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अब विशेष बच्चे को जल्द मिलेगा शेल्टर होम
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:33 AM IST
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बच्चे के बारे में कार्रवाई करती टीम
- फोटो : amar ujala
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शेल्टर होम की आस में महीनों से घर में रस्सियों से बंधे विशेष सात वर्षीय बच्चे को अब जल्द शेल्टर होम नसीब होगा। उसे अपने घर में रस्सियों के बंधन से भी मुक्ति मिलेगी और शेल्टर होम में विशेषज्ञों की स्पेशल केयर भी मिलेगी। क्योंकि हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व जिला बाल संरक्षण विभाग को दो दिन में बच्चे के केस की फाइल निपटाने और उसे स्पेशल शेल्टर होम भिजवाने के आदेश दिए हैं।
जबकि करधान इलाके में स्थित आंगनवाड़ी इंचार्ज को भी निर्देश दिए गए हैं कि जब तक मंदबुद्धि बच्चे के शेल्टर होम में पहुंचने की औपचारिकताएं पूरी नहीं होती, तब तक बच्चे के लिए स्पेशल आंगनवाड़ी से ही तीनों वक्त का खाना जाएगा और उसे बकायदा खिलाया भी जाएगा।
टीम में आयोग के सदस्य सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, अंबाला चाइल्ड लाइन से नरेश मित्तल व कोर्डिनेटर रेखा शर्मा, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्ॅय डा. कुलदीप सिंह, राजेश कुमार मौजूद रहे। टीम ने बच्चे के घर में जाकर सारी स्थिति का जायजा लिया और अंबाला चाइल्डलाइन की टीम को भी निर्देश दिए कि वे भी इस बच्चे को शेल्टर होम भेजने पर अपनी निगरानी में रखे और उसका फॉलोअप रखें।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि 05 जुलाई 2016 के अंक में अमर उजाला ने ‘फाइलों में राहत, जंजीरों में विशेष बच्चा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर बच्चों की स्थिति को प्रमुखता से उजागर किया था। खबर में बताया गया था कि किस तरह बच्चे की बुुजुर्ग दादी व अस्वस्थ पिता ने अपनी माली हालत के चलते करीबन दो माह पूर्व अंबाला चाइल्डलाइन में मेडिकल हेल्प और अपने विशेष बच्चे को शेल्टर होम में भिजवाने की गुहार लगाई। अंबाला चाइल्डलाइन ने इस केस को जिला बाल संरक्षण विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पुटअप किया और संबंधित इकाइयों ने बच्चे के मेडिकल के बावजूद पिता का मेडिकल करवाने की बात कहकर फाइल पर ऑब्जेक्शन कर दिया। इसी वजह से बच्चा घर में ही रस्सियों से जकड़े रहने को मजबूर था। लेकिन अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अब दो दिन में औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को शेल्टर होम में भिजवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
वर्जन
टीम ने बच्चे के घर का जायजा लेकर उसकी हालत को देखा है, बच्चा और उसका परिवार काफी दयनीय हालत में हैं। बच्चे को जल्द शेल्टर होम और स्पेशल केयर उपलब्ध करवाने के लिए अंबाला चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण विभाग व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और तब तक इलाके की आंगनवाड़ी इंचार्ज बच्चे के खाने का ध्यान रखेंगी। ऐसे केसों में पिता के मेडिकल करवाए जाने का कोई प्रावधान नहीं है, बच्चे का मेडिकल हो गया है और मनोचिकित्सकों ने बच्चे को स्पेशल केयर की सिफारिश भी कर दी है।
-सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकारी संरक्षण आयोग।
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जबकि करधान इलाके में स्थित आंगनवाड़ी इंचार्ज को भी निर्देश दिए गए हैं कि जब तक मंदबुद्धि बच्चे के शेल्टर होम में पहुंचने की औपचारिकताएं पूरी नहीं होती, तब तक बच्चे के लिए स्पेशल आंगनवाड़ी से ही तीनों वक्त का खाना जाएगा और उसे बकायदा खिलाया भी जाएगा।
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टीम में आयोग के सदस्य सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, अंबाला चाइल्ड लाइन से नरेश मित्तल व कोर्डिनेटर रेखा शर्मा, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्ॅय डा. कुलदीप सिंह, राजेश कुमार मौजूद रहे। टीम ने बच्चे के घर में जाकर सारी स्थिति का जायजा लिया और अंबाला चाइल्डलाइन की टीम को भी निर्देश दिए कि वे भी इस बच्चे को शेल्टर होम भेजने पर अपनी निगरानी में रखे और उसका फॉलोअप रखें।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि 05 जुलाई 2016 के अंक में अमर उजाला ने ‘फाइलों में राहत, जंजीरों में विशेष बच्चा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर बच्चों की स्थिति को प्रमुखता से उजागर किया था। खबर में बताया गया था कि किस तरह बच्चे की बुुजुर्ग दादी व अस्वस्थ पिता ने अपनी माली हालत के चलते करीबन दो माह पूर्व अंबाला चाइल्डलाइन में मेडिकल हेल्प और अपने विशेष बच्चे को शेल्टर होम में भिजवाने की गुहार लगाई। अंबाला चाइल्डलाइन ने इस केस को जिला बाल संरक्षण विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पुटअप किया और संबंधित इकाइयों ने बच्चे के मेडिकल के बावजूद पिता का मेडिकल करवाने की बात कहकर फाइल पर ऑब्जेक्शन कर दिया। इसी वजह से बच्चा घर में ही रस्सियों से जकड़े रहने को मजबूर था। लेकिन अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अब दो दिन में औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को शेल्टर होम में भिजवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
वर्जन
टीम ने बच्चे के घर का जायजा लेकर उसकी हालत को देखा है, बच्चा और उसका परिवार काफी दयनीय हालत में हैं। बच्चे को जल्द शेल्टर होम और स्पेशल केयर उपलब्ध करवाने के लिए अंबाला चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण विभाग व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और तब तक इलाके की आंगनवाड़ी इंचार्ज बच्चे के खाने का ध्यान रखेंगी। ऐसे केसों में पिता के मेडिकल करवाए जाने का कोई प्रावधान नहीं है, बच्चे का मेडिकल हो गया है और मनोचिकित्सकों ने बच्चे को स्पेशल केयर की सिफारिश भी कर दी है।
-सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकारी संरक्षण आयोग।