खड़ी प्राइवेट डबल डेकर बस को टक्कर मार दी। यह बस उत्तर प्रदेश के बरेली से चलकर हिमाचल प्रदेश के बद्दी जा जा रही थी। हादसे सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं सात लोग घायल हो गए थे। उत्तर प्रदेश के बरेली में पंजीकृत इस बस पर रिफ्लेक्टर नहीं थे और परमिट नियमों को भी तोड़ा जा रहा था। बस में 50 सवारियों की क्षमता थी और 70 सवारी बैठा रखी थीं।
परमिट नियमों को तोड़ने के मामले निजी बसों के सामने आए हैं। हमारी टीम ने मौके पर जाकर चेकिंग की। नियमों की कमियां मिलन पर संबंधित राज्यों में जिलों के आरटीए को बसों के परमिट रद करने के लिए संस्तुति की है। - सुशील कुमार, आरटीए, अंबाला
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अंबाला। पड़ोसी राज्यों की निजी बसें रोडवेज के राजस्व को चूना लगा रही हैं। यह बसें धड़ल्ले से अंबाला छावनी के बस स्टैंड के पास ही पार्क हो जाती हैं और यहीं से सवारियों को सस्ते किराये का लालच देकर बैठा लेती हैं। इसके साथ ही इनसे से कुछ बसों में एयरकंडीशन की सुविधा थी इस कारण भी लोग इसमें सवार हो रहे हैं।
यह मामले जब आरटीए के संज्ञान मे आए तो उन्हाेंने जांच कराई। जांच में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब से जुड़ी बसें सामने आईं। सिर्फ यही नहीं बल्कि नागालैंड और बिहार की बसों के परमिट रद करने के लिए लिखा गया है। इसमें 10 बसें ऐसी मिली जो मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों व परमिट के नियमों को भी दरकिनार कर रहीं थी।
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इन राज्यों के आरटीए को संबंधित 10 बसों के परमिट रद करने को लेकर अंबाला आरटीए की तरफ से संस्तुति की गई है। गौरतलब है कि दिल्ली-अंबाला राजमार्ग पंजाब और जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ता है। यहां पर वर्ष भर सुदूर राज्यों से पर्यटकों का आना भी लगा रहता है, जिसके कारण बाहरी बसों के संचालक परमिट लेकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
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आरटीए अंबाला ने जब इस मामले में बसों में चेकिंग तो पहले तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों का पालन देखा गया। जब बसों में सवारियों से बात की गई तब खुलासा हुआ कि कई सवारियों को तो बस चालक व परिचालक अंबाला कैंट से ही बैठा रहे हैं। इसको लेकर रोडवेज प्रशासन भी समय-समय पर कार्रवाई करने की बात कहता रहता है। इन सवारियों से बातचीत की आरटीए ने वीडियोग्राफी भी कराई ताकि भविष्य में इसे सुबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
अंबाला में निजी बस से हुआ था हादसा, सात लोगों की हुई थी मौत
अंबाला के शहजादपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पंचकूला यमुनानगर पर स्थित गांव कक्कड़ माजरा पर तीन मार्च को अल सुबह लगभग साढ़े चार बजे लोहे की टीन से लदे एक तेज रफ्तार ट्राले ने सड़क पर खड़ी प्राइवेट डबल डेकर बस को टक्कर मार दी। यह बस उत्तर प्रदेश के बरेली से चलकर हिमाचल प्रदेश के बद्दी जा जा रही थी। हादसे सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं सात लोग घायल हो गए थे। उत्तर प्रदेश के बरेली में पंजीकृत इस बस पर रिफ्लेक्टर नहीं थे और परमिट नियमों को भी तोड़ा जा रहा था। बस में 50 सवारियों की क्षमता थी और 70 सवारी बैठा रखी थीं।
परमिट नियमों को तोड़ने के मामले निजी बसों के सामने आए हैं। हमारी टीम ने मौके पर जाकर चेकिंग की। नियमों की कमियां मिलन पर संबंधित राज्यों में जिलों के आरटीए को बसों के परमिट रद करने के लिए संस्तुति की है। - सुशील कुमार, आरटीए, अंबाला