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Ambala News: सर्दी में बढ़ रहे मरीज, सबसे ज्यादा बच्चे खांसी, जुकाम की समस्या से पीड़ित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 02:41 AM IST
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Patients are increasing in winter, most of the children are suffering from cough and cold.
शहर के जिला नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभज्योति प्रकाश बच्चे को चेक करते हुए। संव - फोटो : अमर उजाला
अंबाला सिटी। जैसे-जैसे सर्दी जोर पकड़ रही है वैसे-वैसे जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। खांसी, जुकाम, शरीर में अकड़न और नाक की एलर्जी से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या छोटे बच्चों में खांसी, जुकाम और बुखार की देखने को मिल रही है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि नागरिक अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में रोजाना करीब 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं। 14 वर्ष तक बच्चों में खांसी, जुकाम और बुखार के साथ नाक में एलर्जी की समस्या आ रही है और अस्थमा के मरीज भी ओपीडी में आ रहे हैं। घर से बाहर निकलने वाले ज्यादातर बच्चों को सर्दी के कारण दिक्कत हो जाती है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलने से पहले मुंह को मास्क या रूमाल से ढककर निकलें। इन दिनों में हवा में प्रदूषण बढ़ने से भी परेशानी होती है। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर दवाई देकर इस मौसम में बचाव की सलाह दे रहे हैं।
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सर्दियों में एलर्जी से बचने के लिए ये उपाय अपना सकते हैं



1. घर की सफाई और वायु गुणवत्ता

- नियमित सफाई: कालीनों, पर्दों और बिस्तरों को नियमित रूप से वैक्यूम करें। बिस्तरों और चादरों को हफ्ते में कम से कम एक बार गर्म पानी में धोएं ताकि ''डस्ट माइट्स'' खत्म हो सकें।
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- एयर प्यूरीफायर: घर के अंदर की हवा से धूल, पालतू जानवरों के डैंडर और फफूंद के कणों को हटाने के लिए फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।

- नमी का नियंत्रण : घर के अंदर नमी का स्तर 30-50% के बीच रखें। बहुत शुष्क हवा नाक के मार्ग को सुखा देती है, जबकि अधिक नमी से फफूंद बढ़ सकती है।

2. व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वच्छता
- नाक की सफाई : धूल और एलर्जेंस को बाहर निकालने के लिए दिन में एक या दो बार खारे पानी से नाक धोएं

- मास्क का प्रयोग: बाहर जाते समय या सफाई करते समय मास्क पहनें। साथ ही, बाहर से आने के बाद नहाएं और कपड़े बदलें ताकि शरीर पर चिपके कण हट जाएं।

- त्वचा की देखभाल : नहाने के लिए केवल गुनगुने पानी का उपयोग करें और नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि त्वचा की खुजली और ड्राइनेस से बचा जा सके।


3. खानपान और प्रतिरक्षा
- विटामिन सी : संतरा, आंवला, अमरूद और नींबू जैसे विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन करें। यह प्राकृतिक रूप से हिस्टामाइन (एलर्जी पैदा करने वाला रसायन) को रोकने में मदद करता है।

- हाइड्रेटेड रहें : पर्याप्त पानी और गर्म तरल पदार्थ (जैसे हर्बल टी या सूप) पीएं। यह बलगम को पतला रखने और नाक की जकड़न कम करने में सहायक है।

- हल्दी और शहद : हल्दी वाला दूध या शहद और अदरक का सेवन श्वसन तंत्र की एलर्जी को शांत करने में प्रभावी हो सकता है।

4. चिकित्सा सहायता
यदि लक्षण जैसे छींक आना, नाक बहना या आंखों में खुजली गंभीर हो जाए, तो एंटीहिस्टामाइन या नेज़ल स्प्रे के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

गंभीर और बार-बार होने वाली एलर्जी के लिए डॉक्टर इम्यूनोथेरेपी की सलाह दे सकते हैं।
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