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52 टन ऑक्सीजन के भंडारण की तैयारी
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से लड़ने की जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में बेड बढ़ाए जा रहे है। साथ ही 52 टन ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था बनाई जा रही है।
अंबाला से तबादला होने से पहले डीसी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि दूसरी लहर से पहले जिलेभर में 400 ऑक्सीजन बेड की सुविधा थी। सरकार और जनता के सहयोग से हमने अब तक 1080 बेड ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था कर दी है। सद्दोपुर में 200 ऑक्सीजन बेड रिजर्व कर दिए हैं। आपात परिस्थितियां आती हैं तो आर्मी के सहयोग से इस सेंटर को कभी भी शुरू किया जा सकता है। आर्मी ने सेवाएं देने की हामी भर दी है। इस तरह करीब 1300 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।
डीसी ने बताया जिले के सरकारी अस्पतालों में पहले 14 वेंटिलेटर थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 40 हो गई हैं। इसी तरह 45 बाईपेप की संख्या अब 205 हो गई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में इस समय 595 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। तीसरी लहर आई तो उसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमने करीब 52 टन ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था की तैयारी कर ली है।
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उन्होंने बताया कि दूसरी लहर से पहले केवल कैंट नागरिक अस्पताल में 6 टन ऑक्सीजन भंडारण की सुविधा थी। अब तक हम 35 टन की व्यवस्था कर चुके हैं। अंबाला शहर अस्पताल में 6, मुलाना, बराड़ा, नारायणगढ़ में 1-1 इसके अलावा यूनाइटेड डिस्ट्रिब्यूटर को 20 टन ऑक्सीजन के भंडारण के लिए कहा गया है। इसे जल्द ही 52 टन किया जाएगा, ताकि आपात परिस्थितियों में ऑक्सीजन किल्लत होने के बावजूद 4 से 5 दिन ऑक्सीजन कोई दिक्कत न आए। सभी सरकारी कोविड केयर सेंटर पर मैनीफोल्ड इंस्टाल भी कर दिए गए हैं ताकि ऑक्सीजन बर्बाद न हो।
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अंबाला। कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से लड़ने की जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में बेड बढ़ाए जा रहे है। साथ ही 52 टन ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था बनाई जा रही है।
अंबाला से तबादला होने से पहले डीसी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि दूसरी लहर से पहले जिलेभर में 400 ऑक्सीजन बेड की सुविधा थी। सरकार और जनता के सहयोग से हमने अब तक 1080 बेड ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था कर दी है। सद्दोपुर में 200 ऑक्सीजन बेड रिजर्व कर दिए हैं। आपात परिस्थितियां आती हैं तो आर्मी के सहयोग से इस सेंटर को कभी भी शुरू किया जा सकता है। आर्मी ने सेवाएं देने की हामी भर दी है। इस तरह करीब 1300 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।
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डीसी ने बताया जिले के सरकारी अस्पतालों में पहले 14 वेंटिलेटर थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 40 हो गई हैं। इसी तरह 45 बाईपेप की संख्या अब 205 हो गई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में इस समय 595 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। तीसरी लहर आई तो उसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमने करीब 52 टन ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था की तैयारी कर ली है।
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उन्होंने बताया कि दूसरी लहर से पहले केवल कैंट नागरिक अस्पताल में 6 टन ऑक्सीजन भंडारण की सुविधा थी। अब तक हम 35 टन की व्यवस्था कर चुके हैं। अंबाला शहर अस्पताल में 6, मुलाना, बराड़ा, नारायणगढ़ में 1-1 इसके अलावा यूनाइटेड डिस्ट्रिब्यूटर को 20 टन ऑक्सीजन के भंडारण के लिए कहा गया है। इसे जल्द ही 52 टन किया जाएगा, ताकि आपात परिस्थितियों में ऑक्सीजन किल्लत होने के बावजूद 4 से 5 दिन ऑक्सीजन कोई दिक्कत न आए। सभी सरकारी कोविड केयर सेंटर पर मैनीफोल्ड इंस्टाल भी कर दिए गए हैं ताकि ऑक्सीजन बर्बाद न हो।