{"_id":"577c07664f1c1b9d2f7f9ecc","slug":"pinjaur-mango-mela-ambala-mango-ambala","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिंजौर मैंगो मेले में छाए अंबाला के आम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिंजौर मैंगो मेले में छाए अंबाला के आम
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
bfdh
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा बागवानी विभाग की ओर से पिंजौर में 2 और 3 जुलाई को आयोजित किए गए मैंगो मेले में अंबाला के फल उत्पादक किसानों ने 10 इनाम जीते। इस मेले में जिले के आम उत्पादकों ने दूसरा स्थान प्राप्त किया और यह स्थान हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की प्रविष्टियों में प्राप्त हुआ है।
इससे पूर्व, अंबाला को वर्ष 2010 में द्वितीय स्थान हासिल हुआ था और वर्ष 2015 में भी अंबाला जिला इस मेले में ट्रॉफी जीत चुका है। इस बार गांव कोडा भूरा के किसानों ने ही 10 में से 7 पुरस्कार करके गांव का नाम रोशन किया है।
जिला बागवानी अधिकारी हवा सिंह ने बताया कि इस मेले में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व अन्य प्रदेशों के आम उत्पादक किसानों ने 2000 प्रविष्टियां मेले में रखी थीं। अंबाला के किसानों ने भी दशहरी, अम्रपाली, लंगड़ा, चौसा और रामकेला सहित विभिन्न प्रजातियों के आमों की 600 प्रविष्टियां रखी थीं। मेले में उद्यान विशेषज्ञों की ओर से श्रेष्ठ किस्म के आमों का चयन करके यह आम उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा जिस जिले के किसानों को सबसे अधिक इनाम मिलते हैं, उसे सर्वश्रेष्ठ ट्राफी भी प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
जिला बागवानी अधिकारी हवा सिंह ने बताया कि पिंजौर आम मेले में जिले के चार किसानों ने अलग-अलग किस्मों में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। प्रथम पुरस्कार हासिल करने वालों में अंकित पुत्र दूनी चंद नारायणगढ़, लवली पुत्र सोनी गांव कोडाभूरा, सारिया पुत्री पवन कुमार गांव कोड़ा भूरा और कशमीरी देवी पत्नी राजकुमार गांव कोडाभूरा शामिल हैं। इसी प्रकार 6 फल उत्पादकों ने द्वितीय स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पाने वालों में सोहन लाल पुत्र रौणकी राम नारायणगढ़, पिंकी पुत्री राजकुमार पुत्री कोडाभूरा, कर्मचंद पुत्र गेंदा राम गांव कोडा भूरा, कर्मचंद पुत्र गेंदा राम गांव कोडा भूरा, नरेंद्र पुत्र गुरबचन सिंह गांव लाहा और गांव कोडा भूरा के ही मनीष कुमार पुत्री बलबीर सिंह और जरनैल सिंह पुत्र गेंदा राम शामिल हैं।
विज्ञापन
इससे पूर्व, अंबाला को वर्ष 2010 में द्वितीय स्थान हासिल हुआ था और वर्ष 2015 में भी अंबाला जिला इस मेले में ट्रॉफी जीत चुका है। इस बार गांव कोडा भूरा के किसानों ने ही 10 में से 7 पुरस्कार करके गांव का नाम रोशन किया है।
विज्ञापन
जिला बागवानी अधिकारी हवा सिंह ने बताया कि इस मेले में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व अन्य प्रदेशों के आम उत्पादक किसानों ने 2000 प्रविष्टियां मेले में रखी थीं। अंबाला के किसानों ने भी दशहरी, अम्रपाली, लंगड़ा, चौसा और रामकेला सहित विभिन्न प्रजातियों के आमों की 600 प्रविष्टियां रखी थीं। मेले में उद्यान विशेषज्ञों की ओर से श्रेष्ठ किस्म के आमों का चयन करके यह आम उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा जिस जिले के किसानों को सबसे अधिक इनाम मिलते हैं, उसे सर्वश्रेष्ठ ट्राफी भी प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
जिला बागवानी अधिकारी हवा सिंह ने बताया कि पिंजौर आम मेले में जिले के चार किसानों ने अलग-अलग किस्मों में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। प्रथम पुरस्कार हासिल करने वालों में अंकित पुत्र दूनी चंद नारायणगढ़, लवली पुत्र सोनी गांव कोडाभूरा, सारिया पुत्री पवन कुमार गांव कोड़ा भूरा और कशमीरी देवी पत्नी राजकुमार गांव कोडाभूरा शामिल हैं। इसी प्रकार 6 फल उत्पादकों ने द्वितीय स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पाने वालों में सोहन लाल पुत्र रौणकी राम नारायणगढ़, पिंकी पुत्री राजकुमार पुत्री कोडाभूरा, कर्मचंद पुत्र गेंदा राम गांव कोडा भूरा, कर्मचंद पुत्र गेंदा राम गांव कोडा भूरा, नरेंद्र पुत्र गुरबचन सिंह गांव लाहा और गांव कोडा भूरा के ही मनीष कुमार पुत्री बलबीर सिंह और जरनैल सिंह पुत्र गेंदा राम शामिल हैं।