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Ambala News: अफसर पहुंचे लेट, लोग बोले- ये टालमटोल शिविर
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अंबाला सिटी। नगर निगम में समाधान शिविर में सुबह 9 बजे सबसे पहले डीएमसी दीपक सूरा पहुंचे। उनके बाद अन्य अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। इस दौरान कई शिकायतकर्ता भी अधिकारियों से पहले पहुंच गए थे। तभी अधिकारियों ने यहां टेबल लगवाकर सफाई करवाई और इसके बाद शिकायत सुनी।
करीब 9.30 बजे नगर निगम आयुक्त आरके सिंह पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता की भीड़ बढ़ने पर शिविर में व्यवस्था कराई। इसके बाद लगातार 11 बजे तक शिकायतें सुनीं। पहले दिन कुल 37 शिकायतें पहुंची। इनमें संपत्ति कर आईडी की 33, विकास शुल्क की दो, रिहायशी प्रमाण-पत्र बनाने की दो शिकायतें आईं। इसके साथ ही खसरा नंबर अप्रूव्ड न होने, एनडीसी न मिलने की शिकायत भी आई।
कई लोगों का कहना था कि उनका खसरा नंबर अनअप्रूव्ड दिखाया जा रहा है। वह इस शिकायत का समाधान कराने के लिए लगातार धक्के खा रहे हैं, मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ। निगम अधिकारियों का भी इसके पास कोई समाधान नहीं था। निगम अधिकारियों का कहना था कि हाउस की बैठक होने पर ही इसका समाधान होगा।
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पहली शिकायत
बलदेव नगर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उनका गीता नगरी में प्लाॅट है। वह एनडीसी लेने के लिए अढ़ाई वर्ष से चक्कर काट रहे हैं। पहले संपत्ति कर आईडी में नाम और वर्गगज गलत लिख दिया। अब एनडीसी के लिए चक्कर काट रहे हैं, मगर प्लाॅट का खसरा नंबर निगम की अप्रूव्ड सूची में नहीं है। वह डीसी ऑफिस में शिकायत दे चुके हैं। पूर्व निकाय मंत्री सुभाष सुधा से भी मिल चुके हैं। अब यहां शिविर में पहुंचे थे।
दूसरी शिकायत
शहर निवासी करतार सिंह ने बताया कि उनका मकान बादशाही बाग में है। दो वर्ष से शिकायत लेकर घूम रहे हैं। मकान पर विकास शुल्क दिखाए जा रहे हैं, जबकि विकास शुल्क भर चुके हैं। इसका रिकॉर्ड भी निगम को दे चुके हैं। 2023 में भी समाधान शिविर में शिकायत दी थी। उन्होंने ऑनलाइन भी शिकायत दी थी। अब तक समस्या का हल नहीं हुआ।
तीसरी शिकायत
जंडली से सुरेंद्र ग्रोवर ने बताया कि वह डेढ़ साल से निगम में चक्कर काट रहे हैं। प्रॉपर्टी के खसरा नंबर जुड़ने हैं। इस वजह से वह मकान के ऊपर निर्माण नहीं कर पा रहे। इस वजह से साइट प्लान सबमिट नहीं होता। निगम अधिकारी उनको लगातार चक्कर कटवा रहे हैं। अब निगम का कहना है कि यह मुद्दा हाउस की बैठक में पास होना है। उन्होंने कहा कि वह इस शिविर से संतुष्ट नहीं है। यह समाधान नहीं टालमटोल शिविर है।
चाैथी शिकायत
शहर परशुराम नगर के बलवीर सिंह ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी अप्रूव्ड थी, लेकिन जब उन्होंने आईडी में नाम अपडेट करवाया तो उनकी प्रॉपर्टी अनअप्रूव्ड कर दी गई। उन्होंने विकास शुल्क भरे हुए थे। वह चार महीने से चक्कर काट रहे हैं। पहले भी शिकायत दे चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। इसी तरह नसीब सिंह ने परिवार पहचान पत्र में इनकम ज्यादा आने की शिकायत दी। मंडौर के बलविंद्र सिंह ने रिहायशी भवन का कमर्शियल टैक्स देने, एरिया 433 गज की जगह 550 दिखाने की शिकायत दी।
हाउस की बैठक के कारण अटके कई मामले : आयुक्त
निगम आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि पहले दिन समाधान शिविर में लोगों की शिकायत सुनी गई। यह समाधान लगातार लगाया जाएगा। शिविर में पहुंची शिकायतों को मौके पर हल करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। अगर हल नहीं होती तो शिकायतकर्ता को 24 घंटे में मैसेज और फोन किया जाएगा कि उसकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। शहर में कुछ खसरा नंबर ऐसे हैं, जो उनकी अप्रूव्ड सूची में नहीं आते। इसके लिए हाउस की बैठक होगी। कई मुद्दे ऐसे हैं, जो हाउस की बैठक न होने के कारण राज्य सरकार के पास नहीं जा पाए। पहले यह मुद्दे हाउस में पास होंगे, उसके बाद सरकार के पास जाएंगे। इसके बाद वहां से पास होंगे। शहर में कुछ ऐसे पैच हैं, जो अनअप्रूव्ड में आ गए हैं। उनको हाउस बैठक में रखा था और अब दोबारा हाउस की बैठक नहीं हो पाई। उनकी प्राथमिकता रहेगी कि हाउस की बैठक करवाई जाए और इन मुद्दों को पास करवाया जाए। जिले में स्ट्रीट लाइट भी चेक की गई। जो लाइट वह ठीक करवा सकते हैं या उनके पास मौजूद हैं, वह चौक-चौराहों व बाजारों में लाइट लगाई जाएगी।
