{"_id":"6494c016a663ead4ff0a9124","slug":"ordinary-players-shining-at-the-international-level-ambala-news-c-36-1-sknl1017-5650-2023-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर रहे सामान्य खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर रहे सामान्य खिलाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। अंबाला के दो ऐसे स्पेचल चाइल्ड है जो ओलंपिक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। स्पेशल चाइल्ड में रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अंशु व आइस स्केटिंग खिलाड़ी तांशू बड़ी पहचान बनकर उभरे है। वहीं सामान्य खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तो अपनी पहचान बनाई है लेकिन ओलंपिक तक हाल ही में कोई नहीं पहुंच पाया। जिम्नास्टिक कोच योगेश्वर, शूटर सरबजीत से जिले के लोगों को कई उम्मीदें है।
ओलंपिक स्तर की सुविधाएं हैं अंबाला के स्टेडियम में
जानकारी के अनुसार अंबाला अब खेलों के मामले में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस हो गया है। अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का आल वैदर स्वीमिंग पूल बन गया है और खिलाड़ी साल भर हर मौसम में तैराकी की प्रेक्टिस कर रहे हैं। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर का पॉलीग्रास फुटबाल मैदान भी है और इसी तरह अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक ट्रैक भी खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जिमनास्टिक के विदेशी उपकरण भी स्टेडियम में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इस तरह की सुविधाएं मिलने के बाद खिलाड़ी जल्द ही ओलंपिक स्तर भी छू सकेंगे।
अंबाला का जिम्नास्ट योगेश्वर
छावनी के प्रभु प्रेम पुरम निवासी योगेश्वर 2023 में एशियन के अलावा 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स सहित 2022 में ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेकर अंबाला का नाम चमका चुका है। योगेश्वर अपने प्रदर्शन की बदौलत 2015 में वह सेना में बतौर हवलदार पुणे में नियुक्त हो गया था। बाद में वह कई इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताएं सेना की तरफ से ही खेले थे। अब योगेश्वर ने खेल विभाग अंबाला में बतौर जिम्नास्टिक कोच का पदभार संभाला है। योगेश्वर की नियुक्ति खेल विभाग में आउट स्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन पॉलिसी के तहत हुआ है। इसके तहत कोच नियुक्त होने के बावजूद खिलाड़ी को पांच साल तक विभाग की तरफ से खेलने की अनुमति होती है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटर सरबजोत
गांव धीन के रहने वाले किसान के बेटे सरबजोत सिंह ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।सरबजोत सिंह ने 19 वर्ष की छोटी सी आयु में ही निशानेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरबजोत ने आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग जूनियर चैंपियनशिप में जर्मनी, ताइपे के दोहा में गोल्ड मेडल जीता। अब तक वह 18 मेडल अपने नाम कर चुका है। सरबजोत की 10 मीटर एयर पिस्टल में सीनियर आईएसएसएफ विश्व कप स्वर्ण की बदौलत पेरिस ओलंपिक के दरवाजे पर मजबूत दस्तक दी है।
-- -- -
अंबाला रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अंशु स्पेशल चाइल्ड
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल स्कूल वात्सल्य का स्पेशल चाइल्ड अंबाला की पहचान बनकर उभरा है। जर्मनी के बर्लिन में चल रहे स्पेशल ओलिंपिक में अंबाला के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अंशु ने एक गोल्ड सहित तीन पदक हासिल किए। पांच साल से प्रशिक्षण ले रहा अंशु जिला व नेशनल लेवल पर एक के बाद एक कई पदक जीते हैं।
-- -- -- -
आइस स्केटर खिलाड़ी स्पेशल चाइल्ड तांशू
अंबाला कैंट का रहने वाला तांशू ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के तहत चलने वाले स्पेशल स्कूल वात्सल्य का छात्र है। तांशू ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में अपनी पहचान बनाई है। 2020 में तांशु ने स्वेडन में आयोजित विंटर स्पेशल ओलंपिक आइस स्केटिंग में गोल्ड झटका था। 2023 में गुरुग्राम में आयोजित हुई नेशनल में भी स्वर्ण हासिल किया था।
-- -- --
ओलंपिक स्तर की सुविधाएं हैं अंबाला के स्टेडियम में
जानकारी के अनुसार अंबाला अब खेलों के मामले में अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस हो गया है। अंबाला कैंट के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का आल वैदर स्वीमिंग पूल बन गया है और खिलाड़ी साल भर हर मौसम में तैराकी की प्रेक्टिस कर रहे हैं। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर का पॉलीग्रास फुटबाल मैदान भी है और इसी तरह अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक ट्रैक भी खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जिमनास्टिक के विदेशी उपकरण भी स्टेडियम में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इस तरह की सुविधाएं मिलने के बाद खिलाड़ी जल्द ही ओलंपिक स्तर भी छू सकेंगे।
विज्ञापन
अंबाला का जिम्नास्ट योगेश्वर
छावनी के प्रभु प्रेम पुरम निवासी योगेश्वर 2023 में एशियन के अलावा 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स सहित 2022 में ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेकर अंबाला का नाम चमका चुका है। योगेश्वर अपने प्रदर्शन की बदौलत 2015 में वह सेना में बतौर हवलदार पुणे में नियुक्त हो गया था। बाद में वह कई इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताएं सेना की तरफ से ही खेले थे। अब योगेश्वर ने खेल विभाग अंबाला में बतौर जिम्नास्टिक कोच का पदभार संभाला है। योगेश्वर की नियुक्ति खेल विभाग में आउट स्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन पॉलिसी के तहत हुआ है। इसके तहत कोच नियुक्त होने के बावजूद खिलाड़ी को पांच साल तक विभाग की तरफ से खेलने की अनुमति होती है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटर सरबजोत
गांव धीन के रहने वाले किसान के बेटे सरबजोत सिंह ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।सरबजोत सिंह ने 19 वर्ष की छोटी सी आयु में ही निशानेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरबजोत ने आईएसएसएफ वर्ल्ड शूटिंग जूनियर चैंपियनशिप में जर्मनी, ताइपे के दोहा में गोल्ड मेडल जीता। अब तक वह 18 मेडल अपने नाम कर चुका है। सरबजोत की 10 मीटर एयर पिस्टल में सीनियर आईएसएसएफ विश्व कप स्वर्ण की बदौलत पेरिस ओलंपिक के दरवाजे पर मजबूत दस्तक दी है।
अंबाला रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अंशु स्पेशल चाइल्ड
कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल स्कूल वात्सल्य का स्पेशल चाइल्ड अंबाला की पहचान बनकर उभरा है। जर्मनी के बर्लिन में चल रहे स्पेशल ओलिंपिक में अंबाला के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अंशु ने एक गोल्ड सहित तीन पदक हासिल किए। पांच साल से प्रशिक्षण ले रहा अंशु जिला व नेशनल लेवल पर एक के बाद एक कई पदक जीते हैं।
आइस स्केटर खिलाड़ी स्पेशल चाइल्ड तांशू
अंबाला कैंट का रहने वाला तांशू ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के तहत चलने वाले स्पेशल स्कूल वात्सल्य का छात्र है। तांशू ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में अपनी पहचान बनाई है। 2020 में तांशु ने स्वेडन में आयोजित विंटर स्पेशल ओलंपिक आइस स्केटिंग में गोल्ड झटका था। 2023 में गुरुग्राम में आयोजित हुई नेशनल में भी स्वर्ण हासिल किया था।