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पशुओं की भरमार, हादसे का न हो जाएं शिकार
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अंबाला। जिलेभर में पूरा दिन गली-मोहल्लों, सड़कों और हाईवे पर बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा लगा रहता है। वहीं, रात के अंधेरे में यह सड़कों घूमते रहते हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं। रात को गली-मोहल्लों में बेसहारा गोवंशों में कमी आ जाती है, लेकिन हाईवे पर बेसहारा गोवंशों की भरमार है। अमर उजाला की टीम अंबाला-जगाधरी हाईवे पर शनिवार देर रात 12 बजे हकीकत जानने पहुंची तो नजारा बेहद चौंका देने वाला था।
छावनी बस स्टैंड के बाहर से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया तक हर 100 मीटर की दूरी पर बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा लगा हुआ था। करीब दो किलोमीटर के हाईवे पर 50 गोवंश दिखाई दिए। कई जगह तो गोवंश भागते हुए वाहनों के आगे आ रहे थे। यहीं कारण था कि वाहन चालकों के पहियों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। कई जगह तो हादसे होने से बाल-बाल बच गए। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी इन हालातों को अनदेखा कर रहे हैं।
बेसहारा गोवंश को पकड़ने को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने गोशालाओं द्वारा हाथ खड़े करने का दुखड़ा सुनाया। उनका कहना है कि गौशालाओं में जगह नहीं है। नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर विनोद बैनीवाल का कहना है कि टंगैल सहित दूसरी गोशालाओं से बातचीत की जा रही है। जैसे ही उनकी तरफ से अनुमति मिलती है तो बेसहारा गोवंश को पकड़कर वहां छोड़ा जाएगा।
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चार दिन पहले गोवंश से टकराई थी कार
अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित एसडी विद्या स्कूल के पास गत दिवस ही गोवंश के कारण हादसा हो गया था। तेजरफ्तार कार के सामने गोवंश आ गया और कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हादसे में गोवंश भी चोटिल हो गया था। शुक्रवार देररात को भी टांगरी बांध के पास ट्रक के सामने गोवंश आ गया था। हादसे में गोवंश घायल हो गया था। सड़कों पर लगातार बढ़ रही गोवंश की संख्या को देखते हुए गोशाला और गोरक्षा समिति उपायुक्त व निगम आयुक्त से मुलाकात कर चुकी है। शहर की बात करें तो निगम के हाउस की बैठक में गोशाला निर्माण का मुद्दा उठा था और इस एजेंडे को पास कर दिया गया था। अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
हमारी ओर से उपायुक्त से मुलाकात की गई थी। इस दौरान हमने प्रशासन व सरकार से मांग की थी कि उन्हें प्रत्येक गाय पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएं। इसके बाद कोई गोवंश सड़क पर घूमता दिखाई नहीं देगा।
- हरकेश, गोशाला प्रधान।
चारे की कीमत दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जो स्थिति इस समय चल रही है उस हिसाब से लग रहा है कि इस बार नवंबर माह में चारे का टोटा होगा। हमने सरकार से पहले ही मांग कर दी है ताकि पहले से व्यवस्था करके रखे।
- राजेश सिंगला, गोशाला प्रधान।
हम तो प्रशासन व सरकार से मांग कर रहे हैं कि गोवंश की सेवा के लिए सरकार गोशालाओं को आर्थिक मदद दे। इससे सभी गोशालाओं की सबसे बड़ी आर्थिक समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं सड़कों पर गोवंश को घूमना नहीं पड़ेगा।
- बलवंत सिंह, गोशाला प्रधान।
सड़कों पर गोवंश के कारण हादसे हो रहे हैं। इससे न केवल लोग चोटिल हो रहे हैं, बल्कि गोवंश तक घायल रहे हैं। हम नगर निगम आयुक्त की ओर से मुलाकात कर चुके हैं, परंतु अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं निकला है।
- मोनू चावला।
प्रशासन को बात कर गोवंश को पकड़कर गोशाला में छुड़वाना चाहिए। इससे सड़कों पर घूम रहे गोवंश को एक उचित स्थान मिल सके और उन्हें सड़कों न घूमना पड़े। इससे न केवल हादसों पर अंकुश लगेगा बल्कि गोवंश को सुविधा मिलेगी।
-दीपक बक्शी।
गोवंश को उचित स्थान उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर उपायुक्त व निगम आयुक्त तक को शिकायत दे चुके हैं पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। हम कह रहे हैं कि सरकार हमें उचित स्थान दे, गोवंश सेवा हमारी संस्था की ओर से की जाएगी।
