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Ambala News: आम्रपाली में धक्का-मुक्की से यात्री घायल
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अंबाला। अमृतसर से सहरसा के बीच चलने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस जेबकतरों के निशाने पर हैं। अंबाला सिटी में सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले बिहार निवासी श्याम रजक ने बताया कि उसे परिवार सहित हाजीपुर जाना था।
उसने तीन मार्च को शहीद एक्सप्रेस की टिकटें बुक कराए थे जोकि प्रतीक्षा में था। इसके बाद उसने वीरवार सुबह तत्काल कोटे से आम्रपाली की तीन टिकटें 2100 रुपये देकर खरीदा जोकि कंफर्म था। जब वो शुक्रवार दोपहर को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आया तो उनके कोच नंबर एस-4 के बाहर और अंदर काफी भीड़ थी। उसने जैसे-तैसे सामान और बच्चों संग पत्नी को तो कोच में चढ़ा दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की के दौरान उसकी टांग पर चोट लग गई। ट्रेन चलने के बाद जब वो पीछे हुआ तो देखा कि जेब में रखे 2200 रुपये भी किसी ने निकाल लिए। पीड़ित श्याम रजक ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो ट्रेन में पहले ही भीड़ अधिक है तो वहीं प्लेटफार्म पर टीटीई जनरल यात्रियों के टिकट बना रहे हैं तो वो स्लीपर कोच में घुस सकें।
नींद में प्रशासन
आम्रपाली एक्सप्रेस में ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं। यात्री गाली-गलौज कर रहे हैं। एक-दूसरे से मारपीट हो रही है। जनरल टिकट यात्री कंफर्म सीटों पर कब्जा करके बैठे हैं। बावजूद इसके रेलवे प्रशासन सो रहा है। सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि पीछे से ही गाड़ी भरकर आ रही है। जबकि कुछ समय पहले जब रेलवे ने सख्ती की थी तो किसी भी आरक्षित कोच में कोई भी जनरल टिकट यात्री नजर नहीं आता था।
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वर्जन
आरपीएफ को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि वो आम्रपाली एक्सप्रेस में सवार होने वाले यात्रियों की मदद करें। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो आरपीएफ के उच्चाधिकारियों से मंत्रणा की जाएगी।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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उसने तीन मार्च को शहीद एक्सप्रेस की टिकटें बुक कराए थे जोकि प्रतीक्षा में था। इसके बाद उसने वीरवार सुबह तत्काल कोटे से आम्रपाली की तीन टिकटें 2100 रुपये देकर खरीदा जोकि कंफर्म था। जब वो शुक्रवार दोपहर को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आया तो उनके कोच नंबर एस-4 के बाहर और अंदर काफी भीड़ थी। उसने जैसे-तैसे सामान और बच्चों संग पत्नी को तो कोच में चढ़ा दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की के दौरान उसकी टांग पर चोट लग गई। ट्रेन चलने के बाद जब वो पीछे हुआ तो देखा कि जेब में रखे 2200 रुपये भी किसी ने निकाल लिए। पीड़ित श्याम रजक ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ तो ट्रेन में पहले ही भीड़ अधिक है तो वहीं प्लेटफार्म पर टीटीई जनरल यात्रियों के टिकट बना रहे हैं तो वो स्लीपर कोच में घुस सकें।
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आम्रपाली एक्सप्रेस में ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं। यात्री गाली-गलौज कर रहे हैं। एक-दूसरे से मारपीट हो रही है। जनरल टिकट यात्री कंफर्म सीटों पर कब्जा करके बैठे हैं। बावजूद इसके रेलवे प्रशासन सो रहा है। सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि पीछे से ही गाड़ी भरकर आ रही है। जबकि कुछ समय पहले जब रेलवे ने सख्ती की थी तो किसी भी आरक्षित कोच में कोई भी जनरल टिकट यात्री नजर नहीं आता था।
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आरपीएफ को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि वो आम्रपाली एक्सप्रेस में सवार होने वाले यात्रियों की मदद करें। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो आरपीएफ के उच्चाधिकारियों से मंत्रणा की जाएगी।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।