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Ambala News: शंभू बार्डर पर तैनात पानीपत के जीआरपी सब इंस्पेक्टर और एक किसान की गई जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:20 AM IST
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Panipat's GRP sub-inspector and a farmer posted at Shambhu border killed
अंबाला, पानीपत। पंजाब के किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए अंबाला के शंभू बॉर्डर पर तैनात पानीपत की समालखा चौकी के सब इंस्पेक्टर हीरालाल की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में आंसू गैस का धुआं चढ़ना उनकी मौत का कारण बताया गया है। वे मूल रूप से सोनीपत के खरखौदा गांव के थे और पिछले लंबे समय पानीपत के चुलकाना स्थित ससुराल में रहते थे। जीआरपी ने शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी। दूसरी ओर किसान आंदोलन में शामिल पंजाब के गुरदासपुर निवासी ज्ञान सिंह-63 की शंभू सीमा पर मौत हो गई। बताया जाता है कि ज्ञान सिंह को आंसू गैस के गोलों से सांस लेने में तकलीफ हो गई थी। वीरवार रात्रि को अचानक से तबीयत बिगड़ गई, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उधर, दो मौतों के बाद शुक्रवार को एकबार फिर शंभू बार्डर पर टकराव देखने को मिला। बैरिकेडिंग के पास आए प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने फिर आंसू गैस के गोले का प्रयोग किया, जिसके बाद मची अफरा-तफरी में कई किसान घायल हो गए।
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मूल रूप से सोनीपत के खरखौदा गांव निवासी हीरालाल (57) जीआरपी में सब इंस्पेक्टर थे। वे शादी के बाद से पानीपत के चुलकाना स्थित अपनी ससुराल में ही रहते थे। उनके पास दो बेटे हैं और दो महीने पहले की समालखा की न्यू दुर्गा कॉलोनी में शिफ्ट हुए थे। उनकी समालखा जीआरपी चौकी में ही ड्यूटी थी। परिजनों ने बताया कि हीरालाल को 11 फरवरी को समालखा चौकी से किसान आंदोलन के चलते जीआरपी के अंबाला मुख्यालय बुलाया गया था। यहां से उनकी ड्यूटी शंभू बॉर्डर पर लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि हीरालाल की आंसू गैस चढ़ने से दो दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी। उनको अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्य सूचना मिलते ही अंबाला पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद चुलकाना गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी ओर बुजुर्ग किसान ज्ञान सिंह की मौत पर शंभू सीमा पर ही अरदास की गई। देर शाम तक उनका शव पटियाला अस्पताल से शंभू बार्डर पर लाने की तैयारी की जा रही थी।
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इधर, अंबाला में शंभू बार्डर पर शुक्रवार को दो बार युवा प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला। किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी बार-बार युवाओं को समझाने की कोशिश कर रहे थे, मगर युवा नहीं माने और ताल ठोकते हुए दोपहर में बैरिकेडिंग के पास एकत्रित हो गए। यहां पुलिस ने पहले युवाओं को वापस लौटने को कहा मगर जब वह नहीं माने तो आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। इससे शंभू बार्डर पर पंजाब की तरफ भगदड़ मच गई। कुछ युवा किसानों ने बड़ा पंखा चलकर आंसू गैस का धुआं पुलिस की तरफ करने की कोशिश की। इस बीच भगदड़ में कुछ किसान घायल भी हो गए। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल शिविर में लाया गया। अभी मामला ठंडा ही हुआ था कि शाम चार बजे एकबार फिर कुछ युवाओं ने बैरिकेड के पास जाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया।
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