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काले झंडे दिखाए तो मंत्री कटारिया के फिर बिगड़े बोल, कहा जरूरी था बीच में यहां खूंटा ठोकना
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- फोटो : Ambala
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अंबाला। अंबाला शहर के जंडली में 7 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का शिलान्यास करने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया और शहर विधायक असीम गोयल को किसानों ने काले झंडे दिखाए। विरोध के चलते दोनों नेताओं को आनन-फानन में वहां से निकलना पड़ा।
हालांकि किसानों के विरोध से पहले ही शिलान्यास हो गया था। किसानों के काले झंडे दिखाए जाने से खफा केंद्रीय राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया के बोल एक बार फिर से बिगड़ गए। अपने बोल के कारण सुर्खियों में रहने वाले कटारिया ने किसानों से यह तक कह दिया कि तुम्हें मरना ही था तो कहीं और मर लेते... कटारिया ने कहा कि अरे भले मानसो, अगर किसी और की नहीं सोचनी कम से कम अंबाला के विकास की ही सोच लो।
60-70 साल से जो चीज पेंडिंग पड़ी थी आज वह हो रही है। तुम्हें काले झंडे दिखाने थे तो 7-8 उद्घाटन और हैं। कहीं और मर लेते, कर लेते। जरूरी था बीच में यहां खूंटे ठोकना। तो यानी के हर विकास के काम में रोड़े अटकना, हर बात को गलत दिशा देना। मैं तो भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि हे भगवान ये जो काले झंडे दिखा रहे हैं इनको सद्बुद्धि दे और ये कृषि बिल को गहराई से पढ़े कि किस तरह से मोदी जी ने इनके कल्याण के लिए कदम उठाया है।
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हालांकि किसानों के विरोध से पहले ही शिलान्यास हो गया था। किसानों के काले झंडे दिखाए जाने से खफा केंद्रीय राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया के बोल एक बार फिर से बिगड़ गए। अपने बोल के कारण सुर्खियों में रहने वाले कटारिया ने किसानों से यह तक कह दिया कि तुम्हें मरना ही था तो कहीं और मर लेते... कटारिया ने कहा कि अरे भले मानसो, अगर किसी और की नहीं सोचनी कम से कम अंबाला के विकास की ही सोच लो।
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60-70 साल से जो चीज पेंडिंग पड़ी थी आज वह हो रही है। तुम्हें काले झंडे दिखाने थे तो 7-8 उद्घाटन और हैं। कहीं और मर लेते, कर लेते। जरूरी था बीच में यहां खूंटे ठोकना। तो यानी के हर विकास के काम में रोड़े अटकना, हर बात को गलत दिशा देना। मैं तो भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि हे भगवान ये जो काले झंडे दिखा रहे हैं इनको सद्बुद्धि दे और ये कृषि बिल को गहराई से पढ़े कि किस तरह से मोदी जी ने इनके कल्याण के लिए कदम उठाया है।
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