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Ambala News: अब एक क्लिक में मारपीट और पोस्टमार्टम की जानकारी दे सकेंगे डॉक्टर
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अंबाला छावनी का नागरिक अस्पताल
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अंशु शर्मा
अंबाला। प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों की इमरजेंसी में बैठने वाले डॉक्टर अब एक क्लिक से ही थाने में आने वाले केसों की जानकारी दे सकेंगे। जैसे ही अस्पताल में मारपीट का केस आता है या फिर संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम की नौबत आती है तो डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के ही पोर्टल पर तमाम जानकारी डालेंगे।
इस साथ ही ऑनलाइन पुलिस को सूचना यानी रूक्का दे सकेंगे। पहले रूक्का अस्पताल की चौकी में दिया जाता था और फिर वहां से आगे भेजा जाता था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के इमरजेंसी वार्ड में चलने वाले एमएलसी और अन्य जानकारी से जुड़े पोर्टल में बदलाव किया है। इसमें रूक्का यानी पुलिस सूचना का भी विकल्प दिया गया है। संबंधित डॉक्टर अपनी आईडी से पोर्टल को खोलेगा और क्लिक करते ही पहले शहर का नाम और फिर उस इलाके से संबंधित थाने का नाम आ जाएगा।
ऐसे में डॉक्टर संबंधित मामले से जुड़ी जानकारी जैसे मरीज का नाम, पता, लगी चोटों आदि से जुड़ी जानकारी डाल देंगे। ऐसे में एक जानकारी सीधा पुलिस थाने और उस एमएलसी का एक प्रिंट भी निकालेंगे, जिससे कि वो मरीज को दे सकें। जिससे वह थाने में जाकर कार्रवाई करवा सके। अंबाला में यह शुरू हो गया है और जल्द ही प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों में इसका लाभ उठाया जा सकेगा।
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पहले मुश्किल की थी ये प्रक्रिया
नागरिक अस्पतालों में स्थापित पुलिस चौकियों के मुलाजिमों को डॉक्टर आने वाले बड़े हादसों, मारपीट और संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम की जानकारी देते थे। वहां से मुलाजिम रूक्का बुक से जानकारी लेकर पहले अपने रिकॉर्ड में लिखता था और फिर संबंधित पुलिस थाने और चौकी में रिपोर्ट करता था। मारपीट के मामलों में लोग आकर एमएलसी कराकर पुलिस से कार्रवाई कराने की बात करते हैं। कई बार डॉक्टर मरीज की एमएलसी काट देते थे, लेकिन मरीज थाने में पहुंचने से पहले ही समझौता कर लेते थे। जबकि इलाका पुलिस को मारपीट के मामले की भनक तक नहीं लगती थी। जबकि कई अस्पताल की चौकी में भी मामला रफा-दफा कर लेते थे।
नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मारपीट, बड़े हादसों व संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम वाले केसों की जानकारी सीधा ही संबंधित इलाका पुलिस को ऑनलाइन दे रहे हैं। इससे पुलिस को भी अस्पताल में आने वाले इस तरह के सभी मामलों की जानकारी होगी।
डॉ. अंकुश गोयल, मेडिकल ऑफिसर, छावनी नागरिक अस्पताल
नागरिक अस्पताल से डॉक्टर अब ऑनलाइन ही रूक्का भेज रहे हैं। ऑनलाइन के जरिए पहले संबंधित जानकारी पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाती है और वहां से होकर चौकी में पहुंचती है। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी जाती है।
रोहित, सब इंस्पेक्टर, रेजिमेंट चौकी अंबाला
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अंबाला। प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों की इमरजेंसी में बैठने वाले डॉक्टर अब एक क्लिक से ही थाने में आने वाले केसों की जानकारी दे सकेंगे। जैसे ही अस्पताल में मारपीट का केस आता है या फिर संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम की नौबत आती है तो डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के ही पोर्टल पर तमाम जानकारी डालेंगे।
इस साथ ही ऑनलाइन पुलिस को सूचना यानी रूक्का दे सकेंगे। पहले रूक्का अस्पताल की चौकी में दिया जाता था और फिर वहां से आगे भेजा जाता था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के इमरजेंसी वार्ड में चलने वाले एमएलसी और अन्य जानकारी से जुड़े पोर्टल में बदलाव किया है। इसमें रूक्का यानी पुलिस सूचना का भी विकल्प दिया गया है। संबंधित डॉक्टर अपनी आईडी से पोर्टल को खोलेगा और क्लिक करते ही पहले शहर का नाम और फिर उस इलाके से संबंधित थाने का नाम आ जाएगा।
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ऐसे में डॉक्टर संबंधित मामले से जुड़ी जानकारी जैसे मरीज का नाम, पता, लगी चोटों आदि से जुड़ी जानकारी डाल देंगे। ऐसे में एक जानकारी सीधा पुलिस थाने और उस एमएलसी का एक प्रिंट भी निकालेंगे, जिससे कि वो मरीज को दे सकें। जिससे वह थाने में जाकर कार्रवाई करवा सके। अंबाला में यह शुरू हो गया है और जल्द ही प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों में इसका लाभ उठाया जा सकेगा।
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पहले मुश्किल की थी ये प्रक्रिया
नागरिक अस्पतालों में स्थापित पुलिस चौकियों के मुलाजिमों को डॉक्टर आने वाले बड़े हादसों, मारपीट और संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम की जानकारी देते थे। वहां से मुलाजिम रूक्का बुक से जानकारी लेकर पहले अपने रिकॉर्ड में लिखता था और फिर संबंधित पुलिस थाने और चौकी में रिपोर्ट करता था। मारपीट के मामलों में लोग आकर एमएलसी कराकर पुलिस से कार्रवाई कराने की बात करते हैं। कई बार डॉक्टर मरीज की एमएलसी काट देते थे, लेकिन मरीज थाने में पहुंचने से पहले ही समझौता कर लेते थे। जबकि इलाका पुलिस को मारपीट के मामले की भनक तक नहीं लगती थी। जबकि कई अस्पताल की चौकी में भी मामला रफा-दफा कर लेते थे।
नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मारपीट, बड़े हादसों व संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम वाले केसों की जानकारी सीधा ही संबंधित इलाका पुलिस को ऑनलाइन दे रहे हैं। इससे पुलिस को भी अस्पताल में आने वाले इस तरह के सभी मामलों की जानकारी होगी।
डॉ. अंकुश गोयल, मेडिकल ऑफिसर, छावनी नागरिक अस्पताल
नागरिक अस्पताल से डॉक्टर अब ऑनलाइन ही रूक्का भेज रहे हैं। ऑनलाइन के जरिए पहले संबंधित जानकारी पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाती है और वहां से होकर चौकी में पहुंचती है। सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी जाती है।
रोहित, सब इंस्पेक्टर, रेजिमेंट चौकी अंबाला