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अब ओलावृष्टि ने बरपाया फसलों पर कहर
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अंबाला/साहा/नारायणगढ़। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब क्षेत्र में ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों पर कहर बरपाया। उपमंडल के मौजा लाहा के एक बड़े भाग में ओले गिरने से किसानों की गेहूं,आलू व अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ओलों की मार से फसलें चौपट होने से किसानों के चेहरों में मायूसी है। ओलावृष्टि से लाहा मंडलाये रोड व आसपास के खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। लाहा के समीप तो कार, दो पहिया और अन्य छोटे वाहनाें के संचालन में भी भारी दिक्कतें हुई। कई जगहों पर लाहा, खानपुर राजपुतान के बच्चे ओलों के गोले बना कर मस्ती करते नजर आए।
बुधवार को मौसम विभाग ने बरसात की भविष्यवाणी की हुई थी लेकिन इसे केवल 30 प्रतिशत बताया गया था। दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद अचानक बरसात के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। कुछ हलकों में तो हलके व छोटे आकार के ओले पड़े, लेकिन मौजा लाहा में तो ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया। एक बड़े भाग में खेत ओलों की सफेद चादर से ढके नजर आए।
ठेके पर भूमि लेकर खेती करने वाले मनजीत ने बताया कि उसने दो एकड़ भूमि 30 हजार रुपये की दर से ठेके पर ली हुई है। इसमें उसने लगभग पौने किले रकबे में आलू लगा रखे हैं। बाकी में गेंहू की फसल खड़ी है। पहले हुई बरसात ने फसलों को काफी नुकसान किया था। अब ओलावृष्टि ने तो सब कुछ खत्म कर दिया है। उसने बताया कि इसी तरह अन्य किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग की है। बरसात के कारण इस बार सरसों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है
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मोबाइल पर फोटो खींचते नजर आए लोग
बुधवार को हुई भारी ओलावृष्टि से कई जगहों पर बर्फ की तरह सफेद चादर सी बिछ गई। इससे इन जगहों पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। किशोर व महिलाएं इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। लोग खेतों के कच्चे गोहर व रास्तों को ही मॉल रोड समझ कर मस्ती करते नजर आए।
सुबह से छाया रहा कोहरा
क्षेत्र में बुधवार सुबह से काफी कोहरा छाया रहा। 10 बजे के बाद खिली धूप से लोगों को राहत मिली लेकिन ठंड और शीतलहर जारी रही। दिन में ओलावृष्टि के बाद शाम को चार बजे हल्की धूप खिली। इसके बाद बादल छाये रहे।
साहा में साढ़े पांच बजे हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि
साहा। क्षेत्र में सायं करीब साढ़े पांच बजे भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे फसलों को काफी नुकसान होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ खेतों में खड़ी पकी हुई तोड़िए और सरसों की फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है। अचानक ओलावृष्टि शुरू होने के कारण साहा अनाज मंडी में आढ़ती किसानों की सरसों व तोड़िए की फसल भी नहीं संभाल सके। फसल पूरी तरह पानी में भीग गई ।
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बुधवार को मौसम विभाग ने बरसात की भविष्यवाणी की हुई थी लेकिन इसे केवल 30 प्रतिशत बताया गया था। दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद अचानक बरसात के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। कुछ हलकों में तो हलके व छोटे आकार के ओले पड़े, लेकिन मौजा लाहा में तो ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया। एक बड़े भाग में खेत ओलों की सफेद चादर से ढके नजर आए।
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ठेके पर भूमि लेकर खेती करने वाले मनजीत ने बताया कि उसने दो एकड़ भूमि 30 हजार रुपये की दर से ठेके पर ली हुई है। इसमें उसने लगभग पौने किले रकबे में आलू लगा रखे हैं। बाकी में गेंहू की फसल खड़ी है। पहले हुई बरसात ने फसलों को काफी नुकसान किया था। अब ओलावृष्टि ने तो सब कुछ खत्म कर दिया है। उसने बताया कि इसी तरह अन्य किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग की है। बरसात के कारण इस बार सरसों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है
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मोबाइल पर फोटो खींचते नजर आए लोग
बुधवार को हुई भारी ओलावृष्टि से कई जगहों पर बर्फ की तरह सफेद चादर सी बिछ गई। इससे इन जगहों पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। किशोर व महिलाएं इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। लोग खेतों के कच्चे गोहर व रास्तों को ही मॉल रोड समझ कर मस्ती करते नजर आए।
सुबह से छाया रहा कोहरा
क्षेत्र में बुधवार सुबह से काफी कोहरा छाया रहा। 10 बजे के बाद खिली धूप से लोगों को राहत मिली लेकिन ठंड और शीतलहर जारी रही। दिन में ओलावृष्टि के बाद शाम को चार बजे हल्की धूप खिली। इसके बाद बादल छाये रहे।
साहा में साढ़े पांच बजे हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि
साहा। क्षेत्र में सायं करीब साढ़े पांच बजे भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे फसलों को काफी नुकसान होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ खेतों में खड़ी पकी हुई तोड़िए और सरसों की फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है। अचानक ओलावृष्टि शुरू होने के कारण साहा अनाज मंडी में आढ़ती किसानों की सरसों व तोड़िए की फसल भी नहीं संभाल सके। फसल पूरी तरह पानी में भीग गई ।