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करीब 9.30 बजे नगर निगम आयुक्त आरके सिंह पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता की भीड़ बढ़ने पर शिविर में व्यवस्था कराई। इसके बाद लगातार 11 बजे तक शिकायतें सुनीं। पहले दिन कुल 37 शिकायतें पहुंची। इनमें संपत्ति कर आईडी की 33, विकास शुल्क की दो, रिहायशी प्रमाण-पत्र बनाने की दो शिकायतें आईं। इसके साथ ही खसरा नंबर अप्रूव्ड न होने, एनडीसी न मिलने की शिकायत भी आई।
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कई लोगों का कहना था कि उनका खसरा नंबर अनअप्रूव्ड दिखाया जा रहा है। वह इस शिकायत का समाधान कराने के लिए लगातार धक्के खा रहे हैं, मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ। निगम अधिकारियों का भी इसके पास कोई समाधान नहीं था। निगम अधिकारियों का कहना था कि हाउस की बैठक होने पर ही इसका समाधान होगा।
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पहली शिकायत
बलदेव नगर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उनका गीता नगरी में प्लाॅट है। वह एनडीसी लेने के लिए अढ़ाई वर्ष से चक्कर काट रहे हैं। पहले संपत्ति कर आईडी में नाम और वर्गगज गलत लिख दिया। अब एनडीसी के लिए चक्कर काट रहे हैं, मगर प्लाॅट का खसरा नंबर निगम की अप्रूव्ड सूची में नहीं है। वह डीसी ऑफिस में शिकायत दे चुके हैं। पूर्व निकाय मंत्री सुभाष सुधा से भी मिल चुके हैं। अब यहां शिविर में पहुंचे थे।
दूसरी शिकायत
शहर निवासी करतार सिंह ने बताया कि उनका मकान बादशाही बाग में है। दो वर्ष से शिकायत लेकर घूम रहे हैं। मकान पर विकास शुल्क दिखाए जा रहे हैं, जबकि विकास शुल्क भर चुके हैं। इसका रिकॉर्ड भी निगम को दे चुके हैं। 2023 में भी समाधान शिविर में शिकायत दी थी। उन्होंने ऑनलाइन भी शिकायत दी थी। अब तक समस्या का हल नहीं हुआ।
तीसरी शिकायत
जंडली से सुरेंद्र ग्रोवर ने बताया कि वह डेढ़ साल से निगम में चक्कर काट रहे हैं। प्रॉपर्टी के खसरा नंबर जुड़ने हैं। इस वजह से वह मकान के ऊपर निर्माण नहीं कर पा रहे। इस वजह से साइट प्लान सबमिट नहीं होता। निगम अधिकारी उनको लगातार चक्कर कटवा रहे हैं। अब निगम का कहना है कि यह मुद्दा हाउस की बैठक में पास होना है। उन्होंने कहा कि वह इस शिविर से संतुष्ट नहीं है। यह समाधान नहीं टालमटोल शिविर है।
चाैथी शिकायत
शहर परशुराम नगर के बलवीर सिंह ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी अप्रूव्ड थी, लेकिन जब उन्होंने आईडी में नाम अपडेट करवाया तो उनकी प्रॉपर्टी अनअप्रूव्ड कर दी गई। उन्होंने विकास शुल्क भरे हुए थे। वह चार महीने से चक्कर काट रहे हैं। पहले भी शिकायत दे चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। इसी तरह नसीब सिंह ने परिवार पहचान पत्र में इनकम ज्यादा आने की शिकायत दी। मंडौर के बलविंद्र सिंह ने रिहायशी भवन का कमर्शियल टैक्स देने, एरिया 433 गज की जगह 550 दिखाने की शिकायत दी।
हाउस की बैठक के कारण अटके कई मामले : आयुक्त
निगम आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि पहले दिन समाधान शिविर में लोगों की शिकायत सुनी गई। यह समाधान लगातार लगाया जाएगा। शिविर में पहुंची शिकायतों को मौके पर हल करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। अगर हल नहीं होती तो शिकायतकर्ता को 24 घंटे में मैसेज और फोन किया जाएगा कि उसकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। शहर में कुछ खसरा नंबर ऐसे हैं, जो उनकी अप्रूव्ड सूची में नहीं आते। इसके लिए हाउस की बैठक होगी। कई मुद्दे ऐसे हैं, जो हाउस की बैठक न होने के कारण राज्य सरकार के पास नहीं जा पाए। पहले यह मुद्दे हाउस में पास होंगे, उसके बाद सरकार के पास जाएंगे। इसके बाद वहां से पास होंगे। शहर में कुछ ऐसे पैच हैं, जो अनअप्रूव्ड में आ गए हैं। उनको हाउस बैठक में रखा था और अब दोबारा हाउस की बैठक नहीं हो पाई। उनकी प्राथमिकता रहेगी कि हाउस की बैठक करवाई जाए और इन मुद्दों को पास करवाया जाए। जिले में स्ट्रीट लाइट भी चेक की गई। जो लाइट वह ठीक करवा सकते हैं या उनके पास मौजूद हैं, वह चौक-चौराहों व बाजारों में लाइट लगाई जाएगी।