- केशव।
अधिकतर गोवंश वे हैं जो लोगों द्वारा छोड़ दिए जाते हैं। उनसे अनुरोध है कि वो ऐसा न करें। व्यवस्था बनाने को लेकर कार्य किए जा रहे हैं।
-विनोद नेहरा, डीएमसी नगर निगम
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छावनी बस स्टैंड के बाहर से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया तक हर 100 मीटर की दूरी पर बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा लगा हुआ था। करीब दो किलोमीटर के हाईवे पर 50 गोवंश दिखाई दिए। कई जगह तो गोवंश भागते हुए वाहनों के आगे आ रहे थे। यहीं कारण था कि वाहन चालकों के पहियों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। कई जगह तो हादसे होने से बाल-बाल बच गए। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी इन हालातों को अनदेखा कर रहे हैं।
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बेसहारा गोवंश को पकड़ने को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने गोशालाओं द्वारा हाथ खड़े करने का दुखड़ा सुनाया। उनका कहना है कि गौशालाओं में जगह नहीं है। नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर विनोद बैनीवाल का कहना है कि टंगैल सहित दूसरी गोशालाओं से बातचीत की जा रही है। जैसे ही उनकी तरफ से अनुमति मिलती है तो बेसहारा गोवंश को पकड़कर वहां छोड़ा जाएगा।
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चार दिन पहले गोवंश से टकराई थी कार
अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित एसडी विद्या स्कूल के पास गत दिवस ही गोवंश के कारण हादसा हो गया था। तेजरफ्तार कार के सामने गोवंश आ गया और कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हादसे में गोवंश भी चोटिल हो गया था। शुक्रवार देररात को भी टांगरी बांध के पास ट्रक के सामने गोवंश आ गया था। हादसे में गोवंश घायल हो गया था। सड़कों पर लगातार बढ़ रही गोवंश की संख्या को देखते हुए गोशाला और गोरक्षा समिति उपायुक्त व निगम आयुक्त से मुलाकात कर चुकी है। शहर की बात करें तो निगम के हाउस की बैठक में गोशाला निर्माण का मुद्दा उठा था और इस एजेंडे को पास कर दिया गया था। अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
हमारी ओर से उपायुक्त से मुलाकात की गई थी। इस दौरान हमने प्रशासन व सरकार से मांग की थी कि उन्हें प्रत्येक गाय पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएं। इसके बाद कोई गोवंश सड़क पर घूमता दिखाई नहीं देगा।
- हरकेश, गोशाला प्रधान।
चारे की कीमत दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जो स्थिति इस समय चल रही है उस हिसाब से लग रहा है कि इस बार नवंबर माह में चारे का टोटा होगा। हमने सरकार से पहले ही मांग कर दी है ताकि पहले से व्यवस्था करके रखे।
- राजेश सिंगला, गोशाला प्रधान।
हम तो प्रशासन व सरकार से मांग कर रहे हैं कि गोवंश की सेवा के लिए सरकार गोशालाओं को आर्थिक मदद दे। इससे सभी गोशालाओं की सबसे बड़ी आर्थिक समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं सड़कों पर गोवंश को घूमना नहीं पड़ेगा।
- बलवंत सिंह, गोशाला प्रधान।
सड़कों पर गोवंश के कारण हादसे हो रहे हैं। इससे न केवल लोग चोटिल हो रहे हैं, बल्कि गोवंश तक घायल रहे हैं। हम नगर निगम आयुक्त की ओर से मुलाकात कर चुके हैं, परंतु अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं निकला है।
- मोनू चावला।
प्रशासन को बात कर गोवंश को पकड़कर गोशाला में छुड़वाना चाहिए। इससे सड़कों पर घूम रहे गोवंश को एक उचित स्थान मिल सके और उन्हें सड़कों न घूमना पड़े। इससे न केवल हादसों पर अंकुश लगेगा बल्कि गोवंश को सुविधा मिलेगी।
-दीपक बक्शी।
गोवंश को उचित स्थान उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर उपायुक्त व निगम आयुक्त तक को शिकायत दे चुके हैं पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। हम कह रहे हैं कि सरकार हमें उचित स्थान दे, गोवंश सेवा हमारी संस्था की ओर से की जाएगी।
- केशव।
अधिकतर गोवंश वे हैं जो लोगों द्वारा छोड़ दिए जाते हैं। उनसे अनुरोध है कि वो ऐसा न करें। व्यवस्था बनाने को लेकर कार्य किए जा रहे हैं।
-विनोद नेहरा, डीएमसी नगर निगम