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Ambala News: एक ही एमओ के सहारे पीएचसी
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पंजोखरा साहिब पीएचसी में स्थित लैब। संवाद
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अंबाला सिटी। अंबाला सिटी के निकटवर्ती गांव पंजोखरा साहिब में स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को कई दिनों तक उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है। यहां पर दो मेडिकल ऑफिसर की जगह एक ही एमओ तैनात है। इसके साथ ही यहां पर सीबीसी सहित अन्य जरूरी जांच करने के लिए एलटी भी सिर्फ दो ही दिन आता है। ऐसे में मरीज सैंपल देकर जाते हैं तो उन्हें कई दिनों तक स्टोर करके रखा जाता है। इसके साथ ही यहां पर दवाओं के वितरण को लेकर भी फार्मासिस्ट भी नहीं है।
एक ही एंबुलेंस की तैनाती
एंबुलेंस भी दो के स्थान पर सिर्फ एक ही तैनात रहती है जबकि एक समय पर अगर दो मरीजों को लेकर जाना पड़े तो डायल 112 से ही कॉल करनी पड़ती है।इसके बाद ही मरीज को नागरिक अस्पताल भेजा जाता है। अन्यथा मरीजों को निजी वाहनों से ही जाना पड़ता है। इस पीएचसी के तहत 17 गांवों की 35 हजार जनसंख्या और पांच सब सेंटर पंजलासा, काकरू, गरनाला, मंडोर और रायवाली आते हैं। यहां पर रोजाना करीब 90 मरीज उपचार के लिए आते हैं और एक माह में करीब 600 से 700 टेस्ट के सैंपल लिए जाते हैं।
इन सुविधाओं की कमी
मेडिकल अधिकारी एक ही है जो रायवाली में रात की डयूटी भी देते हैं ऐसे में रात की डयूटी के बाद एमओ भी छुट्टी पर रहते हैं
पीएचसी में दो एएनएम की कमी है, स्टाफ नर्स को ही दवा वितरण के लिए रखा गया है
एक एंबुलेंस की कमी है, जबकि यहां पर दो एंबुलेंस होनी चाहिए
लैब तकनीशियन भी डेपुटेशन पर सोमवार और शुक्रवार को ही आता है
नेत्र रोग जांच के लिए भी कोई चिकित्सक नहीं है
ये मिल रही सुविधा
गर्भवतियों के लिए यहां पर 24 घंटे सुविधाएं रहती है, सामान्य प्रसव की सुविधा के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है।
इसी केंद्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाया गया है जहां पर एक आयुष चिकित्सक और फार्मासिस्ट भी नियुक्त है।
पीएचसी में दवाइयों की कमी नहीं है, कान, आंख और अन्य रोग संबंधित दवाइयां भी उपलब्ध है।
डेंटल चिकित्सक की भी नियुक्ति की गई है, जिससे मरीजों को सुविधा मिलती है।
विभाग के पास चिकित्सकों और फाॅर्मासिस्ट की कमी है। जिन्हें पूरा करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जितने भी अन्य कर्मचारी है उनसे ही व्यवस्था बनाएं रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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-- - डॉ हितार्थ, नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवाएं स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
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एक ही एंबुलेंस की तैनाती
एंबुलेंस भी दो के स्थान पर सिर्फ एक ही तैनात रहती है जबकि एक समय पर अगर दो मरीजों को लेकर जाना पड़े तो डायल 112 से ही कॉल करनी पड़ती है।इसके बाद ही मरीज को नागरिक अस्पताल भेजा जाता है। अन्यथा मरीजों को निजी वाहनों से ही जाना पड़ता है। इस पीएचसी के तहत 17 गांवों की 35 हजार जनसंख्या और पांच सब सेंटर पंजलासा, काकरू, गरनाला, मंडोर और रायवाली आते हैं। यहां पर रोजाना करीब 90 मरीज उपचार के लिए आते हैं और एक माह में करीब 600 से 700 टेस्ट के सैंपल लिए जाते हैं।
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इन सुविधाओं की कमी
मेडिकल अधिकारी एक ही है जो रायवाली में रात की डयूटी भी देते हैं ऐसे में रात की डयूटी के बाद एमओ भी छुट्टी पर रहते हैं
पीएचसी में दो एएनएम की कमी है, स्टाफ नर्स को ही दवा वितरण के लिए रखा गया है
एक एंबुलेंस की कमी है, जबकि यहां पर दो एंबुलेंस होनी चाहिए
लैब तकनीशियन भी डेपुटेशन पर सोमवार और शुक्रवार को ही आता है
नेत्र रोग जांच के लिए भी कोई चिकित्सक नहीं है
ये मिल रही सुविधा
गर्भवतियों के लिए यहां पर 24 घंटे सुविधाएं रहती है, सामान्य प्रसव की सुविधा के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है।
इसी केंद्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाया गया है जहां पर एक आयुष चिकित्सक और फार्मासिस्ट भी नियुक्त है।
पीएचसी में दवाइयों की कमी नहीं है, कान, आंख और अन्य रोग संबंधित दवाइयां भी उपलब्ध है।
डेंटल चिकित्सक की भी नियुक्ति की गई है, जिससे मरीजों को सुविधा मिलती है।
विभाग के पास चिकित्सकों और फाॅर्मासिस्ट की कमी है। जिन्हें पूरा करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जितने भी अन्य कर्मचारी है उनसे ही व्यवस्था बनाएं रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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