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Ambala News: ऐतिहासिक रानी का तालाब के कायाकल्प की तैयारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 02:52 AM IST
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Preparations for the rejuvenation of the historic Rani Ka Talab
अंबाला। छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) अंबाला की ओर से क्षेत्र के ऐतिहासिक रानी का तालाब के कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी गई है। बोर्ड ने तालाब के द्वितीय चरण के सुंदरीकरण के कार्यों के लिए ई-निविदा सूचना जारी की है। छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) राहुल आनंद शर्मा के अनुसार, इस परियोजना के तहत रानी का तालाब पर वर्षा जल संचयन (रेन हार्वेस्टिंग), पत्थरों की पिचिंग सहित अन्य सुंदरीकरण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों की अनुमानित लागत 37.93 लाख रुपये है। ऑनलाइन निविदा भरने की अंतिम तिथि चार फरवरी निर्धारित की गई है। निविदा से संबंधित समस्त जानकारी रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
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400 साल पुराना है रानी का तालाब
रानी का तालाब 400 साल पुराना बताया गया है। तालाब के साथ बने शिवमंदिर के अंदर-बाहर लगे होर्डिंग्स पर ये साफ लिखा है कि 400 साल पुराने इस तालाब में छछरौली (कलसिया) रियासत के राजा रणजीत सिंह की पत्नी रोज शाही स्नान करती थी। स्नान के बाद रानी यहां बने शिव मंदिर व ज्ञासी माता मंदिर में पूजा भी करती थीं। रानी का तालाब अंबाला ही नहीं बल्कि पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान से आने वाले भक्तों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। भक्त यहां पूजा-अर्चना करके मनोवांछित फल की प्राप्ति करते हैं। यहां शिवरात्रि के अलावा अन्य दिनों में भी पूजा-अर्चना का कार्यक्रम होता है।
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पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित
रानी के तालाब को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। कैंटोनमेंट बोर्ड यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा ताकि आस्था के साथ लोगों को वर्षों पुराने इतिहास की जानकारी हासिल हो सके और इससे युवा पीढ़ी का रुझान भक्ति की तरफ बढ़ सके। यहां तालाब को एक झील का आकार दिया जा रहा है, पर्यटकों को यहां आने वाले समय में बोटिंग की सुविधा भी मिलेगी।
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रानी का तालाब मंदिर विशेष आस्था का केंद्र है जोकि पर्यावरण संरक्षित है, इसलिए इस जगह के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्य की योजना तैयार की गई थी। इस पर लगभग 38 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
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